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Sunday, August 23, 2026, 8:15 am

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काव्य कलश से बिखरी गीत-कविता-गजलों की अमृत बूंदें

राइजिंग भास्कर. जोधपुर 

काव्य कलश संस्थान की प्रथम वर्षगांठ पर मंगलवार को पावटा स्थित कार्यालय में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। संस्था के सचिव श्याम गुप्ता शान्त ने बताया कि काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार अशोक सिंह राजपुरोहित ने की। कार्यक्रम का आगाज करते हुए राखी पुरोहित ने कल तलक थे जो हमारे गीत सुनाया और श्याम गुप्ता शान्त को जन्मदिन की शुभकामना देते हुए फिल्मी गीत सुनाया। नीलम व्यास स्वयंसिद्धा ने जिंदगी की जीत मनाएंगे, हारेंगे नहीं पंक्तियां सुनाई तो श्रोता झूम उठे।

असरार आहिल ने तू नहीं है तो बहारों का तस्वुर कैसा… रचना सुनाई। अशफाक अहमद फौजदार ने भीड़ में हंसी चेहरा ढूंढ़ते हैं, जमीं पर हम कोई फरिश्ता ढूंढ़ते हैं। अशोक सिंह राजपुरोहित ने अध्यक्षता करते हुए देशावर री पीड़ा गीत से माहौल खुशनुमा कर दिया। वहीं दिलीप कुमार पुरोहित ने आओ मिलो मेरे गीतों से, इनसे आंखें चार करो…गीत सुनाया। अब्दुल रहीम सांखला ने हमने खूब निभाया साथ तेरा ऐ जिंदगी, वहीं रजा मोहम्मद खान ने दिल से तेरा गम कैसे दूर हो रचना सुनाई। राजेश मोहता ने जीवन में अरे कैसा विरोधाभास है। हंसराज हंसा ने साल के आखिरी दिन को निखारा जाए, क्यों न मायूस चेहरों को उभारा जाए। दीप रूहानी ने वो कहते हैं कुछ कहूं उनसे, क्या कहूं कि वो पहले सी बात ना रही…रचना सुनाई। एनडी निंबावत ने राजस्थानी गीत सुनाया और श्याम गुप्ता शान्त को जन्म दिन की बधाई कविता में दी। नंदलाल भाटी ने जीवन के अनुभवों पर आधारित कविता सुनाई। श्याम गुप्ता शान्त ने बोतल कविता सुनाई। उन्होंने अपने भाई को श्रद्धांजलि भी दी। मिश्रीलाल पंवार, उमेश दाधीच, पंकज बिंदास, हिमांशु लाहोटी, गौतम के गट्स, राजेंद्र खिंवसरा, ओमप्रकाश गोयल ने मनोहारी कविताएं सुनाईं। कार्यक्रम का सफल संचालन काव्य कलश संस्थान के उपाध्यक्ष अशफाक अहमद फौजदार ने किया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor