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Thursday, April 16, 2026, 12:22 am

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पूर्व नरेश गज सिंह ने ओरण बचाओ पद यात्रियों से उम्मेद भवन पैलेस में मुलाकात की

ओरण व गोचर भूमि पशुधन,वन्य जीव, जनहित व संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ी है, इसका संरक्षण जरूरी है : पूर्व नरेश गजसिंह

शिव वर्मा. जोधपुर

पूर्व नरेश गज सिंह ने गुरुवार को टीम ओरण के “ओरण बचाओ पदयात्रियों ” से उम्मेद भवन पैलेस में मुलाकात की व उनके कार्यक्रम की जानकारी ली एवं सराहना की ।

पूर्व नरेश गज सिंह ने इस अवसर पर ओरण बचावो पदयात्रियों से उनके कार्यक्रम की जानकारी ली व बातचीत करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य जन भावनाओं, परंपराओं व जनहित से जुड़ा है । ग्रामीण क्षेत्रों में ओरण व गोचर भूमि जिस उद्देश्य को लेकर रखी गई उसका संरक्षण व संवर्धन समय के साथ जरूरी है । उन्होंने कहा कि ओरण व गोचर भूमि, तालाब, प्राचीन कुएं, बावड़ियों का संरक्षण जनहित से जुड़ा है । ओरण – गोचर भूमि हमारी संस्कृति व परंपराओं से जुड़ी हुई । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ओरण व गोचर भूमि को उसके परंपरागत उपयोग तक सीमित रखें । उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में ओरण व गोचर भूमि पशुओं व वन्यजीवों के लिए जीवन यापन के लिए होती है, इसके उपयोग को देखते हुए इस भूमि का संरक्षण बना रहना चाहिए । उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार जन भावनाओं के अनुरूप ही निर्णय लेंगी । उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में विकास के साथ ओरण व गोचर भूमि का संरक्षण अति आवश्यक है ।

खेजड़ी की कटाई पर रोक के निर्णय को सही ठहराया

पूर्व नरेश गज सिंह ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा हाल ही में खेजड़ी की कटाई पर पूरी तरह से रोक के निर्णय को सही व उचित ठहराया । उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा व संस्कृति में अनेक ऐसे वृक्ष हैं जो पूजनीय व जन आस्था से जुड़े हुए हैं ,जिनका संरक्षण जरूरी है ।

ओरण व गोचर भूमि संरक्षण कार्य में सहयोग

पूर्व नरेश गज सिंह ने इस अवसर पर ओरण बचाओ पदयात्रियों से कहा कि उनके इस कार्यक्रम में उनका पूरा सहयोग रहेगा । उनके द्वारा जिस स्तर पर भी कोशिश करनी हो की जाएगी । उनका विशेष सभी से जुड़ा हुआ विषय है ।

पर्यावरण संरक्षण की अपील की

पूर्व नरेश गज सिंह ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाना चाहिए व उनका संरक्षण भी जरूरी है। हम सब की इसके लिए जिम्मेदारी बनती है। हर व्यक्ति इसमें भागीदारी निभाए । संस्थाओं द्वारा, निजी स्तर व सरकारी स्तर पर इसके लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में अपना योगदान दें ।

इन पदयात्रियों ने की मुलाकात

उम्मेद भवन पैलेस में ओरण बचाओ जन जागरण अभियान के पदयात्री सुमेर सिंह सांवता के नेतृत्व में चतर सिंह जाम, रामगढ़, झब्बर सिंह सोनू, भगवान सिंह नेतसी , भूपेंद्र सिंह भवाद, शक्ति सिंह पोपावास, धर्मवीर सिंह सांकड़ा , झब्बर सिंह सांखला व प्रेम सिंह मोहनगढ़ ने मुलाकात की । सभी ने पूर्व नरेश गज सिंह का आभार व्यक्त किया ।

21 जनवरी को जैसलमेर से शुरू हुई है “ओरण बचावो पदयात्रा “

इस अवसर पर ओरण बचावो पदयात्रा की अगुआई कर रहे हैं सुमेर सिंह सांवता ने बताया कि ओरण बचाओ जनजागरण पदयात्रा 21 जनवरी को जैसलमेर के मातेश्वरी तनोट राय मंदिर से जयपुर के लिए रवाना हुई है । तीन दिन तक जोधपुर में पदयात्रियों ने जगह-जगह संपर्क किया । गुरुवार को पदयात्रा जोधपुर से आगे के लिए रवाना हो गई । उनकी मुख्य मांग यह है की ओरण व गोचर भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि के स्थान पर ओरण व गोचर भूमि के नाम से दर्ज की जाए ।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor