प्रश्न 1: सबसे पहले आप अपने शैक्षणिक और पेशेवर सफर के बारे में बताइए।
उत्तर: मैंने एमकॉम की शिक्षा प्राप्त करने के बाद बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में अपने कॅरिअर की शुरुआत की। तदुपरांत CAIIB पूरा किया तथा पिछले 30 वर्षों से अधिक समय में मुझे विभिन्न विभागों—जैसे रिटेल बैंकिंग, एस एम ई बैंकिंग, ऑपरेशन्स, ट्रेड फॉरेक्स, ऑडिट, कम्पलायन्स आदि में कार्य करने का अवसर मिला। इस लंबे अनुभव ने मुझे बैंकिंग प्रणाली की गहराई से समझ दी और यह भी सिखाया कि ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुसार उन्हें किस प्रकार बेहतर वित्तीय समाधान प्रदान किए जा सकते हैं।
प्रश्न 2: बैंकिंग क्षेत्र में इतने लंबे अनुभव के दौरान आपको सबसे महत्वपूर्ण क्या सीखने को मिला?
उत्तर: इस क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विश्वास और पारदर्शिता ही बैंकिंग की असली नींव हैं। तकनीक लगातार बदलती रहती है, प्रक्रियाएं भी बदलती हैं, लेकिन ग्राहक का भरोसा कायम रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। मैंने यह भी सीखा कि बैंकिंग केवल लेन-देन का कार्य नहीं है, बल्कि यह लोगों के सपनों—जैसे घर, शिक्षा, व्यवसाय—को साकार करने का माध्यम है।
प्रश्न 3: आपने छात्रों को बैंकिंग क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए प्रेरित करने का निर्णय क्यों लिया?
उत्तर: अपने कार्यकाल के दौरान मैंने देखा कि बहुत से प्रतिभाशाली छात्र सही मार्गदर्शन के अभाव में बैंकिंग क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पाते। कई छात्रों को यह भी पता नहीं होता कि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में अवसर कितने व्यापक हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए मैंने इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल बैंकिंग के माध्यम से छात्रों को मार्गदर्शन देने का निर्णय लिया ताकि वे सही दिशा में तैयारी कर सकें और अपने कॅरिअर को मजबूत बना सकें।
प्रश्न 4: इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल बैंकिंग के इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर: इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद छात्रों को तीन महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें बैंकिंग ऑपरेशन, ग्राहक सेवा, ऋण प्रक्रिया, वित्तीय उत्पादों की जानकारी, डिजिटल बैंकिंग, जोखिम प्रबंधन और इंटरव्यू तैयारी जैसे विषय शामिल होते हैं। हमारा उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण के बाद छात्र सीधे नौकरी के लिए तैयार हों।
प्रश्न 5: इस कार्यक्रम के लिए पात्रता क्या रखी गई है?
उत्तर: इस कार्यक्रम में वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जिनकी आयु 27 वर्ष तक है और जिन्होंने स्नातक स्तर पर कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। हमने यह पात्रता इसलिए रखी है ताकि अधिक से अधिक युवा, जो बैंकिंग क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं, इस अवसर का लाभ उठा सकें।
प्रश्न 6: प्रशिक्षण के बाद छात्रों को रोजगार के अवसर किस प्रकार उपलब्ध कराए जाते हैं?
उत्तर: हमारे संस्थान का वर्तमान में 15 से ज्यादा बैंकों और वित्तीय संस्थानों में अधिकारिक समझौता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद हम निजी क्षेत्र के बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करके छात्रों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। कई संस्थान प्रशिक्षित उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि उन्हें पहले से ही आवश्यक कार्य-कौशल सिखाया जा चुका होता है। इससे छात्रों को नौकरी पाने में आसानी होती है और संस्थानों को भी योग्य कर्मचारी मिल जाते हैं।
प्रश्न 7: पश्चिमी राजस्थान के छात्रों के लिए यह पहल कितनी उपयोगी साबित हो रही है?
उत्तर: पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के प्रशिक्षण के अवसर सीमित रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल जोधपुर बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों को भी बेहतर मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिल रहा है। इससे ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को भी बड़े शहरों में उपलब्ध अवसरों के समान अवसर मिलने लगे हैं।
प्रश्न 8: आज के समय में बैंकिंग क्षेत्र में सफल होने के लिए छात्रों को किन कौशलों की आवश्यकता है?
उत्तर: आज बैंकिंग क्षेत्र तेजी से डिजिटल हो रहा है, इसलिए तकनीकी ज्ञान बहुत जरूरी है। इसके साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल, ग्राहक व्यवहार की समझ, समस्या समाधान की क्षमता और ईमानदारी जैसे गुण भी अत्यंत आवश्यक हैं। जो छात्र लगातार सीखने की आदत रखते हैं, वे इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ते हैं।
प्रश्न 9: आपके अनुसार बैंकिंग क्षेत्र में आने वाले समय में किस प्रकार के अवसर बढ़ने वाले हैं?
उत्तर: आने वाले समय में डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक, माइक्रोफाइनेंस और वित्तीय परामर्श जैसे क्षेत्रों में अवसर तेजी से बढ़ेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं का विस्तार भी रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इसलिए जो छात्र अभी से इन क्षेत्रों की तैयारी करेंगे, उनके लिए भविष्य बहुत उज्ज्वल रहेगा।
प्रश्न 10: छात्रों और युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है?
उत्तर: मेरा संदेश यही है कि कॅरिअर चुनते समय केवल नौकरी की तलाश न करें, बल्कि अपने कौशल और रुचि के अनुसार क्षेत्र का चयन करें। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र उन युवाओं के लिए बहुत अच्छा विकल्प है जो स्थिर और प्रगतिशील कॅरिअर चाहते हैं। सही प्रशिक्षण, अनुशासन और मेहनत से इस क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ा जा सकता है। अवसर हमेशा उपलब्ध रहते हैं, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास की होती है।
प्रश्न 11: अंत में, इस पहल के भविष्य को आप किस प्रकार देखते हैं?
उत्तर: हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में प्रशिक्षित करके उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में हम प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और व्यापक बनाने तथा अधिक संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित करने की दिशा में कार्य करेंगे ताकि पूरे पश्चिमी राजस्थान में जहां बैंकों को हमेशा ही स्किल्ड कर्मचारी की जरूरत रहती है, किंतु इनकी पूर्ति नहीं मिल पाती है, ज्यादा से ज्यादा स्थानीय कर्मचारियों की आपूर्ति की जा सकें।
सांखला का प्रयास समाज और अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत

महेश सांखला का यह प्रयास केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को एक सुनियोजित प्रक्रिया के माध्यम से कॅरिअर निर्माण की दिशा प्रदान करता है। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से अनेक छात्र बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में अपना भविष्य सुरक्षित बनाने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, जो निश्चित रूप से समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है।