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Thursday, April 16, 2026, 9:29 am

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समर्पित साहित्यकार,समाजसेवी, उद्योगपति नेमचंद गहलोत को श्रद्धांजलि-शोकाभिव्यक्ति अर्पित की गई

राखी पुरोहित. बीकानेर

नागरी भण्डार पाठक मंच की तरफ से नगर के समर्पित साहित्यकार, समाजसेवी,उद्योगपति कीर्तिशेष नेमचंद गहलोत को नमन-स्मरण हेतु श्रद्धांजलि-शोकाभिव्यक्ति कार्यक्रम का आयोजन महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम श्री जुबिली नागरी भण्डार में रखा गया।

श्री जुबिली नागरी भण्डार पाठक मंच के कमल रंगा ने बताया कि इस श्रद्धांजलि सभा में नगर के साहित्यकारों,कलाधर्मियों,समाज सेवियों एवं अन्य क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्धजनों द्वारा स्वर्गीय नेमचंद गहलोत को शब्दांजलि-श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

श्री जुबिली नगरी भण्डार के व्यवस्थापक नंदकिशोर सोलंकी ने स्वर्गीय नेमीचंद गहलोत को अपनी शाब्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन के अनेक अनछुए पहलू साझा किये। सोलंकी ने कहा कि ईमानदारी एवं लगन से काम करने में उनका कोई सानी नहीं था। आपने कहा कि उनके जैसा व्यक्तित्व मिलना बहुत मुश्किल है। वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा ने कहा कि वे महान व्यक्तित्व के धनी होने के साथ साथ सभी के साथ आत्मीयता का भाव रखते थे। साथ ही वे एक ऐसे प्रेरणा पुंज थे जिन्होंने अनेक क्षेत्रों में अपनी क़ाबिलियत से कामयाबी हासिल की और अपना एक अलग मकाम बनाया।
वरिष्ठ उर्दू शायर ज़ाकिर अदीब ने कहा कि वे प्रचार प्रसार से दूर रहने वाले अदब नवाज़ शख्सियत थे।
शेयर कहानीकार क़ासिम बीकानेरी श्रद्धांजलि कार्यक्रम का संयोजन करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि पेश करते हुए कहा कि वे साहित्य संगीत, कला एवं समाज सेवा के सच्चे पोषक थे। वे दृढ निश्चयी एवं कौमी एकता के अलमबरदार थे।
समाजसेवी का डॉ. प्रभा भार्गव ने कहा कि उनका जीवन संघर्षपूर्ण था।
युवा कवि कथाकार संजय पुरोहित ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की अनेक खूबियों को सामने रखते हुए उन्हें निस्वार्थ समाजसेवी,लग्नशील उद्योगपति एवं साहित्य तथा कला के प्रति समर्पित व्यक्तित्व बताया।
शिक्षाविद संस्कृतिकर्मी संजय सांखला ने कहा कि वे आन, बान, शान रखने वाली शख्सियत थे। वरिष्ठ कवि कथाकार प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि वे एक संत कवि थे। इस्हाक़ ग़ौरी शफ़क़ ने उन्हें अदब नवाज शख्सियत बताया। जुगल किशोर पुरोहित ने उन्हें अनेक खूबियों का मालिक कहा। डॉ.कृष्ण लाल बिश्नोई ने उन्हें बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताया। इंद्रा व्यास ने अपने दोहों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एडवोकेट गंगा विशन बिश्नोई ब्रह्मा ने उन्हें एक सेवाभावी शख्सियत का मालिक बताया। व्यंग्यकार खेल लेखक आत्माराम भाटी ने कहा कि वे समाज सेवा एवं साहित्य के पालनहार थे। कवि लीलाधर सोनी ने उनके दया एवं प्रेम भाव की तारीफ की। एडवोकेट इसरार हसन कादरी ने उन्हें साहित्य का संरक्षण करने वाला सच्चा भामाशाह बताया। मधुरिमा सिंह ने कहा कि वे हमेशा जरूरतमंदों की मदद करने में आगे रहते थे। डॉ.गौरी शंकर प्रजापत ने कहा कि उनकी कविताओं को पाठक भरपूर पसंद करते थे। अब्दुल शकूर सिसोदिया ने उनकी शान में दोहा सुनाया। डॉ. अजय जोशी ने उन्हें बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी व्यक्ति बताया। कमल किशोर पारीक ने कहा कि वे हमेशा प्रोत्साहन देते थे। गिरिराज पारीक ने उन्हें विराट व्यक्तित्व का धनी व्यक्ति बताया।हास्य कवि बाबूलाल छंगाणी बमचकरी ने कहा कि उनकी कविताओं में संदेश होता था। हनुमंत गौड़ नजीर ने कहा कि वे प्रेमी हृदय एवं विराट व्यक्तित्व के धनी थे। रंग अभिनेत्री मीनू गौड़ ने कहा कि वे बहुत नेक और अच्छे इंसान थे। डॉ. जगदीश दान बारहठ ने उन्हें काव्यात्मक श्रद्धांजलि पेश की। शायर शकील ग़ौरी ने उनकी शान में नज़्म प्रस्तुत की। प्रशांत जैन ने कहा कि वे राजस्थानी भाषा को भरपूर प्रोत्साहन देते थे। शिक्षाविद् श्याम सुंदर हाटीला ने कहा कि वे पारिवारिक सदस्य की तरह थे। शिव प्रकाश दाधिच ने कहा कि वे समाज के सच्चे हितैषी थे। लोक गायक मदन जैरी ने अपने गीत के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ.कृष्णा वर्मा ने उन्हें निस्वार्थ सेवाभावी बताया। शमीम अहमद शमीम ने उन्हें आदर्श पुरुष बताया। ओ.पी.खड़गावत ने कहा कि उनके नेमचंद जी से निजी संबंध थे। महेंद्र जोशी ने उन्हें विराट व्यक्तित्व का धनी बताया। संतोष शर्मा ने उन्हें पक्षी प्रेमी बताया।
श्रद्धांजलि सभा में शायर बुनियाद ज़हीन,सुशील शर्मा, त्रिलोकी,देवकिशन, देवेंद्र गहलोत, गोपाल व्यास कुंठित, गोपाल गौतम, छगन सिंह, नेमचंद गहलोत के बड़े सुपुत्र जुगल किशोर गहलोत, नृसिंह भाटी एवं स्वर्गीय नेमचंद गहलोत के अनेक परिजन, हरि कृष्ण व्यास, वरिष्ठ गायक कुमार बी.एम.हर्ष, शानू कच्छावा, गायक पवन चड्ढ़ा,गायक एम रफीक कादरी, घनश्याम सिंह,श्रीगोपाल स्वर्णकार सहित साहित्य, समाज सेवा,कला एवं विभिन्न क्षेत्रों के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में 2 मिनट का मौन रखकर ईश्वर से स्वर्गीय नेमचंद गहलोत की आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की गई।
अंत में समस्त आगंतुकों द्वारा स्वर्गीय नेमचंद गहलोत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor