बाइक से शिविर पहुंचने से लेकर बंजी जंपिंग तक, प्राणयोग के प्रति समर्पण से दे रहे सक्रिय जीवन का संदेश
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
प्राणयोग से जुड़कर उम्र को पीछे छोड़ सक्रिय और ऊर्जावान जीवन जीने वाले 68 वर्षीय आचार्य राकेश गर्ग इन दिनों प्रेरणा का केंद्र बने हुए हैं। नियमित साधना, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ वे आज भी प्राणयोग की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
प्राणयोग परिवार के अनुसार आचार्य गर्ग प्रत्येक शिविर में बाइक से पहुंचते हैं। उनकी सक्रियता और उत्साह उम्र को लेकर बनी पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देता है। बंजी जंपिंग जैसी गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी उनके आत्मविश्वास और साहस को दर्शाती है।
आचार्य गर्ग का मानना है कि उम्र बढ़ना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन उत्साह, ऊर्जा और सीखने की इच्छा को बनाए रखा जा सकता है। वे आध्यात्मिक गुरु योगी योगानंद के मार्गदर्शन और प्राणयोग के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने को अपनी सक्रियता का आधार बताते हैं। प्राणयोग परिवार ने लोगों से स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए इससे जुड़ने का आह्वान किया है।
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