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Wednesday, August 26, 2026, 1:36 am

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दिलीप कुमार पुरोहित-डायरेक्टर राइजिंग भास्कर प्राइवेट लिमिटेड ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण जयपुर पीठ के समक्ष प्रियंका शर्मा और अमित सांखला को लेकर वाद प्रस्तुत किया

कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत प्रस्तुत आवेदन/प्रार्थना-पत्र

प्रकरण : RISING BHASKAR PRIVATE LIMITED

प्रार्थी

श्री दिलीप कुमार पुरोहित
डायरेक्टर, राइजिंग भास्कर प्राइवेट लिमिटेड
हाल निवासी : 2-ग-27, मधुबन हाउसिंग बोर्ड,
शिव मंदिर के सामने वाली गली, जोधपुर-342005, राजस्थान।

बनाम

1. प्रियंका शर्मा
पूर्व डायरेक्टर, राइजिंग भास्कर प्राइवेट लिमिटेड
निवासी : 18-ई/558, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, सेक्टर 18-ई,
नियर नारकोटिक्स ऑफिस, नंदनवन, जोधपुर-342008, राजस्थान।

2. श्री अमित सांखला
पूर्व डायरेक्टर, राइजिंग भास्कर प्राइवेट लिमिटेड
निवासी : संस्कार 662/16, नियर कन्या स्कूल,
नागौरी बेरा, मंडोर, सुरपुरा, जोधपुर-342304, राजस्थान।


विषय : राइजिंग भास्कर प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशकों द्वारा त्याग-पत्र दिए जाने के पश्चात कंपनी की वैधानिक एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूर्ण कराने, आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा शेयर हस्तांतरण सहित लंबित कॉरपोरेट औपचारिकताओं में सहयोग हेतु उचित निर्देश प्रदान किए जाने बाबत आवेदन।

महोदय,

प्रार्थी अत्यंत विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित तथ्य एवं परिस्थितियां माननीय अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करता है :—

1. कंपनी का गठन और प्रारंभिक संरचना

  1. यह कि RISING BHASKAR PRIVATE LIMITED का हाल ही में विधिवत कंपनी के रूप में गठन एवं पंजीयन किया गया है। कंपनी के गठन एवं पंजीयन से संबंधित अधिकांश तकनीकी, दस्तावेजी एवं कॉरपोरेट औपचारिकताएं अप्रार्थी संख्या 1 श्रीमती प्रियंका शर्मा तथा अप्रार्थी संख्या 2 श्री अमित सांखला की देखरेख एवं मार्गदर्शन में संपादित हुई थीं।
  2. यह कि प्रार्थी श्री दिलीप कुमार पुरोहित एवं उनकी पत्नी श्रीमती राखी पुरोहित को कंपनी गठन की तकनीकी एवं विधिक प्रक्रिया का अपेक्षाकृत सीमित अनुभव था। अतः कंपनी गठन के समय अप्रार्थीगण द्वारा उपलब्ध कराए गए निर्देशों एवं जानकारी पर विश्वास करते हुए प्रार्थीगण ने विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए तथा आवश्यक औपचारिकताओं में सहयोग किया।
  3. यह कि प्रार्थीगण का उद्देश्य कंपनी को विधि सम्मत ढंग से संचालित करना तथा मीडिया क्षेत्रों में कंपनी की गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।

2. अप्रार्थीगण का निदेशक पद से त्याग-पत्र

  1. यह कि कंपनी के गठन के पश्चात प्रार्थीगण एवं अप्रार्थीगण के मध्य कुछ अपरिहार्य कारणों से वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो गए।
  2. यह कि उक्त परिस्थितियों के पश्चात अप्रार्थी संख्या 1 प्रियंका शर्मा एवं अप्रार्थी संख्या 2 अमित सांखला ने कंपनी के निदेशक पद से अपना-अपना त्याग-पत्र प्रस्तुत कर दिया।
  3. यह कि अप्रार्थीगण द्वारा प्रस्तुत त्याग-पत्रों में उनके द्वारा कंपनी में धारित शेयरों को प्रार्थी श्री दिलीप कुमार पुरोहित एवं श्रीमती राखी पुरोहित के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने की इच्छा/सहमति का उल्लेख किया गया था।
  4. यह कि उक्त उल्लेख के कारण प्रार्थीगण को यह विश्वास हुआ कि अप्रार्थीगण निदेशक पद से अलग होने के साथ-साथ शेयर हस्तांतरण से संबंधित आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं भी शीघ्र पूरी करेंगे, जिससे कंपनी का संचालन निर्विघ्न रूप से प्रार्थीगण द्वारा किया जा सके।

3. कंपनी की प्रारंभिक अवस्था में बोर्ड बैठक न हो पाना

  1. यह कि कंपनी के गठन और अप्रार्थीगण द्वारा त्याग-पत्र दिए जाने के बीच की अत्यंत प्रारंभिक अवधि में कंपनी की कोई नियमित बोर्ड बैठक आयोजित नहीं हो सकी थी।
  2. यह स्थिति कंपनी के बिल्कुल प्रारंभिक चरण में उत्पन्न हुई, जब कंपनी की स्थापना से संबंधित तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्य ही चल रहे थे।
  3. यह कि अप्रार्थीगण के त्याग-पत्र प्रस्तुत करने के पश्चात प्रार्थी श्री दिलीप कुमार पुरोहित एवं श्रीमती राखी पुरोहित ने कंपनी के शेष निदेशकों के रूप में आपसी विचार-विमर्श कर अप्रार्थीगण के त्याग-पत्रों को स्वीकार करने तथा आवश्यक कॉरपोरेट औपचारिकताएं पूरी करने का निर्णय लिया।
  4. यह कि प्रार्थी श्री दिलीप कुमार पुरोहित को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया।

4. DSC उपलब्ध न होने से उत्पन्न तकनीकी कठिनाई

  1. यह कि कंपनी नई-नई पंजीकृत होने के कारण उस समय प्रार्थी श्री दिलीप कुमार पुरोहित एवं श्रीमती राखी पुरोहित के Digital Signature Certificates अर्थात DSC उनके पास उपलब्ध नहीं थे।
  2. यह कि कंपनी गठन की अधिकांश तकनीकी प्रक्रिया अप्रार्थीगण की देखरेख में हुई थी। अतः प्रार्थीगण ने अप्रार्थीगण से अपने DSC अथवा उनसे संबंधित आवश्यक जानकारी/दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
  3. यह कि अप्रार्थी संख्या 1 द्वारा प्रार्थी को यह बताया गया कि संबंधित DSC कूरियर के माध्यम से प्राप्त होंगे।
  4. यह कि इसके बावजूद काफी समय बीत जाने के बाद भी प्रार्थीगण को उक्त DSC प्राप्त नहीं हुए।
  5. यह कि प्रार्थीगण ने इस संबंध में अप्रार्थीगण से मौखिक एवं लिखित रूप से अनेक बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हो सका।

5. कंपनी के हित में प्रार्थी द्वारा स्वयं वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाना

  1. यह कि कंपनी के संचालन में अनावश्यक विलंब न हो और कंपनी की वैधानिक समय-सीमाओं का उल्लंघन न हो, इस उद्देश्य से प्रार्थी श्री दिलीप कुमार पुरोहित ने पुनः अपना DSC एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट के माध्यम से बनवाया।
  2. यह कि उक्त DSC उपलब्ध होने के पश्चात प्रार्थी ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट के माध्यम से कंपनी के कॉरपोरेट रिकॉर्ड एवं MCA portal पर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।
  3. यह कि अप्रार्थीगण द्वारा प्रस्तुत त्याग-पत्रों के संबंध में आवश्यक कॉरपोरेट कार्रवाई की जा चुकी है तथा MCA portal पर संबंधित विवरण दर्ज/प्रस्तुत किया जा चुका है।
  4. यह कि प्रार्थी का उद्देश्य किसी अप्रार्थी के विरुद्ध व्यक्तिगत विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि कंपनी को वैधानिक एवं सुचारु रूप से संचालित करना है।

6. शेयर हस्तांतरण अभी लंबित

  1. यह कि अप्रार्थी संख्या 1 एवं 2 ने अपने त्याग-पत्रों में अपने शेयर प्रार्थी श्री दिलीप कुमार पुरोहित एवं श्रीमती राखी पुरोहित के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने का उल्लेख किया था।
  2. तथापि, वास्तविक शेयर हस्तांतरण के लिए आवश्यक दस्तावेज, हस्तांतरण साधन, प्रमाण-पत्र अथवा अन्य वैधानिक औपचारिकताएं अभी तक पूर्ण नहीं हुई हैं।
  3. यह कि प्रार्थीगण ने अप्रार्थीगण से अनुरोध किया कि वे कंपनी के Articles of Association तथा Companies Act के अनुरूप शेयर हस्तांतरण की आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाएं और हस्ताक्षर करें।
  4. यह कि अप्रार्थीगण द्वारा इस संबंध में अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है।
  5. यह कि प्रार्थीगण यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वे किसी भी प्रकार से ऐसी शेयर-एंट्री अथवा हस्तांतरण नहीं चाहते जो Companies Act, 2013 अथवा कंपनी के Articles of Association के विपरीत हो।
  6. प्रार्थीगण केवल यह चाहते हैं कि अप्रार्थीगण द्वारा अपने त्याग-पत्रों में व्यक्त की गई सहमति/मंशा के अनुरूप, यदि विधि एवं कंपनी के Articles के अनुसार हस्तांतरण अनुमत हो, तो आवश्यक वैधानिक दस्तावेज एवं औपचारिकताएं पूरी करने में अप्रार्थीगण सहयोग करें।

Companies Act की धारा 56 शेयरों के हस्तांतरण से संबंधित वैधानिक व्यवस्था करती है; इसलिए इस आवेदन में शेयर हस्तांतरण को स्वतः पूर्ण मानने के बजाय आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी कराने की प्रार्थना करना अधिक सुरक्षित है।


7. अप्रार्थीगण से संपर्क के प्रयास

  1. यह कि प्रार्थी ने अप्रार्थी संख्या 1 एवं 2 से फोन, WhatsApp संदेश तथा अन्य उपलब्ध माध्यमों से अनेक बार संपर्क करने का प्रयास किया।
  2. यह कि कई अवसरों पर फोन कॉल का उत्तर नहीं दिया गया तथा WhatsApp संदेशों का भी कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ।
  3. यह कि प्रार्थीगण ने किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न करने के बजाय सौहार्दपूर्ण एवं आपसी सहमति से मामले का समाधान करने का निरंतर प्रयास किया।
  4. यह कि प्रार्थीगण का स्पष्ट मत है कि कंपनी एक नई संस्था है और प्रारंभिक अवस्था में विवाद उत्पन्न होने से कंपनी की व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

8. कंपनी का बैंक खाता एवं व्यावसायिक संचालन

  1. यह कि कंपनी के नियमित व्यावसायिक संचालन के लिए बैंक खाता खोला जाना आवश्यक है।
  2. यह कि कंपनी के बैंकिंग एवं अन्य कॉरपोरेट कार्यों के लिए कंपनी की वर्तमान निदेशक संरचना, शेयरहोल्डिंग तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों का स्पष्ट एवं अद्यतन होना आवश्यक है।
  3. यह कि अप्रार्थीगण द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने एवं शेयर हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं करने के कारण कंपनी के प्रशासनिक एवं व्यावसायिक कार्यों में अनावश्यक कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
  4. यह कि प्रार्थीगण किसी भी प्रकार से अप्रार्थीगण के वैधानिक अधिकारों का हनन नहीं चाहते, बल्कि केवल कंपनी के अभिलेखों एवं संरचना को विधि के अनुसार स्पष्ट एवं व्यवस्थित करना चाहते हैं।

9. कंपनी के Registered Office से संबंधित स्थिति

  1. यह कि कंपनी के गठन के समय अप्रार्थी संख्या 1 श्रीमती प्रियंका शर्मा के आवासीय पते को कंपनी के Registered Office के रूप में दर्ज किया गया था।
  2. उक्त पता इस प्रकार है :

18-ई/558, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, सेक्टर 18-ई,
नियर नारकोटिक्स ऑफिस, नंदनवन, जोधपुर-342008, राजस्थान।

  1. यह कि कंपनी गठन के समय इस पते को Registered Office के रूप में उपयोग किए जाने के संबंध में क्या दस्तावेज, अनुमति, agreement, consent अथवा अन्य शर्तें निर्धारित की गई थीं, इसकी पूर्ण जानकारी वर्तमान निदेशक प्रार्थीगण को उपलब्ध नहीं कराई गई।
  2. यह कि अप्रार्थी संख्या 1 ने अपने त्याग-पत्र में कंपनी के Registered Office के रूप में अपने निजी आवास के उपयोग से संबंधित विषय में तत्काल आगे कंपनी के उपयोग को लेकर अपनी असहमति/सीमितता का उल्लेख किया था।
  3. ऐसी स्थिति में कंपनी के लिए Registered Office का वर्तमान स्वरूप स्पष्ट करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

10. Registered Office में परिवर्तन की आवश्यकता

  1. यह कि प्रार्थीगण कंपनी का Registered Office ऐसे स्थान पर स्थानांतरित करना चाहते हैं, जहां कंपनी का विधि सम्मत एवं दीर्घकालिक प्रशासनिक संचालन संभव हो।
  2. यह कि इसके लिए वर्तमान Registered Office से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज, consent, agreement अथवा अन्य कॉरपोरेट रिकॉर्ड की आवश्यकता है।
  3. यह कि अप्रार्थी संख्या 1 द्वारा उक्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए जाने के कारण नए Registered Office के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
  4. प्रार्थीगण का उद्देश्य अप्रार्थी संख्या 1 के निजी आवास का किसी भी प्रकार से अनुचित उपयोग करना नहीं है।
  5. प्रार्थीगण केवल यह चाहते हैं कि कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज वर्तमान Registered Office से संबंधित समस्त उपलब्ध दस्तावेज उन्हें उपलब्ध करवाए जाएं ताकि वे Companies Act एवं लागू नियमों के अनुरूप Registered Office में आवश्यक परिवर्तन कर सकें।

11. अप्रार्थीगण से सहयोग अपेक्षित है

  1. यह कि प्रार्थीगण ने प्रारंभ से ही विवाद से बचने का प्रयास किया है।
  2. यह कि प्रार्थीगण का उद्देश्य कंपनी को आगे बढ़ाना और उसके व्यापारिक एवं सामाजिक उद्देश्यों को पूरा करना है।
  3. यह कि अप्रार्थीगण द्वारा निदेशक पद से त्याग-पत्र देने के बाद कंपनी से संबंधित आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में सहयोग किया जाना कंपनी, उसके सदस्यों एवं सभी संबंधित पक्षों के हित में है।
  4. यह कि प्रार्थीगण किसी अप्रार्थी के विरुद्ध व्यक्तिगत आरोप या दंडात्मक कार्रवाई की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि कंपनी के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक दस्तावेज एवं सहयोग चाहते हैं।
  5. यह कि प्रार्थीगण का विश्वास है कि यदि माननीय अधिकरण अप्रार्थीगण को आवश्यक वैधानिक औपचारिकताओं में सहयोग करने के संबंध में उचित निर्देश प्रदान करता है तो विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव होगा।

12. कंपनी के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता

  1. यह कि RISING BHASKAR PRIVATE LIMITED अभी प्रारंभिक अवस्था में है और कंपनी का भविष्य उसके सुचारु प्रशासन, स्पष्ट निदेशक संरचना, अद्यतन शेयर रिकॉर्ड, Registered Office तथा बैंकिंग व्यवस्था पर निर्भर करता है।
  2. यह कि वर्तमान स्थिति लंबी अवधि तक बनी रहने पर कंपनी के व्यापारिक हित प्रभावित हो सकते हैं।
  3. इसलिए प्रार्थीगण चाहते हैं कि मामले का निस्तारण इस प्रकार किया जाए कि कंपनी के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े तथा सभी पक्षों के वैधानिक अधिकार सुरक्षित रहें।

13. प्रार्थी का विवाद उत्पन्न करने का उद्देश्य नहीं

  1. यह कि प्रार्थी श्री दिलीप कुमार पुरोहित स्पष्ट रूप से माननीय अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करते हैं कि उनका उद्देश्य अप्रार्थीगण के साथ किसी व्यक्तिगत विवाद को बढ़ाना नहीं है।
  2. प्रार्थीगण अप्रार्थीगण के प्रति किसी प्रकार की व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं रखते।
  3. प्रार्थीगण केवल कंपनी के हित में यह चाहते हैं कि अप्रार्थीगण अपने द्वारा प्रस्तुत त्याग-पत्रों के पश्चात कंपनी से संबंधित लंबित वैधानिक औपचारिकताओं में सहयोग करें।
  4. प्रार्थीगण यह भी चाहते हैं कि यदि किसी दस्तावेज, शेयर प्रमाण-पत्र, हस्तांतरण पत्र, consent, agreement, DSC संबंधी रिकॉर्ड अथवा Registered Office से संबंधित दस्तावेज अप्रार्थीगण के पास उपलब्ध हैं तो वे कंपनी को उपलब्ध करवाए जाएं।

14. विधिक आधार

  1. यह कि Companies Act, 2013 की धारा 168 निदेशक के त्याग-पत्र तथा उसके प्रभाव से संबंधित व्यवस्था करती है। धारा 168 के अनुसार निदेशक लिखित रूप से कंपनी को त्याग-पत्र दे सकता है और इस्तीफा निर्धारित स्थिति में नोट किया जाता है; इस्तीफे की प्रभावी तारीख के संबंध में भी अधिनियम में स्पष्ट व्यवस्था है।
  2. यह कि शेयरों के हस्तांतरण के लिए Companies Act, 2013 की धारा 56 एवं लागू नियमों तथा कंपनी के Articles of Association में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है।
  3. यह कि प्रार्थीगण किसी ऐसी राहत की मांग नहीं कर रहे हैं जिससे वैधानिक शेयर हस्तांतरण प्रक्रिया को दरकिनार किया जाए।
  4. बल्कि प्रार्थीगण चाहते हैं कि अप्रार्थीगण को उपलब्ध दस्तावेज एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु उचित निर्देश दिए जाएं, जिससे कानून के अनुरूप लंबित प्रक्रिया पूरी की जा सके।
  5. यह कि कंपनी से संबंधित आवेदन/याचिका का उचित प्रारूप NCLT Rules, 2016 के अनुसार प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। NCLT Rules में Original Application/Petition के लिए Form NCLT-1 का प्रावधान है तथा उसमें पक्षकारों एवं Bench की jurisdiction संबंधी विवरण अपेक्षित हैं।

15. क्षेत्राधिकार

  1. यह कि RISING BHASKAR PRIVATE LIMITED राजस्थान में पंजीकृत कंपनी है और कंपनी से संबंधित विवाद/प्रशासनिक प्रश्न राजस्थान से संबंधित हैं।
  2. राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण की आधिकारिक jurisdiction सूची के अनुसार NCLT Jaipur Bench को राजस्थान राज्य का territorial jurisdiction प्राप्त है।
  3. अतः प्रार्थी का निवेदन है कि प्रस्तुत आवेदन को माननीय NCLT Jaipur Bench द्वारा सुनवाई योग्य मानते हुए, कानून के अनुसार आवश्यक आदेश पारित किए जाएं।

16. कारण-ए-कार्रवाई

  1. यह कि अप्रार्थीगण द्वारा निदेशक पद से त्याग-पत्र दिए जाने, शेयर हस्तांतरण की सहमति/मंशा व्यक्त किए जाने, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराने, Registered Office से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न कराने तथा कंपनी की लंबित औपचारिकताओं में सहयोग न करने के कारण वर्तमान आवेदन प्रस्तुत करने की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
  2. यह कि कंपनी के प्रारंभिक संचालन में उत्पन्न उक्त स्थिति को प्रार्थीगण आपसी सहयोग एवं विधिक प्रक्रिया से समाप्त करना चाहते हैं।
  3. यह कि प्रत्येक बीतते दिन के साथ कंपनी के नियमित संचालन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है, इसलिए मामले में शीघ्र सुनवाई एवं उपयुक्त निर्देश आवश्यक हैं।

प्रार्थना / PRAYER

उपरोक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर प्रार्थी माननीय अधिकरण से विनम्रतापूर्वक प्रार्थना करता है कि—

क.

अप्रार्थी संख्या 1 एवं 2 को निर्देशित किया जाए कि वे RISING BHASKAR PRIVATE LIMITED से संबंधित अपने पास उपलब्ध समस्त मूल/प्रासंगिक कॉरपोरेट दस्तावेज, शेयर प्रमाण-पत्र, शेयर हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज, consent, agreement, Registered Office से संबंधित दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक रिकॉर्ड कंपनी/प्रार्थी को उपलब्ध करवाएं।

ख.

अप्रार्थी संख्या 1 एवं 2 को निर्देशित किया जाए कि वे अपने द्वारा प्रस्तुत त्याग-पत्रों के पश्चात कंपनी से संबंधित शेष वैधानिक एवं कॉरपोरेट औपचारिकताओं को पूरा करने में आवश्यक सहयोग करें।

ग.

अप्रार्थीगण को निर्देशित किया जाए कि उनके द्वारा त्याग-पत्र में व्यक्त शेयर हस्तांतरण की सहमति/मंशा के अनुरूप, Companies Act, 2013, लागू नियमों तथा कंपनी के Articles of Association के अनुसार आवश्यक शेयर हस्तांतरण दस्तावेजों एवं औपचारिकताओं को विधि सम्मत रूप से पूर्ण करने में सहयोग करें।

घ.

अप्रार्थी संख्या 1 को निर्देशित किया जाए कि कंपनी के Registered Office के रूप में उनके आवासीय पते के उपयोग से संबंधित उपलब्ध consent letter, agreement, NOC, undertaking अथवा अन्य संबंधित दस्तावेज कंपनी को उपलब्ध करवाएं।

ङ.

प्रार्थीगण को कंपनी के Registered Office को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए Companies Act एवं लागू नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने की अनुमति/स्वतंत्रता प्रदान की जाए तथा अप्रार्थीगण को इस वैधानिक प्रक्रिया में अनावश्यक बाधा उत्पन्न न करने का निर्देश दिया जाए।

च.

अप्रार्थीगण को निर्देशित किया जाए कि वे कंपनी से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों, अभिलेखों एवं जानकारी को कंपनी के वर्तमान निदेशकों को उपलब्ध करवाने में सहयोग करें।

छ.

अप्रार्थीगण को निर्देशित किया जाए कि वे इस आदेश/निर्देश की प्राप्ति से 7 दिवस के भीतर कंपनी से संबंधित लंबित औपचारिकताओं को पूरा करने हेतु प्रार्थीगण से संपर्क करें तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाएं।

ज.

यदि माननीय अधिकरण यह माने कि शेयर हस्तांतरण की मांग के संबंध में किसी विशिष्ट वैधानिक प्रक्रिया अथवा अन्य सक्षम मंच की आवश्यकता है, तो प्रार्थी को उस प्रक्रिया/उपयुक्त मंच का सहारा लेने की स्वतंत्रता प्रदान की जाए, तथा इस आवेदन को केवल इसी आधार पर अन्य राहतों के संबंध में प्रभावित न किया जाए।

झ.

माननीय अधिकरण परिस्थितियों को देखते हुए कंपनी के सुचारु संचालन एवं हितों की रक्षा के लिए ऐसा कोई अन्य आदेश/निर्देश पारित करे, जिसे माननीय अधिकरण न्यायोचित एवं उचित समझे।

ञ.

आवेदन की परिस्थितियों को देखते हुए प्रार्थी को अन्य उचित एवं वैधानिक राहत भी प्रदान की जाए।


अंतरिम प्रार्थना

अंतिम निर्णय होने तक प्रार्थी यह भी प्रार्थना करता है कि माननीय अधिकरण, यदि विधि एवं jurisdiction के अंतर्गत उचित समझे, तो अप्रार्थीगण को निर्देशित करे कि वे—

  1. कंपनी के मूल दस्तावेजों अथवा अभिलेखों को रोककर न रखें;
  2. कंपनी से संबंधित किसी दस्तावेज को नष्ट, परिवर्तित अथवा अनुचित रूप से हस्तांतरित न करें;
  3. कंपनी के वर्तमान प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्यों में अनावश्यक बाधा उत्पन्न न करें; तथा
  4. कंपनी के लंबित कॉरपोरेट कार्यों को पूरा करने में आवश्यक सहयोग करें।

सत्यापन / VERIFICATION

मैं, दिलीप कुमार पुरोहित, पुत्र श्री बालकिशन पुरोहित, उम्र 54 वर्ष, निवासी 2-ग 27, मधुबन हाउसिंग बोर्ड, शिव मंदिर के सामने वाली गली, जोधपुर-342005, राजस्थान, वर्तमान में RISING BHASKAR PRIVATE LIMITED का निदेशक, यह सत्यापित करता हूं कि उपरोक्त आवेदन के अनुच्छेद 1 से 67 तक वर्णित तथ्य मेरे व्यक्तिगत ज्ञान, कंपनी के उपलब्ध अभिलेखों एवं मुझे प्राप्त जानकारी के आधार पर सत्य एवं सही हैं और इनमें कोई महत्वपूर्ण तथ्य जानबूझकर छिपाया नहीं गया है।

दिनांक : 25 अगस्त 2026
स्थान : जोधपुर, राजस्थान

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor

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