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Friday, April 17, 2026, 9:21 am

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फॉरेंसिक साइकॉलोजिस्ट मेरा पेशन, मैं ब्रेन पढ़ती हूं, सोल्स, नेगेटिव एनर्जी और एंटिटीज जैसे विषयों पर काम करती हूं, युवा भविष्य बना सकते हैं : डॉ. के. प्रियंका शर्मा

(आज आपका परिचय करवाते हैं विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और फॉरेंसिक साइकोलॉजिस्ट डॉ. के. प्रियंका शर्मा से। ज्योतिष और ब्रेन पढ़ने से लेकर अपराध की दुनिया में ज्योतिष और रीडर कैपेसिटी का इस्तेमाल कर गुत्थियां सुलझाने में कैसे मदद मिलती है, इसके बारे में डॉ. प्रियंका शर्मा ने खुलकर अपनी राय रखी। उनसे लगभग 28 सवाल पूछे और उन्होंने राइजिंग भास्कर के पाठकों का मार्गदर्शन किया। यहां पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश। आगे बढ़ने से पहले डॉ. के प्रियंका शर्मा की शैक्षणिक योग्यता पर एक नजर) 

1. BSc in applied information technology (Manipal University of Applied Sciences)
2. Diploma in Software engineering (Manipal University of Applied Sciences)
3. 2 yrs proffesional diploma in interior designing (nif-global)
4. MS in Forensic psychology (Walden University)
5. Masters in Astrology (IVA)
6. PHD Vidhya Vachaspati in Astrology (Shree Maharishi College of Vedic Astrology)
7. PHD in Psychology (Walden University)
8. Advanced Diploma in Clinical Hypnotherapy ( GHSC-UK registered) (AHA- Australian hypnotherapy Association accreditation) ( IPHM)
9. Advanced Diploma in Spiritual Hypnotherapy (GHSC-UK)
10. Advanced diploma in Mordern Applied Psychology (ABH- American board of hypnotherapy, ABNLP- American board of neurologistic practitioner)
11. Reiki Grand Master level-1,2,3
12. Advanced diploma in Akashic Record Reading (IPHM- the international practitioners of holistic medicine)
13. Advanced diploma in Past lives regression
14. Diploma in graphology
15. Diploma in para psychology
16. Diploma in criminology
17. Advanced Diploma in NLP
18. Diploma in sound healing techniques
19. Diploma in Colour therapy
20. Diploma in Aura Scanning, Reading and Healing
21. Advanced diploma in PTSD and Child Trauma Councelling
22. Advanced diploma in EMDR techniques
23. 23. Advanced diploma in mudra therapy
24. Advance diploma in Mystical Traingle Calculation and Prediction
25. Advance diploma in Vedic Numerology
26. Advanced diploma in Cinematography and Film Making from National Award Winning Director Mr. Madhur Bhandarkar
27. Advanced diploma in Quantum Healing and Soul Channeling
28. Diploma in Automatic Writing & Channeling
29. Telekenisis Practitioner

डीके पुरोहित. जोधपुर 

प्रश्न : 1. आपने मात्र 12 वर्ष की उम्र में ज्योतिष और अध्यात्म की यात्रा शुरू की—क्या कोई विशेष घटना थी, जिसने आपको इस मार्ग की ओर प्रेरित किया?
Ans: ऐसी कोई विशेष घटना नहीं थी, किंतु मैं बचपन से ही बाय बर्थ बहुत आध्यात्मिक थीं। बचपन से ही मुझे पूजा पाठ करना, कुंडलियां देखना पसंद था। धीरे धीरे ऐसे ही कुंडलियां देखना स्टार्ट किया और देखते देखते कब वह मेरा पेशा भी बना पता नहीं
चला।

प्रश्न : 2. आज की युवा पीढ़ी को आप क्या सलाह देना चाहेंगी जो ज्योतिष को एक पेशे के रूप में अपनाना चाहते हैं?
Ans: आज की युवा पीढ़ी को मैं यही कहूंगी कि ज्योतिष एक गूढ़ विज्ञान है आप में अगर जुनून हैं, कुछ स्पेशल काम करने की तो सीखना शुरू कीजिए। प्रेक्टिस करिए। जितना ज्यादा कुंडलियां आप देखोगे उतना ही अच्छा फल आप प्रेडिक्ट कर पाओगे और यह एक ऐसा विषय भी है कि जितना सीखो सीखना खत्म कभी नहीं होगा। जीवन भर भी कम होता है ज्योतिष सीखने के लिए।

प्रश्न : 3. क्या आज के दौर में पारंपरिक वैदिक ज्योतिष का विज्ञान अभी भी उतना ही प्रभावशाली है? क्या आपने इसे आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ा है?
Ans: जी हां, वैदिक ज्योतिष आज भी सभी प्रकार की एस्ट्रोलॉजी में सबसे ऊपर मानी जाती है। मैंने इसे हमारी पारंपरिक तरीके से पंचांग को देखकर कुंडली बनाने से ही आरम्भ किया था। किंतु आज के समय में समय की कमी और आधुनिकीकरण के कारण हम कंप्यूटर और मोबाइल से भी कुंडली बनाने लगे हैं।

प्रश्न : 4. आपने कई शाही परिवारों और मशहूर हस्तियों को सलाह दी है—क्या कोई अनुभव है जो आपके दिल के बहुत करीब है?
Ans: देखिए वैसे मैं प्रोफेशन में कभी इमोशनल चीज़ें कनेक्ट नहीं करती हूं, लेकिन फिर भी 2 परिवार जो मेरे दिल के बहुत करीब हैं उनमें से एक मेरी फ्रेंड कम सिस्टर की तरह बन गई है जो कि एक बहुत बड़ी बिज़नेस वुमेन है दुबई में रहती है। और दूसरा हमारे राजस्थान से ही शाही परिवार, जिनके साथ के साथ एक स्ट्रांग स्पिरिचुअल बॉन्ड मैं शेयर करती हूं और हाल ही में वहां के किले में 4.6 फ़ीट के शिवलिंग की स्थापना मैंने दक्षिण पद्धति से करवाई हैं।

प्रश्न : 5. एक ज्योतिषाचार्य और फॉरेंसिक साइकोलॉजिस्ट के रूप में आपका काम कैसे जुड़ता है? क्या आप किसी आपराधिक केस में सहायता कर चुकी हैं?
Ans: देखिए ज्योतिष मेरे जीवन का एक इंपॉर्टेंट हिस्सा है, लेकिन साथ ही एक फॉरेंसिक साइकॉलोजिस्ट होना मेरा पेशन। बचपन से मुझे लोगों का ब्रेन पढ़ना। उनके हाव भाव पढ़ना। उसे analyse करना बहुत पसंद था। इसलिए मैंने क्रिमिनल & फॉरेंसिक साइकोलॉजी में पढ़ाई की। उसके साथ ही मैंने पैरा साइकोलॉजी में भी डिग्री ली हुई है जो कि सोल्स, नेगेटिव एनर्जीज और entities के साथ काम करती है। मैंने अपनी पढ़ाई के दौरान भी और उसके बाद भी कई इंटरनेशनल केसेज पर काम किया है।

प्रश्न : 6. क्या आपको कभी अपने मनोवैज्ञानिक विश्लेषण और आध्यात्मिक दृष्टिकोण में टकराव महसूस हुआ है?
Ans: जी नहीं मुझे कभी ऐसा महसूस ही नहीं हुआ क्यों कि स्पिरिचुअलिटी और विज्ञान दोनों ही एक गाड़ी के दो पहिए हैं । आप कुछ भी कर लीजिए इन्हें आप पृथक करके नहीं देख सकते। यदि आपको सटीक विश्लेषण करना है तो दोनों को साथ रख कर ही किया जा सकता है।

प्रश्न : 7. PTSD और चाइल्ड ट्रॉमा काउंसलिंग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य करते समय आप स्वयं को मानसिक रूप से कैसे संतुलित रखती हैं?
Ans: देखिए बहुत बार काउंसलिंग और ट्रीटमेंट के दौरान कुछ ऐसे केसेज आते हैं जो कि एक थेरेपिस्ट को भी हिला कर रख देते हैं मानसिक तौर पर किंतु अगर आप हर घटना क्रम को बिल्कुल न्यूट्रल होकर देखेंगे और जजमेंटल नहीं बनेंगे तभी आप उस पर वर्क कर पाएंगे और मानसिक तौर पर खुद को मजबूत रख पाएंगे। संवेदना व्यक्त करना हर इंसान को आना चाहिए हमें कभी भी अपने emotions को अंदर दबाना नहीं चाहिए। मैने अपनी आध्यात्मिक जर्नी में यही सीखा है कि आप संसार को यथा स्थिति देखो जो चीज जैसी है उसे वैसा ही देखिए। तभी आप उसका सही आंकलन कर पाएंगे। अपनी बुद्धि और विवेक के साथ। मैंने अपने निजी जीवन में भी इस प्रेक्टिस को फॉलो किया है।

प्रश्न : 8. Past Life Regression को लेकर कई भ्रम हैं—आप इसे कैसे स्पष्ट करती हैं और यह कैसे किसी की वर्तमान समस्याओं को हल कर सकता है?
Ans: देखिए पूर्व जनम की यात्रा कोई आज का ट्रेंड या विधि नहीं है। यह तो हमारे ऋषि मुनियों के समय से चला आ रहा है। बस वेस्टर्न कंट्रीज ने साइंस के माध्यम से इसे फिर से रिसर्च किया और सामने रखा लेकिन भारत में यह पुराणिक काल से होता आया है। एक का एक इंपॉर्टेंट उदाहरण हमारे द्वापर युग में महाभारत युद्ध के समय का है गंगा पुत्र भीष्म पिता माह का। जिन्होंने स्वयं अपने 75 पूर्व जनम देखे थे जब वह बाणों की शैय्या पर लेटे हुए थे। सिर्फ यह जानने के लिए कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ इतनी पीड़ा में उन्हें क्यों भुगतना पड़ रहा है। तब उन्हें यह ज्ञात हुआ कि कर्कोटक नामक एक सांप को जब उन्होंने जब घायल अवस्था में भी एक तरफ किया था तो उन्होंने अनजाने में ही उसे कांटों भरे पेड़ में डाल दिया था जिससे कि उसकी दर्दनाक मृत्यु हुई और उसका श्राप भीष्म पितामह को लगा।

प्रश्न :  9. हिप्नोथेरेपी और स्पिरिचुअल हीलिंग को लेकर आपकी क्या व्यक्तिगत फिलॉसफी है?
Ans: बीइंग a healer मैं मानती हूं कि यदि आप अपनी लाइफ़ में हर इलाज करवा कर थक गए है, आपकी लाइफ़ में इतने प्रोबल जो आ रहे हैं क्यों आग्रह हैं उनका सॉल्यूशन ढूंढ रहे हैं तो उसके लिए आपको अपना PLR, womb हीलिंग, इनर चाइल्ड हीलिंग जरूर करवाना चाहिए। क्योंकि इससे आपकी लाइफ़ बहुत पॉजिटिव होजती है जब आप अपने आप को हिल करते हैं। आपकी आध्यात्मिक उत्थान होता है। जीवन को जीने की कला और बेहतर होजती है।

प्रश्न : 10. NLP (Neuro-Linguistic Programming) और क्वांटम हीलिंग जैसी तकनीकों से आपने किन लोगों को सबसे अधिक लाभ दिलाया है?
Ans: देखिए NLP जो है उसमें हम आपके ब्रेन को रिप्रेग्राम करते हैं ताकी आप कोई काम को या जीवन को अच्छे से और बेहतर तरीके से जी सकें। Quantum healing ka इस्तेमाल में अपने PLR के दौरान भी करती हूं। क्यों कि हम सब कहीं न कहीं एक Quantum एनर्जीज के ही मेट्रिक्स में घूम रहे हैं। और जब हमारा मोक्ष होता है तब हम इस मेट्रिक्स से बाहर निकल जाते हैं। तो जो भी critical केसेज होते हैं PLR के मैं उसमें Quantum healing का use जरूर करती हूं।

प्रश्न : 11. आपने इतनी सारी डिग्रियाँ और डिप्लोमा एक साथ कैसे पूरे किए? क्या यह जुनून था या आत्म-खोज की प्रक्रिया?
Ans: मैं बचपन से ही बहुत जिज्ञासु बच्चा रही हूं। इसी जिज्ञासा ने मुझे जीवन में इतनी विद्याओं में निपुण बनाया हैं। किंतु आज भी मैं हर रोज कुछ न कुछ नया सीखना जारी रखे हुए हूं। और इसका पूरा श्रेय मैं अपनी माता को दूंगी। जिन्होंने अपने प्रेग्नेंसी के दौरान जब मैं उनके गर्भ में थी तब हर सब्जेक्ट पर बहुत उम्दा ज्ञान की किताबें पढ़ी। अध्यात्मिक ज्ञान जैसे कि शिव महापुराण अनेकों धर्म ग्रन्थ उन्होंने मेरे होने के दौरान पढ़े । वे sharlok होम्स जैसे डिटेक्टिव की नोवेल्स भी पढ़ा करती थीं। तो आप कह सकते ही कि मेरे जीवन को यहां तक लाने में मेरी मां प्रेमलता शर्मा का बहुत बड़ा हाथ और आशीर्वाद रहा है। उन्हीं के संघर्षों की बदौलत मैं आज इस मुकाम तक पहुंच पाई हूं। वह मेरी पहली गुरु भी रहीं और सबसे अच्छी बेस्ट फ्रेंड भी। मुझे जब भी कोई कैसे मैं कॉम्प्लिकेशन ज्यादा लगते थे तो मैं अपनी मां से उसपर discussion किया करती थी । और बातों बातों में वो मुझे सॉल्यूशन बता दिया करतीं थी। इसलिए हर बच्चे के जीवन में उसकी मां ही उसकी पहली गुरु होती हैं। सो दो repect एंड लव यौर mother । और इसलिए मैंने प्रेग्नेंसी कोचिंग भी स्टार्ट की ताकि आप यह जान सके कि एक मां अपने बच्चे को कैसे दुनिया में लाने से पहले ही उसमें अच्छे संस्कार डेवलप कर सके, उसका अच्छा चरित्र निर्माण कर सकें।

प्रश्न : 12. आपके दिन की शुरुआत किस प्रकार होती है? क्या आप ध्यान/साधना को नियमित करती हैं?
Ans: मेरे दिन की शुरुआत पूजा और ध्यान से शुरू होती है। जो कि मेरे लिए नियमित रूप से अनिवार्य है करना । बहुत बार समय के अभाव में ध्यान यदि नहीं कर पाती तो जब भी 10 मिनट का समय होता है मैं जहां भी होती हूं उस दौरान 10 मिनट का मेडिटेशन कर लेती हूं। चाहे फिर मैं किसी शोरशराबे वाली जगह पर ही क्यों न हूं मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। एक अच्छा योगी कहीं भी किसी भी समय किसी भी अवस्था में ध्यान की गहराई में उतर सकता है।

प्रश्न : 13. जब आप तनाव में होती हैं तो खुद को मानसिक रूप से कैसे संभालती हैं?
Ans: जब भी मैं तनाव में होती हूं सबसे पहले खुद को शांत और विचलित होने रोकती हूं। उसके लिए 2 ग्लास ठंडा पानी कांच की ग्लास में उस पानी को energized करके पीती हूं। फिर एक शांत जगह पर बैठ कर अपनी सांसों पर ध्यान लगा कर मेडिटेशन करती हूं। यदि आप जीवन में जो जैसा है उसे वैसा देखना शुरू करदे और सिर्फ अपने आप पर काम करें। देखिएगा कुछ ही दिनों में आपकी लाइफ़ 90° तक चेंज होजाएगी पॉजिटिव एस्पेक्ट पर।

प्रश्न : 14. आपके जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक अनुभव क्या रहा है?
Ans: मेरे जीवन में वैसे तो बहुत सारे आध्यात्मिक मीराक्यूलास अनुभव हुए है लेकिन सबसे गहरा और विशेष अनुभव मुझे तब हुआ था जब मैने साक्षात् अपने astral ट्रैवल में महादेव का आनंद तांडव देखा था वो भी सभी देवी देवताओं के साथ। वह मेरे जीवन का एक ऐसा आध्यात्मिक अनुभव था जिसे मैं कभी शब्दों में बयां नहीं कर पाऊंगी। वह परमानंद की प्राप्ति थी मेरे लिए।

प्रश्न : 15. आपके अनुसार भारत और विदेशों में आध्यात्मिक हीलिंग को लेकर समाज का नजरिया कैसे अलग है?
Ans: आज वेस्टर्न देशों में भारतीय पद्धति और अध्यात्म को बहुत ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। वहां का बच्चा हो या युवा दोनों ही हमारी आध्यात्मिक हीलिंग को सबसे पहले प्रैफर कर रहे हैं। जबकि हमारे भारत में ही इसका ट्रेंड पिछले कुछ सालों में भी बढ़ा है। आज भी लोग नहीं जानते कि बिना दवा के सिर्फ हीलिंग द्वारा भी आपका कैंसर ठीक होता है। जबकि यही विदेशों में 1995 से चल रहा हैं।

प्रश्न : 16. आपने इतने सारे अंतरराष्ट्रीय निकायों से मान्यता प्राप्त की है—क्या यह प्रक्रिया जटिल थी?
Ans: जी हां यह इतना आसान नहीं था । बहुत वर्षों की कड़ी मेहनत समर्पण और बहुत सारी चुनौतियों भरी लाइफ़ के साथ मैं यहां तक पहुंच पाई हूं। जिसमें कई रातों की नींद और समय पर खाना दोनों ही नहीं हो पाता था।

प्रश्न : 17. क्या आप भविष्य में किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान या विद्यालय की स्थापना करना चाहेंगी?
Ans: हम ऑलरेडी इंटरनेशनल स्कूल ऑफ डिवाइन साइंस के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों ही हजारों स्टूडेंट्स को ट्रेंड कर चुके हैं। जो कि आज foreign countries में भी काम कर रहे इन फील्ड्स में।

प्रश्न : 18. आपने मधुर भंडारकर जैसे प्रतिष्ठित निर्देशक के साथ फिल्ममेकिंग की ट्रेनिंग ली है—क्या आप भविष्य में कोई डॉक्यूमेंट्री या फिल्म बनाना चाहेंगी?
Ans: जी हा मैं सब्जेक्ट बेस्ड डॉक्यूमेंट्री मूवीज बनाना चाहती हूं। जिसमें मोस्टली फिल्म्स मेंटल हेल्थ पर बेस्ड होंगी।

प्रश्न : 19. क्या आप सोशल मीडिया पर ज्योतिष और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने की योजना बना रही हैं?
Ans: जी हां मैं ऑलरेडी इस में वर्क कर रही हूं। आज के समय में लोग डिप्रेशन, एंजाइटी और अनेकों मानसिक पीड़ाओं से गुजर रहे हैं जहां कोई उनको समझने वाला या सुनने वाला नहीं है। आजकल लोग सुनने और समझने से ज्यादा एक दूसरे को जज पहले कर लेते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। इसलिए हमारी फाउंडेशन एक ऐसा प्रोग्राम चल रही है जहां आप बिना अपनी इडेंटीटी बताए अपनी अंतर्रात्मा की आवाज अपने अंदर का दिल का दर्द सिर्फ अपनी आवाज के through लोगों तक पहुंचा सकते हैं। ऐसी बातें जो आपने कभी बचपन से भी किसी के साथ शेयर नहीं की लेकिन आप करना चाहते हैं। जिसको शेयर करने के बाद आप महसूस करते हैं कि आपकी लाइफ़ कोई बोझ उतर गया हो। हल्का फील करते हैं। आप कोई भी हैं किसी भी कम्युनिटी से हैं, किसी भी वर्ग के हैं, आप हमारे साथ इस मुहिम में पार्टिसिपेट कर सकते है शेयर करने के लिए आपके identiti पूरी तरह से गुप्त राखी जाएगी।

प्रश्न : 20. आपके अनुसार एक अच्छा हीलर या ज्योतिषाचार्य बनने के लिए सबसे जरूरी गुण क्या है?
Ans: पेशेंस, धैर्य किसी भी इंसान में जो की एक अच्छा हेयलर बनना चाहता है उसमें धैर्य और एक ठहराव का होना सबसे ज्यादा अनिवार्य होता है। उसके साथ ही उसका संवेदनशील होना भी अनिवार्य है तभी वह इलाज करवाने आए इंसान की बातों को ध्यान पूर्वक धैर्य और ठहराव के साथ सुन सकेगा और जब वह पेशेंट की संवेदनाओं को महसूस करेगा तभी वहीं एक अच्छा हिलर बन पाएगा और ठीक तरीके से हीलिंग कर पाएगा।

प्रश्न :  21. आपके अनुसार वुंब हीलिंग (Womb Healing) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Ans: वुंब हीलिंग करने का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि बहुत सी ऐसे घटनाएं होती हैं जो कि आपकी मां के साथ तब घटित हुई थी जब आप अपनी माता के गर्भ में थे, कुछ ऐसी दर्दनाक बातें जो आपने अपनी मां के साथ अपने गर्भकाल में महसूस की थी और आप उनसे उस दर्द से आज तक बाहर निकल ही नहीं पाए या उस घटना ने आपकी वर्तमान जीवन में कोई फिजिकल या मानसिक बीमारी का रूप ले लिया और आप इलाज करवाते जा रहे हैं लेकिन आपको उसका रूथ कॉस नहीं पता कि यह क्यों और कैसे हुआ आपके साथ। उस दर्द और तकलीफ से निजाद दिलाने के लिए वुम्ब हीलिंग की जाती है और व्यक्ति को reggresion करके अपने गर्भ काल में लेजाया जाता है और उसे वहां उस समय में हिल किया जाता है। जिसके पश्चात वह वर्तमान जीवन में ऑटोमेटिकली हिल hojata है बिना किसी दवाई के। पौराणिक काल की एक ऐसी घटना का जिक्र आज हमारे बीच होता है कि जब अभिमन्यु अपनी माता सुभद्रा की गर्भ में था उस समय अर्जुन ने पानी पत्नी सुभद्रा को चक्रव्यू में प्रवेश करने और तोड़ने की विधि बताई थी। वहीं विधि गर्भ में अभिमन्यु ने अपने पिता के मुख से सुनी थी किंतु दुर्भाग्यपूर्णवश जब अर्जुन ने सुभद्रा को चक्रव्यू में घुसने के बाद उसे बाहर निकलने का ज्ञान दिया तब तक सुभद्रा और उनकी गर्भ में अभिमन्यु दोनों को ही गहरी नींद आगे थी। इसलिए वह बात प्रत्यक्ष प्रमाणित है कि अभिमन्यु ही नहीं बल्कि संसार का हर बच्चा अपनी मां के गर्भ से ही बहुत सी बातें कर्म ज्ञान सीख कर आता है। यह बात पुराणों में भी कही गई है और विज्ञान भी इसे मानता है। यही कारण था कि अभिमन्यु जिसने सिर्फ चक्रव्यू में घुसना सीखा था किंतु उससे वापस बाहर कैसे निकलना है वह नींद आने के कारण नहीं सुन पाया और वही उसकी मृत्यु का कारण भी बना।

प्रश्न : 22. इनर चाइल्ड हीलिंग के उपचार की प्रक्रिया कैसे शुरू की जाती है?
Ans: इनर चाइल्ड हीलिंग में थेरेपिस्ट अपने पेशेंट को उसके बचपन में ले जाता है उस घटना क्रम में जहां की बचपन में उसके साथ कोई भी दर्दनाक घटना क्रम घटा था जिसके कारण वह आज भी उस दर्द से उभर नहीं पाया है। उसे reggresion द्वारा उसी बचपन की एज में लेज कर उन सभी बुरी यादों से हिल किया जाता है और पूरी तरह से उसे खुशी का एहसास दिलाकर वापस वर्तमान समय में लाया जाता है। ताकि वह अपना जीवन खुल कर और आनंद मय होकर अपने हर रिश्ते के साथ दिल से जुड़कर जी सके।

प्रश्न : 23  इन दोनों उपचारों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Ans: एक छोटा सा उदाहरण लेते हैं मान लीजिए एक व्यक्ति जिसने अपने जीवन में कुछ गलत किया है या उसके साथ कुछ गलत हुआ है। उसने कभी किसी को यह बताया नहीं लेकिन वह अंदर ही अंदर उस गिल्ट को लेकर चल रहा है अब यही गिल्ट जो अभी तक इमोशनल लेवल पर उसे परेशान कर रहा था लेकिन अब वह उसके शारीरिक लेवल पर तकलीफ देना शुरू कर देगा जैसे अनजाना सा शरीर में दर्द रहना जिसे हम अपनी भाषा में psychosomatization कहते हैं। और फिर धीरे धीरे वह गिल्ट उसके शरीर में ट्यूमर या कैंसर की बीमारी लेलेगा। तो emotional हेल्थ का फिजिकल हेल्थ इतना गहरा प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न : 24. क्या ये उपचार केवल महिलाओं के लिए हैं, या पुरुषों को भी लाभ हो सकता है?
Ans: यह इलाज किसी भी महिला, पुरुष, बच्चा, बूढ़ा, जवान, किसी के लिए भी फायदेमंद सिद्ध होता है। इसमें कोई लिंग प्रतिबंध नहीं है।

प्रश्न : 25. क्या आपने स्वयं इन विधाओं को अनुभव किया है? यदि हाँ, तो आपकी व्यक्तिगत यात्रा कैसी रही?
Ans: जी हां मैंने भी अपने साधना काल में अपने पिछले कईं जीवन देखें हैं। एक जीवन में मैं कैलाश पर एक योगी थी ,एक जीवन में मैं शम्भाला या Shangri-La में एक बौद्ध धर्म की मठाधीश थी। एक जीवन में मैं एक महारानी थी जिसके कारण अब तक का सबसे बड़ा जौहर हुआ था (रानी पद्मावती)। एक जीवन जहां में अपने आपको एक बाघ के रूप में देखा। फिर हाल ही में एक वर्ष पूर्व एक PLR के दौरान ज्ञात हुआ कि मेरा संबंध गोलोक से है जहां वापस अपने कर्मो को भोग मुझे वापस जाना है।

प्रश्न : 26. आधुनिक जीवनशैली में इन उपचार पद्धतियों की क्या भूमिका हो सकती है?
Ans: देखिए आज विज्ञान भी इस बात को मानता है कि सोल्स होती हैं । आत्मा की भी अपनी एक यात्रा होती है। इसलिए जब रिसर्च किया गया तब पाया गया कि emotional घटनाओं का हमारे फिजिकल लाइफ़एं भी बहुत गहरा असर पड़ता है। और इसलिए आज की युवा और नई पीढ़ी भी इसमें रुचि लेरही है अध्यात्म को अपना रही है। तो समझ को और बेहतर बनाने के लिए ऐसे उपचार पद्धतियों की बहुत आवश्यकता है और इनकी बहुत बड़ी भूमिका है।

प्रश्न 27 :  क्या वूम्ब हीलिंग और इनर चाइल्ड हीलिंग को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ मिलाकर उपयोग किया जा सकता है?
Ans: जी हां अक्सर ऐसा देखा गया है पारंपरिक इलाज के साथ साथ यदि हीलिंग को भी शामिल किया जाए तो व्यक्ति बहुत जल्दी ठीक होता है। बल्कि बहुत बार ऐसा देखा गया है कि जहां दवाई ने काम नहीं किया वहां हीलिंग ने अपना काम कर दिया।

प्रश्न : 28. आप किसी व्यक्ति को यह उपचार शुरू करने से पहले क्या सलाह देना चाहेंगे?
Ans: मैं सबको यही कहूंगी कि आप जब भी किसी थेरेपिस्ट के पास अपने ट्रीटमेंट के लिए जाएं तो सबसे पहले आप अपना 100% ट्रस्ट रखें उस पर। दूसरा जब भी आप थेरेपी लेना स्टार्ट करें उससे पहले अपने आपको बिल्कुल वैसे ही सरेंडर करदे जैसे एक बच्चा अपने मां या पिता के पास होता है। जब आप किसी डॉ को दिखाने जाते हैं तो एक विश्वास के साथ की यह dr आपका इलाज पक्का करदेगा जिससे आप ठीक होजाओगे। तो यही सेम चीज आपको अपने थेरेपिस्ट के लिए भी रखनी है अपने अंदर।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor