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Sunday, August 23, 2026, 9:59 am

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डॉ. हस्तीमल आर्य हस्ती को साहित्य के क्षेत्र में मिला सम्मान

यह सम्मान उन्हें बाबा खींवादास पीजी महाविद्यालय, सांगलिया,सीकर राजस्थान में दिया गया।

राइजिंग भास्कर. जोधपुर

जोधपुर के पूर्व प्रमुख चिकित्सा अधिकारी और अतिरिक्त अधीक्षक डॉ हस्तीमल आर्य हस्ती सेवानिवृत्ति के बाद साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं।। उन्हें मानविकी बहु अनुशासनिक साहित्य शोध संस्थान, रावतसर हनुमान गढ़ राजस्थान द्वारा 30-31अक्टूबर 2025 को साहित्य एवं सामाजिक विशिष्ट सेवाओं व उपलब्धियों के आधार पर
“अंतरराष्ट्रीय साहित्य वाचस्पति पुरस्कार -2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बाबा खींवादास पीजी महाविद्यालय, सांगलिया,सीकर राजस्थान में दिया गया।

इस मौके पर उनके शोध-पत्र  “बाजारवाद और स्त्री विमर्श” पुरस्कृत हुआ। इसी अवसर पर उनकी पुस्तक जापानी हाइकु काव्य विधा में लिखी “भोर के मोती” का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक पीठाधीश्वर ओमदास महाराज, कार्यक्रम सचिव विजय कुमार पटीर, रामसिंह खंगार महाविद्यालय के प्राचार्य सुनील गुप्ता, ओपी बैरवा आयुक्त, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान,राजेंद्र नायक पूर्व आईएएस एवं वर्तमान अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग, राजस्थान, रवि पुरोहित वरिष्ठ लेखक एवं संपादक, बीकानेर, कुलवंत सिंह वैज्ञानिक भाभा परमाणु केंद्र, मुम्बई, श्रीमती अंजू शर्मा लेखिका एवं कवयित्री नवी मुंबई के करकमलों से विमोचन हुआ। इसी कार्यक्रम के दूसरे चरण में डॉ हस्ती मल आर्य हस्ती के द्वारा “भूमंडलीकृत वैश्वीकरण एवं बाजारवाद” पर विशिष्ट अतिथि वक्तव्य दिया गया। जिसमें भूमंडलीकरण, वैश्वीकरण तथा बढ़ते बाजारवाद के दौर में विशेषकर चिकित्सा क्षेत्र किस तरह से भारत विश्व में चिकित्सा हब बनता जा रहा है। विषय पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर श्रीमती रमा अध्यक्ष मां सावित्री फुले महिला संघ की अध्यक्षा ने माल्यार्पण व साफा पहनाकर अभिनदंन किया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor