सिंचाई के लिए पानी देने का असर पेयजल आपूर्ति पर, तीन दिन में जलाशयों का स्तर 35 प्रतिशत तक गिरा; 7-8 नवंबर तक जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका
जोधपुर। दीपावली के त्योहार पर पश्चिमी राजस्थान के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब से राजस्थान के लिए आने वाले पानी की मात्रा में करीब एक तिहाई कमी आने से जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान की पेयजल व्यवस्था पर असर पड़ने लगा है। जलाशयों में पानी का स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में त्योहार के दौरान अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद के बीच जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों में राजस्थान की गांधी लिफ्ट नहर के माध्यम से करीब 310 क्यूसेक पानी उपलब्ध हो रहा था, लेकिन पिछले तीन दिनों में इसकी मात्रा घटकर लगभग 200 क्यूसेक रह गई है। इससे पानी की उपलब्धता में करीब 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पंजाब से पानी की कम आवक का सीधा असर पश्चिमी राजस्थान की पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है।
सिंचाई के लिए पानी देने से बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार, इंदिरा गांधी नहर से गंगनहर और हनुमानगढ़ क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। इसके चलते पश्चिमी राजस्थान को मिलने वाले पानी की मात्रा प्रभावित हुई है। वर्तमान में जलाशयों में करीब 170 एमसीएफटी पानी उपलब्ध बताया जा रहा है। पानी की कमी के कारण जलाशयों का स्तर लगातार नीचे जा रहा है।
5 नवंबर से सुधार की उम्मीद
जलदाय विभाग के अनुसार 5 नवंबर से पानी की आवक में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, आवक में सुधार नहीं हुआ तो जलाशयों में उपलब्ध पानी का स्तर और गिर सकता है। इसका असर जोधपुर की जलापूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका है। मौजूदा हालात में 7 से 8 नवंबर तक पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
दीपावली के दौरान अतिरिक्त पानी की जरूरत के बीच यह स्थिति जलदाय विभाग के लिए चुनौती बन गई है। अब सबकी निगाहें पंजाब से पानी की आवक में होने वाले सुधार पर टिकी हैं।