प्रत्येक जिले के 20 प्रतिशत स्कूलों का चयन, भोजन की गुणवत्ता से लेकर रसोई और खाद्यान्न भंडारण तक होगी पड़ताल
जोधपुर। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आज से विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत प्रत्येक जिले के करीब 20 प्रतिशत स्कूलों का चयन कर वहां मिड-डे मील व्यवस्था की जांच की जाएगी। निरीक्षण में भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर, खाद्यान्न भंडारण तथा भोजन वितरण व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार विद्यार्थियों को भोजन दिया जा रहा है या नहीं। साथ ही भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की भी जांच होगी। स्कूलों में रसोईघर की स्थिति, खाना पकाने की व्यवस्था, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण तथा भोजन परोसने की प्रक्रिया को भी निरीक्षण का हिस्सा बनाया गया है।
कमियां मिलने पर प्रपत्र में दर्ज होगी जानकारी
भोजन परोसने से पहले शिक्षक या प्रभारी द्वारा भोजन की जांच की जाती है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को निर्धारित प्रपत्र में दर्ज किया जाएगा। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित स्कूलों में आवश्यक सुधार के लिए कार्रवाई की जा सकती है।
कम से कम 20 स्कूलों का होगा निरीक्षण
अभियान के तहत प्रत्येक जिले में चयनित स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा और अधिकारियों की टीम मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। निरीक्षण में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यवस्थाओं के साथ मिड-डे मील की वास्तविक स्थिति की भी जांच की जाएगी।
10 अंकों की होगी ग्रेडिंग
निरीक्षण के बाद स्कूलों को 10 अंकों के आधार पर ग्रेडिंग दी जाएगी। इसमें मिड-डे मील योजना के तहत भोजन की गुणवत्ता, रसोई, खाद्यान्न भंडारण और विद्यार्थियों को भोजन वितरण जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। निरीक्षण के आधार पर तैयार रिपोर्ट के जरिए स्कूलों की व्यवस्था और कमियों का आकलन किया जाएगा।