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Wednesday, September 16, 2026, 2:25 pm

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राजस्थान की नई खेल नीति-2026 पर आज खुलेगा सुझावों का मंच

राज्य खेल संघों और अर्जुन-द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं के साथ मंथन, खेल प्रतिभाओं को वैज्ञानिक प्रशिक्षण से लेकर डिजिटल व्यवस्था तक कई प्रस्ताव


जयपुर/ जोधपुर राजस्थान में खेलों को नई दिशा देने के लिए प्रस्तावित राजस्थान खेल नीति-2026 पर मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में राज्य के खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ अर्जुन एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक में नई खेल नीति के प्रारूप के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संगठनों से सुझाव लिए जाएंगे।

नई नीति का प्रारूप केंद्र की खेलो इंडिया नीति-2025 को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2036 तक राजस्थान को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। नीति में खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान पर जोर

प्रस्तावित नीति में 8 से 14 वर्ष की उम्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान करने का प्रस्ताव है। इसके बाद जिला स्तर से लेकर राज्य और हाई परफॉर्मेंस सेंटर तक खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना है। वैज्ञानिक कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, पोषण, फिजियोथेरेपी और स्पोर्ट्स साइकोलॉजी जैसी सुविधाओं को भी प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने का प्रस्ताव है।
इसके लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन स्पोर्ट’ मॉडल के जरिए जिलों की खेल पहचान विकसित करने की बात कही गई है। प्रत्येक जिले में किसी एक खेल को प्राथमिकता देकर उससे संबंधित प्रशिक्षण और सुविधाओं को विकसित करने की योजना है।

खिलाड़ियों के लिए डिजिटल व्यवस्था

नीति के प्रारूप में खिलाड़ियों के लिए डिजिटल स्पोर्ट्स पोर्टल और यूनिफाइड खेल-आईडी विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके माध्यम से खिलाड़ियों का प्रदर्शन, प्रशिक्षण, मेडिकल रिकॉर्ड और एंटी-डोपिंग से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जा सकेगी। प्रमाण-पत्र, पुरस्कार और अन्य सुविधाओं को भी डिजिटल करने की योजना है।
खिलाड़ियों की स्किल मैपिंग के लिए एआई आधारित सिस्टम विकसित करने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा को 70 वर्ष तक करने जैसे प्रस्ताव भी प्रारूप में शामिल किए गए हैं।

खेल प्रशासन में बदलाव का प्रस्ताव

प्रस्तावित नीति में खेल प्रशासन को मजबूत बनाने और खेल निदेशालय को स्पोर्ट्स प्रशासन एवं खेल प्रबंधन निदेशालय के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। ग्राम स्तर से लेकर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए चरणबद्ध व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रत्येक जिले में कम से कम 30 खिलाड़ियों को एनएसएस कोच से प्रशिक्षण, तीन चरणों में प्राथमिकता वाले खेलों के चयन तथा SMS में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव है। जयपुर और जोधपुर में पैरा स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एकेडमी स्थापित करने की योजना भी प्रारूप में शामिल है। राज्य सरकार का मानना है कि नई खेल नीति के जरिए राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर नीति के प्रारूप में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor