शिव वर्मा. जोधपुर
आज नई सड़क पर न तो ट्रैफिक जाम है। न यहाँ ठेलो ने सड़क पर कब्जा कर रखा है। सिर्फ अफसरों क़ी एक आवाज़ पर सभी विभाग सक्रीय है। तो मतलब साफ है जब आज सिस्टम सही हो सकता है तो क्यों हम रोजाना परेशान हो??? और नई सड़क क्या पुरे शहर मे कमोंबेस यही होता है जब भी कोई VIP विजिट होती है। सारी सरकारी मशीनरी लग जाती है शहर के स्वरूप को सुधारने मे तो क्यों आम जनता घंटो जाम मे फसें?? क्यों पार्किंग क़ी जगह पर ठेलो का कब्जा?? बिजनेसमैन नवीन सोनी ने बताया कि
क्यों हमे टूटी सड़के मिले??? क्योंकि ये तो तय है गलती सौ प्रतिशत सिस्टम क़ी है। शहर प्रशासन यदि ठान ले तो शहर क़ी दशा और दिशा सही हो जाए। काश थाईलैंडी की राजकुमारी रोजाना नई सड़क आए। क्योंकि राजकुमारी के आगमन में व्यवस्थाएं एक ही रात में दुरुस्त हो गई।








