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Sunday, March 15, 2026, 1:17 pm

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11-वर्षीय नेतृत्व की राष्ट्रवादी गाथा : (9 जून 2014 – 9 जून 2025)

डी के पुरोहित. जोधपुर

9 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला वर्ष पूर्ण कर देश-सेवा के निरन्तर 11 वर्ष पूरे कर लिये। इन वर्षों में “राष्ट्र प्रथम”—यह एक सूत्रवाक्य नहीं, अपितु नीति-निर्णय का मूलमंत्र रहा। कभी “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” तो कभी “वसुधैव कुटुम्बकम्”—प्रधानमंत्री ने प्राचीन भारतीय वाङ्मय से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक भारत को नयी दिशा प्रदान की।

2. अर्थव्यवस्था — सबसे तीव्र गति से दौड़ता भारतीय रथ

उच्च विकास दर : जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में 7.4 % GDP वृद्धि ने भारत को विश्व-मंच पर सर्वाधिक तीव्र गति से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया ।

नीति-क्रान्ति 2024 : एक वर्ष में ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’, एंजल टैक्स उन्मूलन, एकीकृत पेंशन व ‘बायो-E3’ जैसी दस ‘बिग-बैंग’ नीतियाँ लागू हुईं, जिन्होंने निवेश, नवाचार व रोज़गार के नये द्वार खोले।

कर-सरलीकरण : मध्यम-वर्ग को दोहरी कर-छूट व कॉर्पोरेट क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी दरें प्रदान कर ‘ईase of Doing Business’ सूचकांक में निरन्तर प्रगति।

स्टार्ट-अप एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था : 1.57 लाख से अधिक स्टार्ट-अप और 80 करोड़ इंटरनेट-उपयोगकर्ता—दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नवाचार-परिस्थितिकी तंत्र भारत में विकसित हुआ । 

3. सामाजिक सशक्तिकरण — अन्त्योदय से अमृतकाल तक

बहुआयामी गरीबी-ह्रास : 25 करोड़ नागरिक गरीबी-रेखा से ऊपर उठे ।

जल जीवन मिशन : 15.44 करोड़ ग्रामीण घरों में नल-जल उपलब्ध ।

आयुष्मान भारत 70+ : 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को ₹5 लाख का वार्षिक स्वास्थ्य-बीमा—लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित ।

लखपति दीदी योजना : एक करोड़ ग्रामीण महिलाएँ वार्षिक ₹1 लाख से अधिक अर्जित करने लगीं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्त्री-शक्ति से ओत-प्रोत किया ।

4. डिजिटल इंडिया — आधार, UPI और प्रौद्योगिकी का महायज्ञ

UPI का वैश्विक विस्तार : फ्रांस, यूएई, श्रीलंका आदि में स्वीकृति; विश्व के 46 % डिजिटल भुगतानों का केन्द्र अब भारत ।

आधार का सामर्थ्य : 138 करोड़+ नामांकन और 2024-25 में 2,707 करोड़ प्रमाणीकरण लेन-देन—विश्व का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक प्लेटफ़ॉर्म ।

डिजिटल लाभांश : DBT के माध्यम से ₹34 लाख करोड़ से अधिक सीधे खातों में; पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार-निवारण का अनुपम उदाहरण। 

5. आधारभूत संरचना — गति शक्ति एवं ‘वन्दे भारत’ का स्वर्ण-युग

PM Gati Shakti : 44 मन्त्रालय, 36 राज्य, 1,600+ डेटा-लेयर—₹15.39 लाख करोड़ के 208 मेगा-प्रोजेक्ट्स का समन्वित परीक्षण ।

वन्दे भारत एक्सप्रेस : 136 सेमी-हाई-स्पीड स्वदेशी रेक 2025 तक परिचालन में—विश्वस्तरीय रेल-अनुभव ।

6. ऊर्जा एवं पर्यावरण — सूर्य के संग हरित पथ

200 GW+ नवीकरणीय क्षमता : अक्टूबर 2024 में 203 GW, मार्च 2025 में 214 GW पार—वैश्विक स्वच्छ-ऊर्जा पथ-प्रदर्शक ।

PM Surya Ghar (Muft Bijli) योजना : 10 लाख घरों पर रूफ़टॉप सोलर, 47 लाख से अधिक आवेदन, ₹4,770 करोड़ सब्सिडी ।

अन्तरराष्ट्रीय सौर गठबन्धन व ‘ग्लोबल बायोफ्यूल अलायन्स’** : स्वच्छ-ऊर्जा परिवर्तन को सामूहिक वैश्विक अभियान बनाया । 

7. विज्ञान, नवाचार और ‘सेमीकॉन इंडिया’

चन्द्रयान-3 : 23 अगस्त 2023 को चन्द्र-दक्षिण ध्रुव पर विश्व-प्रथम सॉफ्ट-लैंडिंग; “यह उपलब्धि सम्पूर्ण मानवता की है”—PM मोदी ।

सेमीकॉनडक्टर मिशन : 14 मई 2025 को छठा OSAT प्लांट (HCL-Foxconn) स्वीकृत; ₹3,706 करोड़ निवेश, 2027 से उत्पादन ।

ड्रोन एवं रक्षा-उत्पादन PLI : 80+ देशों को रक्षा-निर्यात; स्वदेशी मिसाइल, नौ-पोत, ड्रोन समाधानों का सशक्त जाल ।

8. राष्ट्रीय सुरक्षा — आत्म-रक्षा से आत्म-निर्भरता तक

आतंक-विरोधी संकल्प** : 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के पश्चात् ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ चार-दिवसीय वायु-प्रहार—पाकिस्तानी सैन्य संरचनाओं को मर्मांतक क्षति, विश्व-समुदाय ने भारत के आत्म-संयमित परन्तु निर्णायक प्रतिकार को सराहा ।

रक्षा आधुनिकीकरण : राफ़ाल, तेजस MK-II, INS विक्रान्त, S-400, Agni-V तथा समुद्र-निगरानी ड्रोन के साथ त्रि-सेना की सर्वांगीण क्षमता-वृद्धि।

9. वैश्विक कूटनीति — भारत की ‘विश्व-मित्र’ भूमिका

G-20 दिल्ली घोषणा : 83 पैराग्राफ, 112 आउटकम—शत-प्रतिशत सर्वसम्मति; ‘वैश्विक दक्षिण’ की आवाज़ बुलन्द ।

आर्थिक गलियारे : भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) ने ‘नये रेशम-पथ’ की वैकल्पिक धारा प्रस्तुत की ।

स्वतन्त्र व्यापार समझौते : मार्च 2024 को EFTA-TEPA, मई 2025 को ऐतिहासिक भारत-UK FTA सम्पन्न—मिलकर £25 बिलियन वार्षिक व्यापार-वृद्धि का लक्ष्य ।

‘वैक्सीन मैत्री’ व आपदा-सहयोग** : कोविड-19 के समय 100+ देशों को टीका, आपदा-प्रबंधन सहायता ने भारत को ‘विश्व-विश्वस्त’ नेता बनाया।

अमृतकाल की ओर अग्रसर भारत

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्ष भारत के लिए बुनियादी पुनरुत्थान का काल रहे—अरबों युवाओं की ऊर्जा, नारी-शक्ति का उत्थान, ग्रामीण-शहर समन्वय तथा तकनीक-सशक्त अर्थव्यवस्था ने मिलकर ऐसे “नव-भारत” की रचना की है जो आत्म-विश्वसनीय भी है और विश्व-विश्वसनीय भी। **‘राष्ट्र प्रथम’ की यह साधना आर्थिक समृद्धि, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक गौरव और वैश्विक मित्रता—चारों स्तम्भों पर अविचल खड़ी है।

आगामी वर्षों में ‘पंच-प्रण’—विकसित भारत, औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति, सांस्कृतिक गौरव, एकता-एकजुटता तथा नागरिक-कर्तव्य—हम सबके पाथेय हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह नेतृत्व-यात्रा न केवल भारत को, बल्कि समूची मानवता को 21वीं सदी के ‘सूर्योदय राष्ट्र’ का आलोक दिखा रही है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor