शिव वर्मा. जोधपुर
संतों की तपोस्थली श्री बड़ा रामद्वारा सूरसागर में आयोजित चातुर्मास सत्संग समारोह के अंतर्गत महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज ने गुरु वाणी सत्संग के माध्यम से कहा कि शिष्य को हमेशा गुरु परख कर बनाना चाहिए। गुरु वही जो शिष्य को का जन्म-मरण का रोग मिटा देते हैं । शिष्य को हमेशा उत्तम गुरु की शरण लेनी चाहिए । जो शिष्य हमेशा गुरु वचनों को विश्वास के साथ अपने जीवन में धारण करता है। उसका जीवन सफल हो जाता है। जो व्यक्ति कंजूस है वह क्या दान करेगा । इसलिए सन्त ने कहा कि व्यक्ति को हमेशा दान पुण्य करना चाहिए। धन का शुद्धिकरण दान- पुण्य करने से होता है। और कहां है कि जीव को कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। संत मदनदास ने बताया है कि सत्संग का कार्यक्रम सुबह 5:00 बजे प्रार्थना और सुबह 8:30 बजे से संकीर्तन , सत्संग और दोपहर 1:00 बजे से संत वाणी सत्संग का कार्यक्रम होता है। 10 जुलाई गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। देवल पुजन के साथ गुरु पुजन का कार्यक्रम शुरू होगा।









