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Thursday, April 16, 2026, 12:36 am

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अभावों के भंवर से उबारने आ गया ‘सांवरिया’…कैलाश चंद्र लढ़ा की सोच समाज को दे रही नई दिशा

सांवरिया संस्था के फाउंडर कैलाश चंद्र लढ़ा का कहना है कि हो गई है पीर पर्वत-सी अब पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए…यह केवल कविता नहीं, यह समाज परिवर्तन का संकल्प है। सांवरिया एक ऐसी सोच और संकल्प है जो पर पीड़ा को हरने का मंच है…यहां मूल भावना यह है कि गरीब की पीर हरने खुद सांवरिया आते हैं…।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

कैलाश चंद्र लढ़ा की सोच समाज को नई दिशा दे रही है। उनके द्वारा गठित संस्था ‘सांवरिया’ अभावों के भंवर से हर किसी को उबारने में मदद करती है। लढ़ा का मानना है कि हम सभी “साँवरिया सेठ” के बारे में जानते हैं। साँवरिया सेठ प्रभु श्रीकृष्ण का ही एक दिव्य रूप हैं, जिन्होंने भक्तों के लिए अनेक रूप धारण करके समय-समय पर भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण कीं। कभी सुदामा को तीन लोक दान देकर, कभी नानीबाई का मायरा भरकर, कभी कर्माबाई का खीचड़ा स्वीकार करके, कभी राम बनकर तो कभी श्याम बनकर—प्रभु ने हमेशा यह सिद्ध किया कि भक्ति और सेवा का मार्ग ही सर्वोच्च है। और हम सब मनुष्य तो केवल निमित्त मात्र हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है—”मैं सभी के लिए समान हूँ” फिर भी संसार में कई प्रकार की असमानताएँ दिखाई देती हैं।
कोई टाटा-बिरला जैसे उच्च परिवार में जन्म लेता है, तो कोई अत्यंत गरीब और वंचित परिवार में। कोई जन्म से स्वस्थ, सुंदर और समृद्ध होता है, तो कोई जन्म से ही संघर्ष और अभावों में जीवन जीने को मजबूर। पर क्या यह भगवान का भेदभाव है? नहीं।
जैसे एक न्यायाधीश अपराध के अनुसार अलग-अलग दंड देता है, वैसे ही मनुष्य का जीवन, परिस्थितियाँ और भाग्य भी कर्मों पर आधारित होते हैं। कलियुग में पाप स्वतः हो जाते हैं, पर पुण्य करने के लिए प्रयास करना पड़ता है। सांवरिया सेठ के भक्त कैलाश चंद्र लढ़ा ने अपने आराध्य के नाम से संस्था बना दी। यह संस्था मानवता की सेवा को समर्पित एक संकल्प है। एक आंदोलन है। एक नई सोच है। कैलाश चंद्र लढ़ा कहते हैं कि  “अपने लिए तो सभी करते हैं, दूसरों के लिए कर के देखो।” इन्हीं भावनाओं को आत्मसात करते हुए वे आगे बढ़े और एक ऐसी संस्था खड़ी कर दी जो समाज को नई दिशा दे रही है। इसी विचार और प्रेरणा के साथ एक साधारण व्यक्ति ने, समाज में फैली पीड़ा को देखकर, एक संकल्प लिया—

कि इस संसार में जो लोग भूखे सोते हैं,
जिनके पास कपड़े नहीं हैं,
जिनके पास पढ़ने को किताबें नहीं हैं,
जिनके पास इलाज के लिए साधन नहीं हैं,
जो मजबूरी में भीख माँगने को विवश हैं,
उनके लिए कुछ किया जाए।
बहुत लोग यह सब देखते हैं, पर बहुत कम लोग इसे अपना उद्देश्य बनाते हैं।

सांवरिया संस्था की स्थापना का उद्देश्य : 

सांवरिया संस्था की स्थापना का उद्देश्य केवल सेवा है। यह संस्था उन लोगों से संपर्क रखने के लिए बनाई गई है जो समाज में बदलाव चाहते है और मानवता की सेवा में योगदान देना चाहते हैं। सांवरिया का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति अभाव में न रहे और समाज में सहयोग की भावना जागृत हो। इस संकल्प के साथ 31 जुलाई 2005 को सावन माह में भगवान का नाम लेकर यह सेवा अभियान प्रारंभ किया गया और आज यह एक मजबूत सामाजिक आंदोलन के रूप में विकसित हो रहा है।

सांवरिया संस्थान की पहचान इस प्रकार है-

– सेवा
– सहयोग
– संवेदना
– समाज निर्माण
– राष्ट्र निर्माण
फेसबुक पेज https://www.facebook.com/sanwariyaclub

सांवरिया संस्था चाहती है कि भारत ऐसा देश बने जहां—

-जहाँ गरीबी न हो
– जहाँ निरक्षरता न हो
– जहाँ भुखमरी न हो
– जहाँ असमानता न हो
– जहाँ भ्रष्टाचार न हो
– जहाँ कोई मजबूर न हो
और हर व्यक्ति सामाजिक व आर्थिक रूप से सक्षम हो।

सांवरिया संस्था किस प्रकार सेवा करता है?

संस्था समाज से अपील करती है कि लोग अपने घर की अनुपयोगी वस्तुएँ फेंकने के बजाय, जरूरतमंदों तक पहुँचाएँ। सांवरिया के माध्यम से एकत्र की जाने वाली सामग्री कपड़े, किताबें, स्कूल सामग्री, जूते-चप्पल, स्वेटर, कंबल, रजाई, चादर, बिस्तर, मेडिकल उपकरण, दवाइयाँ, पुराने कंप्यूटर, चश्मे, खिलौने, साइकिल, बैग आदि इन वस्तुओं को जरूरतमंदों में वितरित कर बिना पैसे के पुण्य कमाया जा सकता है।

भोजन बचाओ – भूख मिटाओ अभियान

भारत में बड़े-बड़े जन्मदिन, शादी समारोह और धार्मिक आयोजनों में भारी मात्रा में भोजन और पानी की बर्बादी होती है। यदि वही भोजन उसी क्षेत्र में भूखे सोने वालों को बांट दिया जाए तो—

– भूखमरी कम होगी
– चोरी, लूट, अपराध कम होंगे
– समाज में भाईचारा बढ़ेगा
– देश में शांति और सद्भाव बढ़ेगा

गौ सेवा अभियान

सांवरिया समाज को प्रेरित करता है कि—
रोटी
सब्जी
फल के छिलके
इन्हें अलग रखकर गौ माता के लिए गौशाला तक पहुँचाया जाए। या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को रोजगार देकर यह सेवा नियमित कराई जाए।

शिक्षा सहयोग अभियान

सांवरिया का उद्देश्य केवल दान नहीं बल्कि स्थायी बदलाव है। विद्यालयों में Parent Meeting के दौरान “सहयोग बैंक” बनाकर—
पुराने ड्रेस
किताबें
कॉपी
बैग
पेन-पेंसिल
साइकिल
अन्य स्कूल सामग्री
एकत्र करके जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे शिक्षा सस्ती होगी और गरीब बच्चों का भविष्य बनेगा।

अब सांवरिया का नया अध्याय : सार्वजनिक संपत्ति मरम्मत एवं पुनः उपयोग अभियान 

आज देश में एक नई और बहुत गंभीर समस्या सामने आ रही है—सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में खराब पड़े उपकरणों को
मरम्मत करवाने की बजाय सीधे कबाड़ में डाल दिया जाता है। फिर नया बजट आने पर नया सामान आ जाता है। और जब तक बजट नहीं आता, तब तक जनता परेशानी झेलती है। दूसरी तरफ समाज में—बेरोजगार मैकेनिक, पेंटर, इलेक्ट्रिशियन,कारपेंटर
प्लंबर, कंप्यूटर टेक्नीशियन खाली बैठे रहते हैं।

समाधान: Repair करके उपयोग में लाओ

सांवरिया अब इस दिशा में एक बहुत बड़ा सामाजिक अभियान शुरू करने जा रहा है—“घर की चीजें जैसे हम ठीक करवाते हैं,
वैसे ही सार्वजनिक चीजें भी जन सहयोग से ठीक करवाएँगे।” यह अभियान सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार और जनता दोनों के सहयोग से जनहित में काम करेगा।

वास्तविक उदाहरण

एक सरकारी हॉस्पिटल में 50 व्हील चेयर कबाड़ में पड़ी थीं। जब एक साइकिल मैकेनिक को कहा गया कि—”खराब पड़ी व्हीलचेयर के पार्ट्स इधर उधर लगाकर जितनी सही हो सकती हैं, उतनी सही कर दो।” तो उसने केवल ₹50 प्रति व्हीलचेयर मजदूरी में 50 में से 35 व्हीलचेयर ठीक कर दीं, बाकी 15 के लिए नए पार्ट्स की जरूरत थी।
इस एक प्रयास से—
-हजारों-लाखों रुपये की बचत
-मरीजों को राहत
-मैकेनिक को रोजगार
– Waste कम
यह एक छोटी घटना नहीं, यह एक नया मॉडल है।

सांवरिया के अंतर्गत Repair किए जाने वाले कार्यों की सूची

अस्पतालों में (Hospital Repair Works)
व्हील चेयर रिपेयर
स्ट्रेचर रिपेयर
मेडिकल बेड रिपेयर
ट्रॉली रिपेयर
वार्ड फर्नीचर
वाटर कूलर/RO
पंखे, लाइट, वायरिंग
CCTV कैमरे
पानी की टंकी
छोटे मेडिकल उपकरण
ऑक्सीजन स्टैंड
व्हील चेयर पार्ट्स बदलना

सरकारी स्कूलों में (Govt School Repair Works)
डेस्क-बेंच, कुर्सी, टेबल
ब्लैकबोर्ड/व्हाइटबोर्ड
कंप्यूटर रिपेयर
प्रोजेक्टर रिपेयर
प्रिंटर/स्कैनर
CCTV कैमरा
पंखे, ट्यूबलाइट, वायरिंग
दरवाजे, खिड़की, ताले
स्कूल लाइब्रेरी की किताबों की बाइंडिंग
वाटर कूलर, RO
टॉयलेट मरम्मत
स्कूल भवन में पेंटिंग
मंदिरों में (Temple Repair Works)
लाइटिंग सिस्टम
माइक सेट, स्पीकर
CCTV कैमरे
वाटर कूलर / RO
पानी की टंकी
मूर्तियों का रंग-रोगन
दरवाजे-गेट की मरम्मत
पंखे, वायरिंग
शेड/टीन शेड
मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था
पुलिस थानों में (Police Station Repair Works)
CCTV कैमरा सेट
वायरिंग व लाइट
कंप्यूटर, प्रिंटर
फर्नीचर
वाटर कूलर
दरवाजे-खिड़की
टंकी, प्लंबिंग कार्य
पार्क व सामुदायिक भवन (Park & Community Hall Repair Works)
झूले, खेल उपकरण
पार्क बेंच
स्ट्रीट लाइट
गेट/रेलिंग
पेंटिंग व सफाई
पानी की टंकी
सामुदायिक भवन में फर्नीचर मरम्मत
टॉयलेट और पाइपलाइन सुधार

सांवरिया की कार्यप्रणाली (Working System)

सांवरिया इस अभियान को पूरी योजना के साथ चलाएगा।

चरण 1: पहचान (Survey)
टीम द्वारा स्कूल/अस्पताल/मंदिर/पार्क में जाकर
खराब उपकरणों की सूची तैयार की जाएगी।
चरण 2: रिपोर्ट और अनुमति
संबंधित संस्था प्रमुख/प्रशासन से चर्चा कर
Repair योग्य वस्तुओं की अनुमति ली जाएगी।
चरण 3: विशेषज्ञ टीम तैयार
Sanwariya अपने क्षेत्र में एक “Repair Team Network” बनाएगा:
Mechanic Team
Electrician Team
Carpenter Team
Painter Team
Plumber Team
Computer Technician Team
CCTV Technician Team
चरण 4: कम लागत में Repair
लोकल वर्कशॉप और विशेषज्ञों से कम खर्च में Repair कराना
पार्ट्स की व्यवस्था
जरूरत पड़ने पर जनसहयोग से फंडिंग
चरण 5: पुनः उपयोग (Reuse)
Repair के बाद सामान को तुरंत वापस उपयोग में लाना
ताकि जनता को राहत मिले
चरण 6: निगरानी (Monitoring)
हर Repair का रिकॉर्ड
फोटो/वीडियो अपडेट
पारदर्शिता

यह अभियान क्यों जरूरी है?

क्योंकि यह—
– सरकारी धन बचाएगा
– जनता की सुविधा बढ़ाएगा
– रोजगार उत्पन्न करेगा
– भ्रष्टाचार की संभावना घटाएगा
– कबाड़ को कम करेगा
– Waste Management को मजबूत करेगा
– देश में “जिम्मेदार नागरिक” संस्कृति बनाएगा

सांवरिया से कौन जुड़ सकता है?

सांवरिया इस अभियान में सभी को जोड़ना चाहता है:

-मैकेनिक
– इलेक्ट्रिशियन
– कारपेंटर
– पेंटर
– प्लंबर
– कंप्यूटर टेक्नीशियन
– CCTV टेक्नीशियन
– मिस्त्री
– समाजसेवी
– व्यापारी वर्ग
– विद्यार्थी
– हर जागरूक नागरिक

सांवरिया का कार्यक्षेत्र (Work Areas)

सांवरिया संस्था निम्न क्षेत्रों में कार्यरत है:
1) गरीबों की सहायता
2) वस्त्र, भोजन और जरूरत की सामग्री वितरण
3) शिक्षा सहयोग
4) चिकित्सा सहायता व मेडिकल उपकरण सहयोग
5) गौ सेवा
6) सामाजिक जागरूकता
7) Waste Management
8) अब नया अभियान: Public Property Repair & Reuse

सांवरिया की अपील

यदि आप इस अभियान का हिस्सा बनना चाहते हैं तो—
– अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूल/अस्पताल/मंदिर में पड़े खराब सामान की जानकारी दें
– Repair करने वाले लोगों को जोड़ें
– सोशल मीडिया पर इस अभियान को फैलाएँ
– अपने क्षेत्र में “Sanwariya Repair Counter” बनाकर सहयोग करें
– तन-मन-धन से अपनी श्रद्धानुसार साथ दें

सांवरिया का सपना

“साँवरिया” का लक्ष्य ऐसे भारत का सपना साकार करना है जहाँ—न गरीबी हो, न निरक्षरता, न असमानता, न भूखमरी और न भ्रष्टाचार। जहाँ हर व्यक्ति सक्षम हो, हर संस्था सुचारू हो, और भारत फिर से विश्वगुरु बने।

सर्वे भवन्तु सुखिनः

हो गई है पीर पर्वत-सी अब पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए…यह केवल कविता नहीं, यह समाज परिवर्तन का संकल्प है।

मानवता की सेवा में समर्पित – “साँवरिया”
🌐 www.sanwariya.org

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor