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Thursday, April 16, 2026, 4:33 am

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पंकज के आइडिया की कीमत वाट्सएप ने पहचानी…’मैसेज री-शेड्यूल’ विकल्प दिया, पंकज ने कहा- शुक्रिया मार्क जुकरबर्ग

डिजिटल युग में अक्सर कहा जाता है कि एक साधारण यूज़र का आइडिया भी दुनिया बदल सकता है। राजस्थान के जैसलमेर निवासी पंकज भाटिया ने इसे सच कर दिखाया है। कुछ वर्ष पहले उन्होंने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp को एक ईमेल भेजकर ऐसा सुझाव दिया था, जो आज करोड़ों यूज़र्स के लिए उपयोगी फीचर के रूप में सामने आ चुका है—“मैसेज री-शेड्यूल” यानी निर्धारित समय पर संदेश भेजने का विकल्प।

दिलीप कुमार पुरोहित. जैसलमेर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

जैसलमेर के पंकज भाटिया का सुझाव पर वैश्विक फीचर: WhatsApp ने ‘मैसेज री-शेड्यूल’ विकल्प जोड़ दिया है। इस तरह एक आइडिया की कीमत पहचानी गई और स्थानीय सोच को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला। कहते हैं आइडिया बिकता है, कद्रदान चाहिए। वाट्सएप जैसी कंपनी ने पंकज भाटिया के वर्षों पहले भेजे आइडिया पर मंथन किया और आखिर यह विकल्प जुड़ ही गया। इसके लिए पंकज ने मार्कजुकरबर्ग का आभार जताया है।

डिजिटल युग में अक्सर कहा जाता है कि एक साधारण यूज़र का आइडिया भी दुनिया बदल सकता है। राजस्थान के जैसलमेर निवासी पंकज भाटिया ने इसे सच कर दिखाया है। कुछ वर्ष पहले उन्होंने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp को एक ईमेल भेजकर ऐसा सुझाव दिया था, जो आज करोड़ों यूज़र्स के लिए उपयोगी फीचर के रूप में सामने आ चुका है—“मैसेज री-शेड्यूल” यानी निर्धारित समय पर संदेश भेजने का विकल्प।

एक साधारण जरूरत से जन्मा असाधारण सुझाव

पंकज भाटिया ने अपने मेल में लिखा था कि कई बार लोग देर रात काम करते हैं, लेकिन किसी को जन्मदिन की बधाई या महत्वपूर्ण संदेश ठीक 12 बजे भेजना चाहते हैं। वहीं, कुछ लोग सुबह 7 बजे स्क्रीन पर संदेश दिखाना चाहते हैं, पर उस समय वे व्यस्त होते हैं। ऐसे में अगर WhatsApp में संदेश को पहले से तय समय पर भेजने की सुविधा हो, तो यह यूज़र्स के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा था कि अगर WhatsApp यह सुविधा विकसित करता है, तो यह ग्राहकों के लिए एक शानदार फीचर होगा और भविष्य में कंपनी के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। पंकज का यह सुझाव एक आम यूज़र की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा था—यानी टेक्नोलॉजी को इंसानी सुविधा के अनुरूप ढालना।

WhatsApp ने जोड़ा नया फीचर

अब WhatsApp ने आधिकारिक रूप से “मैसेज शेड्यूलिंग” फीचर को ऐप में शामिल कर दिया है। इस फीचर के तहत यूज़र पहले से संदेश टाइप करके उसकी तारीख और समय तय कर सकते हैं। निर्धारित समय पर संदेश अपने-आप संबंधित व्यक्ति या ग्रुप तक पहुंच जाएगा।

यह सुविधा विशेष रूप से व्यवसायिक यूज़र्स, छात्रों, प्रोफेशनल्स और उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जा रही है, जो अलग-अलग टाइम ज़ोन में रहने वाले लोगों से संवाद करते हैं। अब देर रात जागकर मैसेज भेजने या अलार्म लगाकर उठने की जरूरत नहीं होगी।

स्थानीय से वैश्विक तक—एक विचार की यात्रा

जैसलमेर जैसे ऐतिहासिक शहर से उठी यह सोच अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। पंकज भाटिया का मानना था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को यूज़र फ्रेंडली और समय-संवेदी बनाना जरूरी है। उन्होंने जो सुझाव दिया, वही आज WhatsApp के नए फीचर के रूप में सामने आया है।

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि टेक्नोलॉजी कंपनियां यूज़र्स की बात सुनती हैं और उपयोगी सुझावों को गंभीरता से लेती हैं। हालांकि WhatsApp ने औपचारिक रूप से किसी एक यूज़र का नाम घोषित नहीं किया, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस फीचर का श्रेय पंकज भाटिया को दिया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने वर्षों पहले इस विषय पर कंपनी को विस्तार से लिखा था।

युवाओं के लिए प्रेरणा

पंकज भाटिया की यह पहल युवाओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण है। अक्सर लोग सोचते हैं कि बड़ी टेक कंपनियों तक उनकी आवाज नहीं पहुंच सकती, लेकिन यह मामला बताता है कि सही विचार और सकारात्मक सुझाव वैश्विक मंच तक पहुंच सकते हैं।
आज डिजिटल इंडिया के दौर में, जहां हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है, वहां यूज़र फीडबैक की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म पर करोड़ों लोग निर्भर हैं। ऐसे में छोटे-छोटे सुधार भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन में क्रांतिकारी बदलाव

मैसेज शेड्यूलिंग फीचर सिर्फ व्यक्तिगत बधाइयों तक सीमित नहीं है। छोटे व्यवसायी अपने ग्राहकों को ऑफर या रिमाइंडर पहले से तय समय पर भेज सकते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को नोटिस शेड्यूल कर सकते हैं। सामाजिक संगठन विशेष अवसरों पर सामूहिक संदेश भेज सकते हैं।

यह फीचर समय प्रबंधन को आसान बनाता है और डिजिटल कम्युनिकेशन को अधिक व्यवस्थित करता है। खासकर उन लोगों के लिए जो फ्रीलांसिंग, ऑनलाइन बिजनेस या मल्टी-टाइम ज़ोन कम्युनिकेशन से जुड़े हैं, यह सुविधा वरदान साबित हो रही है।

तकनीकी नवाचार में आम नागरिक की भूमिका

पंकज भाटिया का उदाहरण यह दर्शाता है कि टेक्नोलॉजी का विकास सिर्फ इंजीनियरों और डेवलपर्स तक सीमित नहीं है। आम नागरिक भी अपनी जरूरतों और अनुभवों के आधार पर महत्वपूर्ण सुझाव दे सकते हैं। आज जब WhatsApp ने यह फीचर जोड़ दिया है, तो यह माना जा रहा है कि यूज़र फीडबैक सिस्टम और मजबूत हुआ है। कंपनी लगातार अपने प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है, और इस दिशा में पंकज जैसे सजग यूज़र्स की भूमिका अहम है।

जैसलमेर में खुशी की लहर

स्थानीय स्तर पर इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है। पंकज भाटिया के परिचितों और मित्रों का कहना है कि उन्होंने जो सुझाव दिया था, वह वास्तव में समय की मांग था। आज जब वही सुविधा वैश्विक ऐप में शामिल हो गई है, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

साधारण ईमेल- करोड़ों लोगों की सुविधा 

एक साधारण ईमेल से शुरू हुई पहल आज करोड़ों लोगों की सुविधा बन चुकी है। WhatsApp का “मैसेज शेड्यूलिंग” फीचर न सिर्फ तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि आम यूज़र की आवाज मायने रखती है। जैसलमेर के पंकज भाटिया ने जो विचार वर्षों पहले साझा किया था, वह आज डिजिटल दुनिया का हिस्सा है। यह कहानी बताती है कि अगर सोच सकारात्मक हो और उद्देश्य जनहित का हो, तो एक साधारण सुझाव भी वैश्विक बदलाव का आधार बन सकता है।

पंकज ने जताया आभार

जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर निवासी पंकज भाटिया का सुझाव अब वैश्विक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर साकार होता नजर आ रहा है। लंबे समय से यूज़र्स जिस “मैसेज शेड्यूल” फीचर की मांग कर रहे थे, उसे कंपनी द्वारा लागू किए जाने के बाद पंकज भाटिया ने औपचारिक रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

पंकज भाटिया ने अपने संदेश में लिखा कि यह फीचर आम लोगों की जरूरत था। अब यूज़र पहले से मैसेज टाइप कर निर्धारित तारीख और समय सेट कर सकेंगे, जिससे देर रात तक जागने या विशेष अवसरों पर समय पर संदेश भेजने की चिंता समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल यूज़र्स को सुविधा मिलेगी, बल्कि वाट्सएप की लोकप्रियता और व्यवसायिक उपयोगिता भी बढ़ेगी।
भाटिया ने कंपनी को भेजे अपने पत्र में आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि कंपनी द्वारा ज़मीनी स्तर के सुझावों को स्वीकार करना सराहनीय कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस निर्णय से वाट्सएप की साख और मजबूत होगी तथा यह फीचर जन्मदिन, वर्षगांठ, त्योहारों और अन्य विशेष अवसरों पर शुभकामनाएं भेजने में बेहद उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने आगे कहा कि वे भविष्य में भी आम उपभोक्ताओं की ओर से उपयोगी सुझाव कंपनी तक पहुंचाते रहेंगे, ताकि डिजिटल सेवाएं और अधिक जनहितकारी बन सकें। स्थानीय स्तर पर भी पंकज भाटिया की इस पहल की सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि छोटे शहर से जुड़े व्यक्ति की आवाज का वैश्विक मंच पर सुना जाना प्रेरणादायक है। यह उदाहरण दर्शाता है कि सकारात्मक सुझाव और रचनात्मक संवाद से बड़े बदलाव संभव हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor