चारदीवारी का काम पूरा, दो अलग-अलग परिसरों में विकसित होगा एम्स; नई डिजाइन में आकार लेगा अस्पताल
जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एम्स 2.0 की योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जोधपुर में प्रस्तावित इस परियोजना के तहत अब 220 बीघा जमीन पर 500 बेड का आधुनिक अस्पताल विकसित करने की योजना है। इसके लिए जमीन पर चारदीवारी का काम पूरा हो चुका है और अब परियोजना को नई डिजाइन के अनुरूप आगे बढ़ाने की तैयारी है।
150 बीघा से बढ़कर 220 बीघा हुआ जमीन का दायरा
पहले इस परियोजना के लिए 150 बीघा जमीन प्रस्तावित थी। बाद में करीब 70 बीघा अतिरिक्त जमीन मिलने से कुल क्षेत्रफल बढ़कर 220 बीघा हो गया। इसके बाद अस्पताल को 500 बेड की क्षमता के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। परियोजना के लिए जमीन की उपलब्धता से निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की राह आसान होने की उम्मीद है।
500 बेड के अस्पताल में मिलेंगी विशेषज्ञ सेवाएं
प्रस्तावित अस्पताल में मरीजों को विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके तहत 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के साथ मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, त्वचा रोग, मनोरोग, हृदय रोग और अन्य संबंधित विभाग विकसित किए जाने की योजना है। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और जांच सुविधाओं जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी जोर रहेगा।
अस्पताल की क्षमता बढ़ने से जोधपुर के साथ आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को दूसरे शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
दो अलग-अलग परिसरों में होगा विकास
परियोजना के तहत अस्पताल और उससे जुड़ी सुविधाओं को अलग-अलग परिसरों में विकसित करने की योजना बताई गई है। नई डिजाइन के आधार पर निर्माण कार्य को व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। चारदीवारी का काम पूरा होने के बाद अब आगे के चरणों में निर्माण और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
जोधपुर और आसपास के जिलों को मिलेगा लाभ
एम्स 2.0 के विकसित होने से जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और उन्नत जांच सुविधाओं की उपलब्धता से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो सकता है।
