पूर्व नरेश गजसिंह ने किया मूर्ति का अनावरण, हजारों लोगों की समारोह में रही भागीदारी
वीर सबल सिंह जोधा के शौर्य को सैकड़ों वर्षों बाद भी याद करना प्रेरणादायक : पूर्व नरेश गजसिंह
शिव वर्मा. जोधपुर
जोधपुर महाराजा जसवंत सिंह प्रथम के साथ काबुल के जमरूद व वीर दुर्गादास राठौड़ के साथ युद्ध में भागीदारी निभाकर अपने शौर्य व वीरता का प्रदर्शन करने वाले फलसूंड के संस्थापक व राव मालदेव के पौत्र वीर सबल सिंह जोधा की फलसूंड में स्थापित अश्वारूढ मूर्ति का रविवार को भव्य समारोह में हजारों लोगों की उपस्थिति में पूर्व नरेश गजसिंह ने अनावरण किया ।
समाज, इतिहास व संस्कृति को जीवित रखने का सराहनीय कार्य
समारोह के मुख्य अतिथि जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह ने मूर्ति अनावरण के पश्चात आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महाराजा जसवंत सिंह प्रथम के समय व काबुल में व वीर दुर्गादास राठौड़ के साथ अपनी वीरता व शौर्य का प्रदर्शन करने वाले वीर सबल सिंह जोधा को सैकड़ो वर्षों बाद याद करना एक प्रेरणादायी कार्य है । उन्होंने कहा कि उनके अच्छे कार्यों के लिए आज इस समारोह में हम सभी उन्हें याद कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज, इतिहास व संस्कृति को जीवित रखने का कार्य है जो सराहनीय है । उन्होंने इस आयोजन में सभी समाजों की भागीदारी पर हर्ष व्यक्तकिया । उन्होंने युवाओं से कहा कि राजस्थान की आन, बान, शान एवं परंपराओं को आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास होना चाहिए । उन्होंने कहा कि पूर्वजों को याद करने, उनका इतिहास व स्थानीय इतिहास की जांच हो ताकि इस कार्य पर और ज्यादा जानकारी मिल सकें ।
राजस्थानी भाषा को मान्यता जल्दी मिले
पूर्व नरेश गज सिंह ने इस अवसर पर राजस्थानी भाषा को मान्यता में हो रही देरी व वर्षों के इंतजार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब राजस्थानी भाषा को मान्यता जल्दी मिलनी चाहिए । राजस्थानी भाषा को मान्यता के लिए वर्षों से हर स्तर पर मांग की जा रही है । उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा हमारी संस्कृति, इतिहास, रीति-रिवाजो के लिए आवश्यक है । उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा से पुनः संकल्प पत्र पारित करके केंद्र सरकार को जल्दी भिजवाया जाना चाहिए ।
ओरण व गोचर का संरक्षण जरूरी
पूर्व नरेश गज सिंह ने इस अवसर पर कहा कि ओरण, आरंग व गोचर भूमि का संरक्षण जरूरी है । यह पशुधन व वन्य जीव के लिए उपयोगी है। खेजड़ी व अन्य वृक्षों को नहीं काटा जाए । पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को साथ रहना है, मिलजुल कर कार्य करना है। समारोह को पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल ने संबोधित करते हुए कहा कि वीर सबल सिंह जोधा का शौर्य हमेशा याद किया जाएगा । ऐसे वीर की मूर्ति लगना प्रेरणादायी है। विधायक पोकरण प्रताप पुरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आज आवश्यकता हमें अपनी परंपराओं व संस्कृति की सुरक्षित व संरक्षित रखने की है । इसी के साथ हमें आज के युग में आगे बढ़ाना है । वीर सबल सिंह जोधा की मूर्ति फलसूंड में स्थापित होना इस धरती को गौरवान्वित करती है। विधायक शिव रविंद्र सिंह भाटी ने कहां कि वीर सबल सिंह का नाम इतिहास में हमेशा अमर रहेगा। उनका हमेशा स्मरण किया जाएगा। समारोह को संबोधित करते हुए भामाशाह मेघराज सिंह रॉयल ने कहा कि प्रतियोगिता के युग में समाज के युवाओं को अधिक से अधिक तकनीकी जानकारी व रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के सभी स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। मारवाड़ राजपूत सभा के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने अपने संबोधन में कहा कि वीर सबल सिंह जोधा जैसे वीरों को याद करना और उनकी मूर्ति स्थापित करना उस वीर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है । उन्होंने कहा कि पूर्व नरेश गज सिंह जैसे संरक्षक के कारण हम सभी गौरवान्वित हैं । समारोह को पूर्व प्रधान श्रीमती सुनीता भाटी ने ने संबोधित करते हुए कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है । उन्होंने कहा कि धन्य है वीर सबल सिंह जोधा की माता जिसने ऐसे पुत्र को जन्म दिया था, जिनके शौर्य की गाथाएं आज हम सभी याद कर रहे हैं । समारोह को मोती सिंह जोधा ने भी संबोधित किया । प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन गंगा सिंह जोधा ने दिया ।
संतों का मिला सान्निध्य
समारोह में सिरे मंदिर जालौर के महंत गोविंद नाथ जी, स्वामी जी की ढाणी मठ के रावल पुरी महाराज, परेऊ मठ के ओंकार भारती महाराज, शेरगढ़ मठ के शिवगिरी महाराज, भियाड़ मठ के मगनपुरी महाराज, सिवाना कोटेश्वर धाम तीर्थ मठ के सत्यम गिरी महाराज, बांदोलाई मठ पोकरण के अनोप पुरी महाराज व करणी कृपा आश्रम नाचना के महंत योगीराम का समारोह में सान्निध्य मिला ।
इन्होंने किया अतिथियों का स्वागत
अतिथियों का स्वागत उदय सिंह जोधा ,गंगा सिंह जोधा, हरि सिंह जोधा ,विजय सिंह जोधा, पूर्व प्रधान इंद्र सिंह , सरपंच फलसूंड रतन सिंह जोधा ,लक्ष्मण सिंह, मोती सिंह जोधा ,नेपाल सिंह, दलपत सिंह ,भंवर सिंह,रणवीर सिंह,हुकम सिंह ,भंवर सिंह महिपाल सिंह ,कमल सिंह, बाबू सिंह ,श्रवण सिंह ,मेहताब सिंह, अर्जुन सिंह ,उगम सिंह ,महेंद्र सिंह ,कालू सिंह ,मोहन सिंह, छैल सिंह, धन सिंह ,भोपाल सिंह, कमल सिंह,डूंगर सिंह ,भवानी सिंह ,पर्वत सिंह,सगत सिंह ने किया । कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण सिंह गड़ा ने किया ।








