शिव वर्मा. जोधपुर
वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ लम्बे समय से बीमार थे और कुछ सप्ताह से तो वे कोमा की हालत में ही अस्पताल में रहे। आज उनका निधन होना पत्रकारिता जगत के लिये बहुत बड़ी क्षति है।
नारायण बारेठ मूल रुप से रतनगढ़ के रहने वाले थे। उन्होंने सक्रिय रुप से कोटा में पत्रकारिता का उरुज पाया। उन्होंने जोधपुर के लिए काफी समय तक नवभारत अख़बार के लिये रिपोर्टिंग की। बाद में बारेठ जयपुर चले गये। वे बीबीसी हिंदी सेवा के रिपोर्टर भी थे।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी लोगों में उनका शुमार था। पत्रकारिता पाठ्यक्रम के लिये स्थापित विश्वविद्यालय में उन्हें भावी पीढ़ी को पत्रकार बनने के गुण स्थापित करने और पढ़ाने का अवसर मिला। प्रोफेसर नारायण बारेठ एक निष्पक्ष और अच्छे वक्ता के साथ समालोचक भी थे। पूर्व मुख्य्मंत्री अशोक गहलोत की तीसरी सरकार में उन्हें सूचना आयुक्त भी बनाया गया, जहां उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत आने वाले मामलों पर कई ऐसे फैसले दिये जो नजीर बने। उनके निधन से पत्रकार जगत स्तब्ध और शोक में है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।








