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Sunday, August 23, 2026, 7:10 am

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Lifestyle

लोकानुरंजन मेला : 10 राज्यों के लोक कलाकारों ने लघु भारत का दृश्य उत्पन्न किया

शिव वर्मा. जोधपुर 

भारत की लोक संस्कृति आज उस समय साकार हो उठी जब देश के 10 राज्यों के लोककलाकारों ने जयनारायण व्यास टाउन हॉल परिसर में लोकानुरंजन मेले के माध्यम से लघु भारत की तस्वीर ही उकेर दी। आज शाम दर्शकों के जनसैलाब ने क़रीब होकर 750 लोक कलाकारों की लोक कला को नज़दीक से देखा तो लोग अभिभूत हो गए। इस मौके पर श्री जागृति संस्थान के अध्यक्ष राजेश भैरवानी भी मौजूद थे।

अकादमी सचिव गोमती शर्मा ने बताया कि पहली बार लोगों ने मेले के दो चरणों को खुले आकाश तले देखा तो बहुत ख़ुशी का अनुभव किया। पहले चरण में मेले में आने वालों का स्वागत राजेंद्र पंवार ने शहनाई से किया। वहीं प्रेम और सुरेश भाट की कठपुतली कला का भी भरपूर आनंद लिया। श्यामाराम के तीन ढोल बांकिया की ध्वनि और दीपिका कालबेलिया के नृत्य ने अदभुत समा बांध दिया। प्रेरणा राठी ने विशुद्ध भारतीय नृत्य कत्थक प्रस्तुत किया। गोल घेरे के बीच सफेद और लाल अंगी गैर पारसमल व लक्ष्मण कुमार ने पेश की। लीला देवी पादरला का तेरहताली नृत्य और कैलाश पुष्कर का नगाड़ा व गणेश सोनी की कच्छी घोड़ी नृत्य का अलग ही नज़ारा देखने को मिला।

किशनगढ़ की राधा देवी का घूमर, गोपाल धानुक का सहारिया नृत्य और चक्री नृत्य जनता देवी चाचौड़ा ने राजस्थान की लोक कला से बेहद प्रभावित किया। बृजेश कसाना के अलगोजा वादन के साथ अकरम खान ने बहरुपिया स्वांग से गुदगुदा दिया। जीतराम का मदारी शो और यूसुफ़ खान मेवाती के भपंग वादन और वहीं दिलीप विजय के बंब नृत्य का समा ही अलग दिखा।

दूसरे चरण में दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया

खुले आकाश तले दूसरे चरण का शुभारंभ अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोक कलाकार कोहिनूर लंगा ने लोक गायन से ही रंग जमा दिया। हिमाचल प्रदेश के चंद्रमोहन का कुमाऊनी नृत्य और उत्तराखंड के राजेंद्र आर्य के बधाई नृत्य के साथ आध्यात्मिक प्रदेशों की संस्कृति जीवित हो उठी।मध्य प्रदेश की सुनीता गुर्जर का फाग नृत्य,उत्तरप्रदेश की कुमकुम का अवधि लोक नृत्य, गुजरात के वनराज सिंह का गरबा व महेंद भोई के डांगी नृत्य का लोगों ने जमकर लुत्फ़ उठाया।गोवा का देखनी नृत्य,महाराष्ट्र के लावणी नृत्य की प्रस्तुति चंद्रकांत पाटिल ने समा बांध दिया।महाराष्ट्र का संगी मुखौटा नृत्य अद्भुत रहा और पंजाब के रवि कुमार के भांगड़ा नृत्य ने धमाल ही मचा दिया। कार्यक्रम अधिकारी रमेश कंदोई और अरुण चारण ने संयोजन किया संचालन प्रमोद सिंघल ने किया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor