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Wednesday, August 26, 2026, 12:13 am

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बारिश के बाद जैसलमेर की सफाई व्यवस्था चरमराई

-लंबे समय से सफाई और विकास के मुद्दे से भटक गया निकाय, कांग्रेस-भाजपा दोनों से जनता का मोह भंग

-हर साल 100 करोड़ का बजट पारित होता है, 30-40 सालों में अरबों खर्च करके भी सफाई तक पटरी पर नहीं ला सकी नगर निकाय संस्थाएं

आनंद एम. वासु. जैसलमेर

बारिश के बाद जैसलमेर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। नगर परिषद और पूर्व में नगरपालिका की बेरूखी के चलते शहर लंबे समय से बदहाल है। किसी भी पार्टी के बोर्ड ने लंबे समय से चली आ रही इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया।

पिछले दिनों हुई बारिश ने हालात बद से बदतर कर दिए है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं तो वार्डों में नालियों की नियमित रूप से सफाई भी नहीं हो रही। शहर के बड़े नालों के हालात तो और भी खराब है। ये बड़े नाले कचरे और गंदगी से अटे पड़े हैं। हर साल 100 करोड़ का बजट पास होता है। इस तरह हिसाब लगे तो शहर वासियों को पता चलेगा कि, इस शहर पर पिछले 30-40 सालों में अरबों रुपए खर्च हो गया, मगर शहर का न नियोजित विकास हुआ और न ही सफाई व्यवस्था पटरी पर आई। शहर के मास्टर प्लान को भी नियोजित नहीं किया जा सका। जिसका नतीजा यह हुआ कि शहर का नियोजित विकास नहीं हुआ और सबसे अहम मुद्दा सफाई का है। देश-विदेश से हर सालों लाखों सैलानी आते हैं, मगर शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जैसलमेर की जनता ने कांग्रेस-भाजपा दोनों पार्टियों का बोर्ड देख लिया, मगर दोनों ही दलों से जैसलमेर की जनता का मोह भंग हो चुका है। यही हाल रहा तो जनता नया विकल्प तलाशेगी।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor

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