मुझे नहीं मालूम पत्रकारों को क्या मिला? लेकिन यह तो मालूम था कि कुछ खास मिलने वाला नहीं था, कुछ होने वाला नहीं था, पूरा सिस्टम ताकतवर मीडिया हाउस का रखैल बन चुका है…एक नई भोर के लिए पत्रकारों को मर-मर कर जीने की बजाय खुली उड़ान भरनी होगी…मैंने इस बजट की तारीफ की…इसलिए नहीं कि बहुत अच्छा है…इसलिए कि अब कोई कुछ कहना-सुनना कोई पसंद भी नहीं करता…सारा मीडिया एक चित्र प्रस्तुत कर रहा है…बजट में पैसा कहां से आएगा? कितना कर्ज लेना होगा? कैसे मैनेजमेंट होगा…लाभ-हानि कैसा बजट है…इन पर कोई बोल नहीं रहा….। कोई बहस नहीं हो रही… बहुत कुछ कहना चाहते हैं, पर फिलहाल इतना ही कि दिया- आपने बहुत कुछ दिया…हम मांगने वाली कौम नहीं है…हमने मांगकर शायद गलती कर दी…हमने आपसे उम्मीदें लगाई हम क्षमाप्रार्थी हैं…
दिलीप कुमार पुरोहित. जयपुर
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राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का राज्य बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि “समग्र विकास, जनकल्याण और आधुनिक राजस्थान” की स्पष्ट रूपरेखा के रूप में सामने आया है। यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने, ग्रामीण-शहरी संतुलन स्थापित करने, युवाओं को अवसर देने, किसानों को मजबूत बनाने और सामाजिक सुरक्षा को व्यापक बनाने का व्यापक विज़न प्रस्तुत करता है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन और डिजिटल सेवाओं तक हर क्षेत्र में योजनाबद्ध निवेश का संकेत यह बताता है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान तेजी से विकास की मुख्यधारा में अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बजट का केंद्र “जनोपयोगी विकास” है—ऐसा विकास जो सीधे आम नागरिक के जीवन को आसान बनाए, रोजगार के अवसर बढ़ाए और राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत करे।
सड़क सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर: सुरक्षित और आधुनिक यातायात व्यवस्था की ओर
राजस्थान सरकार ने इस बजट में सड़क सुरक्षा और सड़क नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी है। 16,430 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण पर 27,860 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इसके साथ-साथ 20,000 किलोमीटर स्टेट हाईवे के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे औद्योगिक, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों को तेज गति से जोड़ने में मदद मिलेगी।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए 2027 तक दुर्घटना मौतों में 90 प्रतिशत कमी का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2,000 नए सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, ब्लैक स्पॉट हटाने की विशेष कार्रवाई और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सीपीआर प्रशिक्षण अनिवार्य करना एक व्यापक सुरक्षा दृष्टिकोण को दर्शाता है। 15 नए ROB/RUB, 500 किलोमीटर नए पुल और बाईपास तथा बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार के लिए विशेष बजट प्रावधान ग्रामीण-शहरी यातायात को सुगम बनाएंगे।
आर्थिक विकास: तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
बजट में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और वर्ष 2026-27 में राज्य की अर्थव्यवस्था 21 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपये से अधिक होने का अनुमान राजस्थान की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार से जुड़ी हुई है।
सामाजिक सुरक्षा: कमजोर वर्गों के लिए मजबूत सहारा
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत 91 लाख लाभार्थियों को 28,400 करोड़ रुपये की पेंशन दी जाएगी। यह प्रावधान बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीधी आर्थिक सहायता योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा कवच प्रदान करना प्राथमिकता रहेगी।
किसानों के लिए सशक्तिकरण की दिशा
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किसान सम्मान निधि के तहत 10,900 करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य कृषि को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीक, सिंचाई और बाजार व्यवस्था को मजबूत करना है। यह निवेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जल और पेयजल प्रबंधन: हर घर तक सुरक्षित पानी
पेयजल क्षेत्र में 24,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा राज्य के जल संकट समाधान की दिशा में बड़ा कदम है। तीन लाख नए नल कनेक्शन, 6,500 गांवों को हर घर नल योजना से जोड़ना, 600 ट्यूबवेल और 1,200 हैंडपंप स्थापित करना ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब की शुरुआत से पानी की गुणवत्ता की निगरानी भी बेहतर होगी। गर्मियों में जल संकट से निपटने के लिए प्रत्येक कलेक्टर को विशेष निधि उपलब्ध कराना प्रशासनिक तत्परता को दर्शाता है।
ऊर्जा और जलवायु नीति: हरित राजस्थान की ओर
राज्य की पहली समग्र जलवायु नीति लागू करने की घोषणा पर्यावरणीय दृष्टि से ऐतिहासिक कदम है। ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य और 1,400 मेगावाट के सौर संयंत्रों की स्थापना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी। 1.30 लाख घरों में रूफटॉप सोलर स्थापना, 379 नए सबस्टेशन और बिजली व्यवस्था की एआई आधारित मॉनिटरिंग आधुनिक ऊर्जा प्रबंधन का संकेत है।
शहरी विकास और आवास
शहरों के कायाकल्प के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान, 7 लाख नई स्ट्रीट लाइटें और ड्रेनेज सिस्टम के लिए 1,020 करोड़ रुपये शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाएंगे। जयपुर शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए 1,000 करोड़ रुपये तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रावधान शहरी योजना को मजबूत करेंगे। 28 लाख परिवारों के लिए आवास स्वीकृति गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत का बड़ा कदम है।
औद्योगिक विकास और निवेश
औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये, ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाओं के लिए 350 करोड़ रुपये तथा DMIC के अंतर्गत जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक हब की योजना निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी को दिसंबर 2026 तक लागू रखना निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है।
युवाओं और शिक्षा के लिए नई पहल
युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज-रहित बिजनेस लोन देने की योजना स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देगी। 10वीं-12वीं के मेधावी छात्रों को 20,000 रुपये के ई-वाउचर, 500 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा, एआई लैब और STEM शिक्षा का विस्तार भविष्य की कौशल आधारित अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम है। 150 कॉलेजों में आत्मरक्षा केंद्र और “स्कूल ऑन व्हील्स” जैसी योजनाएं शिक्षा को अधिक सुलभ बनाएंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार
‘राज सुरक्षा’ योजना के तहत दुर्घटना प्रतिक्रिया प्रणाली, टेली-थ्रोम्बोलिसिस सुविधा और CHC स्तर पर हार्ट अटैक उपचार उपलब्ध कराने की योजना स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी। जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर, एसएमएस अस्पताल में मेंटल हेल्थ एक्सीलेंस सेंटर, RUHS में पीडियाट्रिक ICU और अस्पतालों में फायर सुरक्षा सिस्टम का प्रावधान स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाएगा। ‘मोक्ष वाहिनी’ सेवा मृतकों के पार्थिव शरीर को घर तक मुफ्त पहुंचाने जैसी संवेदनशील पहल है।
महिला-बाल विकास और जनजातीय कल्याण
7,500 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ में परिवर्तित करना, हजारों केंद्रों को बिजली कनेक्शन देना और एआई आधारित मेंटरिंग सेवा बच्चों और महिलाओं के पोषण व शिक्षा को बेहतर बनाएगी। सहरिया और कथौड़ी परिवारों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता तथा श्रमिकों के लिए ‘श्रम सेतु’ ऐप डिजिटल श्रम प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यटन और एविएशन: वैश्विक पहचान की दिशा
5,000 करोड़ रुपये के पर्यटन मेगा प्लान, जैसलमेर में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म ज़ोन, शेखावाटी हवेलियों को यूनेस्को सूची में शामिल कराने की तैयारी और बुजुर्गों के लिए 60,000 मुफ्त तीर्थ यात्राओं की योजना पर्यटन उद्योग को नई गति देगी। नए एयरपोर्ट की संभावनाओं का अध्ययन और पायलट ट्रेनिंग सेंटर एविएशन क्षेत्र को मजबूत करेंगे।
डिजिटल और आईटी सेवाओं का विस्तार
ई-मित्र की 100 सेवाओं को व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराने, स्मार्ट सेवा केंद्र स्थापित करने और पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देने से नागरिक सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और सुलभ होंगी। डेटा सुरक्षा पर विशेष जोर डिजिटल प्रशासन को भरोसेमंद बनाएगा।
समग्र दृष्टि: जनकल्याण और विकास का संतुलन
राजस्थान बजट 2026-27 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विकास और जनकल्याण दोनों को समान महत्व दिया गया है। जहां एक ओर बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, औद्योगिक निवेश और ऊर्जा विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास की योजनाएं आम नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगी।
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि राजस्थान केवल पारंपरिक पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा, उद्योग और कौशल आधारित अर्थव्यवस्था के माध्यम से भविष्य की नई पहचान बनाना चाहता है।
यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, तो आने वाले वर्षों में राजस्थान न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होगा बल्कि नागरिक सुविधाओं, रोजगार अवसरों और जीवन गुणवत्ता के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।








