मुस्कान ऐसी प्रार्थना है, जिसमें शब्द नहीं होते, फिर भी वह ईश्वर तक पहुंचती है और इंसान से इंसान को जोड़ती है।
राइजिंग भास्कर डेस्क. जोधपुर
मुस्कुराना केवल चेहरे का भाव नहीं, बल्कि जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण है। एक सच्ची मुस्कान तनाव को हल्का करती है, रिश्तों में अपनापन बढ़ाती है और वातावरण में खुशियां घोल देती है। परिस्थितियां कैसी भी हों, मुस्कुराने वाला व्यक्ति कठिनाइयों के बीच भी उम्मीद की रोशनी खोज लेता है। मुस्कान सामने वाले को सम्मान और स्वीकार्यता का एहसास कराती है। इसलिए सुबह की शुरुआत मुस्कान से करें और दिनभर इसे बांटते रहें। मुस्कान ऐसी प्रार्थना है, जिसमें शब्द नहीं होते, फिर भी वह ईश्वर तक पहुंचती है और इंसान से इंसान को जोड़ती है।