Explore

Search

Thursday, April 16, 2026, 1:47 am

Thursday, April 16, 2026, 1:47 am

LATEST NEWS
Lifestyle

एक्सक्लूसिव रिपोर्ट : “अगले 3 महीनों में ईरान दिखाएगा अपनी ‘लौह नीति’, बदलेंगे मध्य पूर्व के geo- political समीकरण”

विश्व प्रसिद्ध एस्ट्रोलॉजर डॉ. के. प्रियंका शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी

राइजिंग भास्कर अंतरराष्ट्रीय डेस्क. नई दिल्ली

मध्य पूर्व (Middle East) में लगातार बदल रहे घटनाक्रमों और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच, दुनिया की जानी-मानी सेलिब्रिटी और जियो-पॉलिटिकल एस्ट्रोलॉजर डॉ. के. प्रियंका शर्मा ने ईरान के भविष्य को लेकर एक बेहद अहम और चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है।

ईरान गणराज्य (1 फरवरी 1979) की स्थापना कुंडली—जिसका लग्न मेष और राशि मीन है—के ज्योतिष विश्लेषण के आधार पर डॉ शर्मा ने दावा किया है कि आगामी 3 महीने (मार्च से मई 2026) ईरान के लिए ऐतिहासिक और बेहद उथल-पुथल भरे साबित होने वाले हैं। डॉ. शर्मा के अनुसार, ग्रहों की वर्तमान चाल स्पष्ट संकेत दे रही है कि ईरान बैकफुट पर जाने के बजाय अपनी सैन्य और कूटनीतिक रणनीतियों में अप्रत्याशित आक्रामकता लाएगा।

यहाँ डॉ. के. प्रियंका शर्मा द्वारा किए गए विश्लेषण के मुख्य अंश दिए गए हैं:

1. आक्रामक सैन्य रुख और ‘लौह नीति’ (Iron Fist Policy)

डॉ. प्रियंका शर्मा के अनुसार, ईरान की कुंडली के दशम भाव (सरकार और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा) में लग्नेश मंगल अपनी उच्च राशि मकर में गोचर कर रहा है। “यह ग्रहीय स्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ईरान की सत्ता अंतरराष्ट्रीय दबावों के आगे बिल्कुल नहीं झुकेगी,” डॉ. शर्मा बताती हैं। “आगामी महीनों में हम ईरान द्वारा एक बड़े सैन्य प्रदर्शन, उन्नत हथियारों के परीक्षण या क्षेत्रीय स्तर पर कड़े शक्ति प्रदर्शन की उम्मीद कर सकते हैं। सरकार पूरी तरह से ‘लौह नीति’ अपनाएगी।”

2. साढ़ेसाती का चरम: कूटनीतिक एकाकीपन और आर्थिक तनाव

आर्थिक मोर्चे पर डॉ. शर्मा ने कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की कुंडली के 12वें भाव (हानि और विदेशी अलगाव) में चंद्रमा के ऊपर से शनि का गोचर हो रहा है, जो देश को शनि की साढ़ेसाती के सबसे गंभीर चरण में ले आया है। डॉ. शर्मा का कहना है, “मार्च से मई के बीच ईरान को कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और मुद्रा स्फीति (Inflation) का सामना करना पड़ेगा। पश्चिमी देश ईरान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की पूरी कोशिश करेंगे, जिससे जनता के बीच अंदरूनी तनाव बढ़ सकता है।”

3. राहु कराएगा ‘गैर-पारंपरिक’ (Unconventional) गठबंधन

प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान हार नहीं मानेगा। 11वें भाव (लाभ और मित्र) में राहु के गोचर का विश्लेषण करते हुए डॉ. शर्मा ने एक दिलचस्प बात कही है। “राहु कूटनीति का मास्टर है। ईरान पारंपरिक रास्तों को छोड़कर एशियाई और यूरेशियन शक्तियों के साथ गुप्त या गैर-पारंपरिक रणनीतिक गठबंधन करेगा। आर्थिक प्रतिबंधों को धता बताने के लिए नई वैकल्पिक आर्थिक प्रणालियों का जन्म होगा।”

4. आंतरिक नीतियां: युवा और विद्रोह पर कड़ा नियंत्रण

मार्च की शुरुआत में 5वें भाव (युवा और शिक्षा) में लगा चंद्र ग्रहण और केतु का गोचर युवाओं के बीच वैचारिक उथल-पुथल का संकेत देता है। हालांकि, डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि दशम भाव में शक्तिशाली ग्रहों की उपस्थिति के कारण सरकार किसी भी आंतरिक विरोध को तुरंत और सख्ती से कुचल देगी।

डॉ. प्रियंका शर्मा का ‘मंथ-बाय-मंथ’ प्रेडिक्शन:

मार्च 2026 (तनाव और सतर्कता): यह महीना अत्यधिक सैन्य सतर्कता का रहेगा। नेतृत्व का पूरा ध्यान सीमाओं को अभेद्य बनाने और पड़ोसियों के साथ बैक-चैनल वार्ता पर होगा।

अप्रैल 2026 (राष्ट्रवाद का उभार): मध्य अप्रैल में जब गोचर का सूर्य मेष राशि (लग्न) में आएगा, तब देश में राष्ट्रीयता की भावना चरम पर होगी। सरकार कोई ऐसा बड़ा भू-राजनीतिक फैसला लेगी जो पूरी दुनिया का ध्यान खींचेगा।

मई 2026 (अंगारक योग और आक्रामक कूटनीति): डॉ. शर्मा ने विशेष चेतावनी देते हुए कहा कि मई मध्य में जब मंगल कुंभ राशि में जाकर राहु के साथ ‘अंगारक योग’ बनाएगा, तब अचानक और हिंसक कूटनीतिक घटनाक्रम हो सकते हैं। पुरानी संधियां टूट सकती हैं।

ईरान झुकने की बजाय पलटवार के लिए जाना जाएगा:

डॉ. के. प्रियंका शर्मा ने अपना विश्लेषण समाप्त करते हुए कहा कि, “दुनिया को एक ऐसे ईरान के लिए तैयार रहना चाहिए जो झुकने के बजाय पलटवार करने में विश्वास रखता है। ये 3 महीने मध्य पूर्व के नक्शे पर ईरान की नई भूमिका तय करेंगे।”

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor