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Sunday, August 23, 2026, 8:49 am

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भाषा को सरल, सुगम और रोज़गार परख बनाना आवश्यक : डॉ. कुमार

हिंदी सप्ताह का समापन :  ‘समन्वयक एवं राष्ट्रीय एकता की प्रतीक हिंदी‘ विषयक व्याख्यान एवं सम्मान समारोह आयोजित

अमित सांखला. जोधपुर 

”अगर आप भाषाओं को आसान करते हो तो आप भाषाओं को मजबूत करते हो अगर आप भाषाओं को कठिन करते हो तो आप भाषाओं को कमजोर करते हो।” ये कहना है जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. भरत कुमार का। वे बतौर मुख्य वक्ता मौलाना आजाद विश्वविद्यालय की ओर से गत 09 से 14 सितम्बर को सम्पन्न हुए हिन्दी सप्ताह के समापन के मौके पर सोमवार को विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित ‘समन्वयक एवं राष्ट्रीय एकता की प्रतीक हिंदी‘ विषयक व्याख्यान एवं सम्मान समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि मुझे देश के कई राज्यों में जाने का अवसर मिला। हिन्दी को आसान बनाने के लिए काम होना चाहिए और इस पर काम हो भी रहा है। देश की 140 करोड़ की आबादी में 57 प्रतिशत लोग हिन्दी बोलते हैं और भारत के 8 राज्य ऐसे हैं जहां के लोगों की पहली भाषा हिन्दी है और भारत के लगभग 23 राज्य ऐसे हैं जहां की दूसरी भाषा हिन्दी है। अंग्रेजी पहली भाषा देश के केवल 2 लाख 70 हजार लोगों की है। हमें भाषा के विकास के लिए उसे रोजगारपरक बनाना होगा।

विवि का परिचय एवं पाठ्यक्रमों की जानकारी दी :

विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. जमील अहमद काजमी ने विश्वविद्यालय का परिचय एवं पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए इसकी स्थापना को 12 वर्ष पूर्ण होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकतम उपयोग को ही इसके प्रसार का माध्यम बताया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के इन बारह वर्षों के क्रियाकलापों की शाॅर्ट डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन मोहम्मद अतीक ने विश्वविद्यालय की स्थापना, इसका उद्देश्य, भविष्य की योजनाएं तथा जिन लोगों की सहायता से ये विश्वविद्यालय खड़ा हुआ है। उन सभी भामाशाहों एवं यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों का आभार जताते हुए इसे नित नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए सभी को यूनिवर्सिटी के लिए मिलकर काम करने को कहा। स्माजसेवी, गांधी विचारक एवं स्वतंत्र चिंतक संदीप मेहता ने अध्यक्षता करते हुए ‘स्वतंत्र और आज़ाद‘ शब्दों के वास्तविक भावार्थ को समझाते हुए कहा कि अतीक साहब ने ‘तुमसे नहीं हो पायेगा‘ इस विचार रूपी बाधा को तोड़ते हुए परेशानियों व मुश्किलों के संघर्ष से आज़ाद होकर सही दिशा में ईमानदारी से बरसो की मेहनत से जो कार्य किया उसका परिणाम है मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी। यहीं भाव हमें भाषा के विकास में भी लाने होंगे।

प्रतियोगिताओं में यह रहे विजेता :

कार्यक्रम प्रभारी एवं हिन्दी विभाग सहायक आचार्य डॉ. रेहाना बेगम ने बताया कि हिन्दी तब और अब, हिन्दी कवि, हिन्दी राजभाषा, हिन्दी एकता और सांस्कृतिक गौरव की आवाज विषय आधारित निबन्ध प्रतियोगिता में डीफार्म फर्स्ट ईयर के राकेश चौहान, कलाराम, राहुल जोशी, बीपीटी फर्स्ट ईयर की कशिश माथुर, प्रियंका चौधरी, प्राची सोलंकी, बीकॉम फर्स्ट सैम की आरिया, मुबस्सिरा, मेहरीन, बीएससी बीएड फर्स्ट सैम की आफरीन डिम्पल भगवती देवी, बीसीए फर्स्ट सैम की फरहाना खान, सानिया बानो, यास्मीन खां, बीएबीएड फर्स्ट सैम सानिया मेराज, महक जोया व शालू ने क्रमशः पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल किया। हिन्दी भाषा का विकास व हिन्दी राजभाषा विषय आधारित भाषण प्रतियोगिता में शालू ने पहला व अरवीशा ने दूसरा स्थान हासिल किया। हिन्दी भाषा का समग्र ज्ञान, हिन्दी भाषा की संवैधानिक स्थिति व देवनागरी लिपि ज्ञान विषय आधारित मौखिक प्रश्नोत्तरी में प्रियंका, राजेश चौहान, आरिफ खान, कशिश माथुर, आशना सैयद, मोहम्मद नाजिम, मोहम्मद आलिम, चुतराराम विजयी रहे। मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद आबिद, यूनिवर्सिटी के डॉ. अशोक भार्गव, डॉ. मुमताज, डॉ. अब्दुल्लाह खालिद, युनूस खान पठान, जीशान टाक, मुजफ्फर कुरैशी, नाजनीन कुरैशी, आसिफ अब्बासी, राजूराम पटेल सहित यूनिवर्सिटी के कई विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो पुरस्कार स्वरूप प्रदान किये गये। शिक्षा विभाग डीन डॉ. समीना ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सहयोग एवं संचालन हिन्दी विभाग सहायक आचार्य डॉ. मरजीना ने किया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor