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Sunday, August 23, 2026, 10:00 am

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पार्श्व गायक मुकेश की पुण्यतिथि पर भावांजलि के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर दी स्वरांजलि

मखमली आवाज के मालिक और दर्द भरे नगमों के बेताज बादशाह थे पार्श्व गायक स्वर्गीय मुकेश चंद्र माथुर : चंद्रसिंह मामा

पंकज जांगिड़. जोधपुर 

मखमली आवाज के मालिक और दर्द भरे नगमों के बेताज बादशाह स्वर्गीय मुकेश चंद्र माथुर की 49वीं पुण्यतिथि पर उनके प्रशंसक रातानाडा सुभाष चौक निवासी 75 वर्षीय सदाबहार गायक चंद्रसिंह गहलोत, जो कि रेलवे विभाग से सेवानिवृत है और चंदुमामा व चंद्रसिंह मामा नाम से शहर में विख्यात है। उन्होंने अपने सोहम निवास पर स्वर्गीय पार्श्व गायक मुकेश की तस्वीर पर परिवार सहित माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि दी। साथ ही पार्श्व मुकेश के गाए अनेक गीतों में से कुछ चुनिंदा गीत “जाने चले जाते है कहां.., चल अकेला चल अकेला…., बस यही अपराध… व सज्जन रे झूठ मत बोलो….” आदि गीतों की अपने अंदाज में प्रस्तुति देकर उनको भावांजलि व स्वरांजलि अर्पित की। इन्हीं से प्रेरित होकर उन्होंने अपने पुत्र का नाम भी मुकेश ही रखा।

उन्होने कहा कि पार्श्व गायक मुकेश मखमली आवाज के मालिक थे। उनकी आवाज जो कभी दिल के पार गुजर गई तो कभी दर्द बनकर दिल में उतर गई। उनके गीत आज भी सदाबहार कहे जाते हैं। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई 1923 को जन्मे मुकेशचंद माथुर हिंदी सिनेमा जगत में सिर्फ मुकेश ही कहलाए मुकेश की आवाज में एक अजीब सी राहत थी। उनको सुनने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है। मुकेश जी ने 40 के दशक से गाने की शुरुआत की थी और 70 के दशक तक उन्होंने एक से बढ़कर एक गाने दिए। उक्त गाने सदा दिल में तरोताजा रहेंगे। स्वर्गीय मुकेश जी 27 अगस्त 1976 को दुनिया को अलविदा कह कर चले गए लेकिन उनकी आवाज सदियों तक हम सब के दिलो में जिंदा रहेगी। स्वर्गीय मुकेश ने बहुत से अभिनेताओं के लिए गाने गाए थे, लेकिन राज कपूर पर उनकी आवाज सबसे ज्यादा जंचती थी।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor