दीपक तले अंधेरा: जिस अखबार ने देश को चेताया, उसी के दफ्तर में वर्षों तक अखबार पर खाते रहे खाना
अब समय आ गया है कि जागरूकता की शुरुआत दूसरों से नहीं, स्वयं से करें विशेष लेख | दिलीप कुमार पुरोहित एक अखबार का दफ्तर। रात के लगभग नौ-दस बजे का समय। डिनर ब्रेक होता है। संपादकीय विभाग के आठ-दस साथी अपने-अपने टिफिन खोलते हैं। कोई रोटी निकालता है, कोई सब्जी, कोई सलाद। जगह कम … Read more