नवोदय सबरंग साहित्य परिषद की ओर से बुधवार को अनुराधा अडवानी के आवास पर हुआ खूबसूरत आयोजन
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
नवोदय सबरंग साहित्य परिषद की ओर से बुधवार को अनुराधा अडवानी के आवास पर काव्य गोष्ठी एवं संगीत कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें करीब 20 रचनाकारों ने भाग लिया। करीब ढाई घंटे चले कार्यक्रम में गजलें, गीत, कविताएं और शाइरी ने रंग जमा दिया। वहीं संगीत के प्रोग्राम ने उपस्थित साहित्य प्रेमियों और साहित्यकारों का दिल जीत लिया।
अनुबंध वृद्धजन कुटीर की संचालिका अनुराधा अडवानी ने आरंभ में नवोदय सबरंग साहित्य परिषद के संस्थापक अध्यक्ष एनके मेहता साहब की कविता का वाचन किया। इस मौके पर सभी साहित्यकारों ने एनके मेहता साहब को श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम का आगाज किया। इस दौरान अनुराधा अडवानी ने घोषणा की कि आगामी 22 अप्रैल को एनके मेहता साहब की स्मृति में संगीत का प्रोग्राम आयोजित होगा, वहीं 11 जून को एनके मेहता साहब की बरसी पर वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इसकी तिथि और स्थान जल्द घोषित की जाएगी।
मुश्किलों का हल निकाल लेंगे
अनुराधा अडवानी की मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम में कविताओं की धारा प्रवाहित हुई। शुचि गुप्ता ने अपनी कविता मुश्किलों का हल निकाल लेंगे सुनाकर कहा कि दुनिया में कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका हल नहीं निकाला जा सके। अगर हमारे भीतर हौसला और जज्बा हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। ओमप्रकाश गोयल का विरह गीत खूब पसंद किया गया। राजेन्द्र खिंवसरा की हास्य कविता ने खूब ,गुदगुदाया। उन्होंने बंकिमचंद्र जी और मंगल पांडे का स्मरण करते हुए अपनी कविता से सभी का मन जीत लिया। हंसराज हंसा ने राजस्थानी कविता में जीवन का सार समझाया। उन्होंने कविता के माध्यम से मौसम, बारिश और मेहमानों को परिभाषित किया। साथ ही कहा कि अपनों लोगों के साथ मिलकर रूखी-सूखी खाने में भी आनंद हैं।
कल मेरे गीतों पर जग सारा रोएगा…
दिलीप कुमार पुरोहित ने कल मेरे गीतों पर जग सारा रोएगा, इन आंसुओं की चादर पर यह सितारा सोएगा…गीत सुनाकर वाह-वाही लूटी। पंकज जांगिड़ ने आज मौसम बड़ा बेइमान है गीत सुनाकर दाद लूटी। अशफाक अहमद फौजदार ने जीवन की सच्चाई बयां करने वाली गजल सुनाकर सबका मन जीत लिया। रजा मोहम्मद रजा ने अपनी ताजा गजल सुनाकर दाद लूटी। उनकी रचना तारों ने टूटकर कहा ये जिंदगानी है फना, फूलों ने मुस्करा कर कहा हर खुशी है फना…ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। नंदलाल भाटी ने शृंगार गीत सुनाया। डॉ. तुप्ति गोस्वामी काव्यांशी ने काव्य गोष्ठी का सफल संचालन करते हुए शृंगार रस की कविता सुनाई।
श्याम गुप्ता शांत की कविता खूब पसंद की गई
श्याम गुप्ता शांत ने अपनी कविता के माध्यम से जीवन में पत्नी के महत्व को रेखांकित किया और जीवन साथी की अहमियत को कविता के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
शब-ए-फराक की यारों कोई सहर भी है…
डॉ. महेन्द्र के. जैन ने तलत महमूद के गीत सुनाकर दाद लूटी। कर्नल सुरेश कुमार श्रीमाली ने ताजा गजल सुनाकर अपनी मखमली आवाज का जादू बिखेरा। उनकी पंक्तियां- शब-ए-फराक की यारों कोई सहर भी है। हमारे हाल ही उनको कोई खबर भी है…खूब पसंद की गई। इस मौके पर अर्जुन सांखला ने मुकेश का गीत सुनाकर दर्द भरी आवाज में सबको भाव विभोर कर दिया। उनकी पंक्तियां- कब हंसा था जो ये कहते हो के रोना होगा। हो रहेगा मेरी किस्मत में जो होना होगा…। जब फिंजा में गूंजी तो काव्य गोष्ठी ऊंचाइयों पर पहुंच गई।
क्या-क्या आकार बनाए हैं, बताऊं उसने…उसने जिसका कोई आकार नहीं होता है
दीपा रूहानी ने वो कोई गुजरा हुआ पल नहीं, वो तो पूरी कहानी है मेरी…। सुनाकर साहित्यकारों की दाद लूटी। असरार आहिल ने क्या-क्या आकार बनाए हैं, बताऊं उसने। उसने जिसका कोई आकार नहीं होता है…। सुनाकर खुदा की बनाई दुनिया और खुदा की खूबसूरती का खूबसूरत अंदाज में वर्णन किया। जुगल किशोर सारस्वत ने-संवेदना से शूल चुनौती है। हृदय हो जाता है हूक हूक…सुनाकर भावों और संवेदनाओं का वर्णन किया। इस मौके पर नरेन्द्र अडवानी सभी साहित्यकारों का स्वागत किया। अनुराधा अडवानी ने आरंभ में साहित्यकारों की अगुवानी की। श्याम गुप्ता शांत ने साहित्यकारों का परिचय करवाया। डॉ. तृप्ति गोस्वामी काव्यांशी ने काव्य गोष्ठी का संचालन किया। अशफाक अहमद फौजदार ने आभार जताया। कार्यक्रम के अंत में हाई टी का आयोजन किया गया।








