बैठक में तैयारियों पर की चर्चा, विभिन्न जिम्मेदारी बांटी
डी के पुरोहित. जोधपुर
जोधपुर के जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ, रत्नप्रभ धर्म क्रिया भवन में इस वर्ष का चातुर्मास एक ऐतिहासिक अवसर बनने जा रहा है। गणिवर्य विश्वरत्नविजय महाराज, गणिवर्य रश्मिरत्नविजय महाराज सहित कुल 40 साधु-साध्वीवृंद का चातुर्मास यहाँ घोषित हुआ है। इसके साथ ही कई दीक्षार्थी, पंडित एवं आराधकजन भी चातुर्मास में सम्मिलित होंगे।
चातुर्मास की तैयारियों के संदर्भ में संघ कार्यकारिणी की विशेष बैठक संघ अध्यक्ष हनुमानचंद तातेड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। संघ प्रवक्ता धनराज विनायकिया ने जानकारी दी कि इस वर्ष का चातुर्मास सूर्यनगरी जोधपुर के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में साधु-साध्वीवृंद यहाँ चातुर्मास करेंगे।
बैठक में मंदिर, धर्मशाला, हॉल, कमरे, भोजनशाला व आराधना भवन के नवीनीकरण व सज्जा सहित विभिन्न तैयारियों पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस अवसर पर संघ में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए पार्षद मनीष लोढ़ा का विशेष अभिनंदन एवं बहुमान भी किया गया।
बैठक में संघ अध्यक्ष हनुमानचंद तातेड़, उपाध्यक्ष भैरूमल मेहता, सचिव उम्मेदराज रांका, श्रवण दुगड़, केवलराज सिंघवी, अनिल मेहता, वार्षिक अनुष्ठान संयोजक रिखबराज बोहरा, ललित पोरवाल, जगदीश खांटेड, शिक्षाविद् गौतम मेहता, मनीष मेहता, चंद्रप्रकाश पगारिया, अनुपम चौरड़िया, प्रवीण तातेड़, राजेंद्र भंडारी, मनोहर हीरण, महेंद्र मेहता, धर्मेंद्र-सिंहवी, जितेंद्र सिंहवी, आलोक पारख तथा तपागच्छ युवा मंडल सहित कई सदस्यगण उपस्थित रहे।
सभी ने इस ऐतिहासिक चातुर्मास में अधिक से अधिक धार्मिक लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रवक्ता विनायकिया ने बताया कि चातुर्मास के दौरान धार्मिक साधना, आराधना एवं विविध आध्यात्मिक कार्यक्रमों के आयोजन से शहर में एक विशेष आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होगा। समस्त जैन समाज में चातुर्मास को लेकर भारी उत्साह व उमंग व्याप्त है तथा संघ द्वारा तैयारियों को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।




