‘श्रम सेतु’ और ‘ऑनलाइन लेबर चौक’ ऐप से घर बैठे मिलेगा रोजगार
जोधपुर। श्रमिकों को रोजगार की तलाश में चौराहों पर भटकने से राहत देने और नियोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक श्रमिक उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान में डिजिटल व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके तहत ‘श्रम सेतु’ और ‘ऑनलाइन लेबर चौक’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्रमिकों और नियोक्ताओं को एक-दूसरे से जोड़ने की पहल की गई है।
प्रदेश में बड़ी संख्या में श्रमिक निर्माण, कृषि, घरेलू कार्य, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिए प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर काम तलाशते हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य इस प्रक्रिया को ऑनलाइन और व्यवस्थित बनाना है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में 37 लाख 98 हजार 560 श्रमिक पंजीकृत हैं।
‘श्रम सेतु’ पर पंजीयन आसान
श्रम विभाग की ओर से विकसित ‘श्रम सेतु’ ऐप के माध्यम से श्रमिक अपना पंजीयन कर सकेंगे। इसके लिए श्रमिकों को आवश्यक जानकारी और पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। पंजीयन के बाद श्रमिक की योग्यता, कौशल और कार्य अनुभव जैसी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार श्रमिक अपने स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे पंजीयन कर रोजगार से संबंधित अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे रोजगार की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
एक क्लिक पर नियोक्ताओं को मिलेंगे श्रमिक
‘ऑनलाइन लेबर चौक’ की व्यवस्था नियोक्ताओं के लिए भी उपयोगी बताई गई है। किसी निर्माण कार्य, कृषि कार्य या अन्य काम के लिए श्रमिकों की आवश्यकता होने पर नियोक्ता ऑनलाइन उपलब्ध श्रमिकों की जानकारी देख सकेंगे। इससे जरूरत के अनुसार श्रमिकों से संपर्क करना आसान होगा। नियोक्ताओं को श्रमिकों की योग्यता, अनुभव, पारिश्रमिक और उपलब्धता जैसी जानकारी मिलने की व्यवस्था बताई गई है। इससे श्रमिक और नियोक्ता दोनों के बीच काम की जरूरत के अनुसार संपर्क स्थापित किया जा सकेगा।
चौराहों पर मजदूरों का जमावड़ा कम करने की कोशिश
फिलहाल कई शहरों में सुबह के समय श्रमिक रोजगार की तलाश में निर्धारित चौराहों या स्थानों पर एकत्र होते हैं। काम मिलने की अनिश्चितता के कारण उन्हें कई बार लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रोजगार की तलाश को ऑनलाइन करने का उद्देश्य इस पारंपरिक व्यवस्था को बदलना है। ‘श्रम सेतु’ और ‘ऑनलाइन लेबर चौक’ की अवधारणा के जरिए श्रमिकों को घर बैठे रोजगार के अवसर और नियोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक श्रमिक उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। यदि डिजिटल व्यवस्था व्यापक रूप से अपनाई जाती है, तो श्रम बाजार में पारदर्शिता और संपर्क की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।