ध्वजारोहण के बाद गूंजा राष्ट्रगान, रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां; ज्ञात-अज्ञात शहीदों को किया नमन
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
प्रज्ञा निकेतन छात्रावास में देशभक्ति और उत्साह के वातावरण के बीच 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर छात्रावास परिसर में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों, अतिथियों और संस्थान से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया और उनके त्याग एवं बलिदान को नमन किया गया।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया, पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से भर उठा। इसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने सम्मानपूर्वक राष्ट्रगान में सहभागिता की और देश की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
रंगारंग कार्यक्रमों ने बढ़ाया उत्साह
स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गीत, संगीत और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों की मेहनत, आत्मविश्वास और रचनात्मकता की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया। उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को याद करने और नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर भी है।
शहीदों के बलिदान को किया याद
समारोह में वक्ताओं ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन का स्मरण करते हुए उन सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि आज देश जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहा है, उसके पीछे असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान है।
आजादी के आंदोलन में अनेक ऐसे वीर भी रहे, जिनका नाम इतिहास के पन्नों में भले ही प्रमुखता से दर्ज नहीं हो पाया, लेकिन उनका योगदान देश की स्वतंत्रता की नींव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रहा। ऐसे सभी वीरों को याद करना और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
प्रो. कैलाश कौशल रहीं मुख्य अतिथि
कार्यक्रम की चीफ गेस्ट प्रो. कैलाश कौशल थीं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को देश के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में स्पेशल गेस्ट गौरव भंडारी और पंडित मुकुंद क्षीरसागर भी मौजूद रहे। उनके साथ छात्रावास के वार्डन डॉ. अरविंद जोशी तथा प्रो. मीना बरडिया, प्रेसिडेंट, विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान, जोधपुर की भी उपस्थिति रही।
अतिथियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत, सेवा और देशप्रेम को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
देशभक्ति के संकल्प के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के दौरान छात्रावास परिसर में पूरे समय उत्साह और देशभक्ति का माहौल बना रहा। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और अतिथियों के प्रेरक विचारों ने समारोह को सार्थकता प्रदान की। अंत में सभी ने स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करने तथा देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
प्रज्ञा निकेतन छात्रावास में आयोजित यह स्वतंत्रता दिवस समारोह विद्यार्थियों के लिए मनोरंजन और उत्सव के साथ-साथ इतिहास, बलिदान और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को समझने का अवसर भी बना। समारोह ने यह संदेश दिया कि आजादी का वास्तविक सम्मान तभी है, जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए राष्ट्र की उन्नति में योगदान दे।



