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Sunday, August 23, 2026, 7:43 am

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राइजिंग भास्कर 4th एनिवर्सरी स्टोरी-8 : जोधपुर के क्षितिज पर चमक रही है साहित्यकारों की आकाशगंगा

यहां के साहित्यिक क्षितिज पर वर्षों से ऐसी आकाशगंगा चमक रही है, जिसने हिंदी, राजस्थानी, उर्दू और लोक साहित्य के कोष को अपनी रचनात्मक ऊर्जा से समृद्ध किया है। जोधपुर की माटी में शब्दों की ऐसी उर्वरता है, जहां कविता, कहानी, गीत, ग़ज़ल, व्यंग्य, लोककथा और शोध साहित्य की अनेक धाराएं समान रूप से प्रवाहित होती रही हैं। जोधपुर के साहित्यकारों ने केवल लेखन तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज को दिशा देने, संस्कृति को संरक्षित करने और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हम यहां पर उर्दू, हिंदी, राजस्थानी और सिंधी भाषा के 176 साहित्यकारों के नाम और उनके बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रकाशित कर रहे हैं, जिसमें वरिष्ठ और युवाओं के साथ नई पौध भी शामिल है। इनमें हो सकता है कई नाम छूट गए हों। अगर आपके ध्यान में कोई नाम आते हैं तो उनके बारे में हमें जानकारी हमारे नंबर पर भेजिए हम नाम इस रिपोर्ट में जोड़ देंगे। यह अंक आप सभी के लिए संग्रहणीय बने ऐसा प्रयास किया जा रहा है। 

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

मरुधरा की सांस्कृतिक राजधानी कहलाने वाला जोधपुर केवल अपने भव्य किलों, हवेलियों और लोकसंस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि समृद्ध साहित्यिक परंपरा के लिए भी देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां के साहित्यिक क्षितिज पर वर्षों से ऐसी आकाशगंगा चमक रही है, जिसने हिंदी, राजस्थानी, उर्दू और लोक साहित्य के कोष को अपनी रचनात्मक ऊर्जा से समृद्ध किया है। जोधपुर की माटी में शब्दों की ऐसी उर्वरता है, जहां कविता, कहानी, गीत, ग़ज़ल, व्यंग्य, लोककथा और शोध साहित्य की अनेक धाराएं समान रूप से प्रवाहित होती रही हैं।

जोधपुर के साहित्यकारों ने केवल लेखन तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज को दिशा देने, संस्कृति को संरक्षित करने और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां के रचनाकारों की लेखनी में मरुभूमि की पीड़ा भी है, लोकजीवन की मिठास भी और आधुनिक समाज की चुनौतियों का गहन चिंतन भी। अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी कृतियों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, वहीं कई युवा रचनाकार नई सोच और नई अभिव्यक्तियों के साथ साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

जोधपुर की साहित्यिक विरासत पीढ़ियों से निरंतर समृद्ध होती रही है। यहां साहित्यिक गोष्ठियों, कवि सम्मेलनों, मुशायरों और सांस्कृतिक आयोजनों की सशक्त परंपरा रही है, जिसने साहित्य सृजन को नई ऊर्जा प्रदान की। यही कारण है कि आज जोधपुर का साहित्यिक आकाश अनेक प्रतिभाओं के प्रकाश से आलोकित दिखाई देता है और साहित्यकारों की यह आकाशगंगा आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देती रहेगी। यहां प्रस्तुत है प्रमुख साहित्यकारों का संक्षेप परिचय और उनकी उपलब्धियां। हमने पूरा प्रयास किया है कि जोधपुर के वर्तमान समग्र साहित्यकारों को स्थान दें, फिर भी कोई नाम चूके जाएं तो उन्हें बाद में जोड़ दिया जाएगा। यह क्रम जारी रहेगा।

उर्दू, हिंदी, राजस्थानी व सिंधी साहित्य क्षितिज

1.        ·        अंजना श्रीवास्तव : मुख्य रूप से कवयित्री। शब्दों और भाषा पर अच्छी पकड़। लेखन में भी हस्तक्षेप। साहित्य के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम। मंचों पर भी नजर आती हैं।
2.        ·        अंशु हर्ष : पिछले 18 वर्षों से लेखन और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय। 14 वर्षों से सिम्पली जयपुर मैगज़ीन और वॉइस ऑफ जयपुर की प्रकाशक एवं संपादक। राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की को-फाउंडर भी। साहित्यिक और सांस्कृतिक मंचों पर उनकी सशक्त उपस्थिति। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में 2015, 2019, 2022, 2023 और 2026 में बतौर स्पीकर भाग ले चुकी हैं। प्रभा खेतान फाउंडेशन के “कलम” कार्यक्रम में रायपुर, बिलासपुर और जोधपुर में अपनी सहभागिता। शेखावाटी साहित्य संगम (2023, 2024, 2025), ब्रज महोत्सव (2023) और सरिस्का साहित्य संवाद (2026) में भी बतौर वक्ता अपनी उपस्थिति दी। चिल्ड्रन्स लिटरेचर फेस्टिवल – किताबों, जोधपुर (2017, 2018) में भागीदारी की। जवाहर कला केंद्र, जयपुर में 20 दिवसीय राइटिंग वर्कशॉप का संचालन भी किया। कविता संग्रहों में 2013 का “शब्दों का समंदर” (जिसका दूसरा संस्करण 2019 में प्रकाशित हुआ), 2021 में “ए प्लेटोनिक लव” और “समंदर दी ओशन” (अंग्रेज़ी अनुवाद), तथा 2024 में “तुम ठाकुर मेरे” शामिल हैं। उन्होंने 2018 में “मुक्ताकाश – 51 कविमन संग्रह”, 2020 में “एक नया मुक्ताकाश – दस कविमन संग्रह” और 2025 में “शब्द ए सफर” का संपादन भी किया। पुस्तक संपादन के क्षेत्र में उन्होंने पंडित विजय शंकर मेहता के साथ कार्य करते हुए 2020 में “कोरोना जंग की सप्तपदी”, 2021 में “कहानियां जीवन की” और 2024 में “स्वास्थ रामायण” का संपादन किया। अनुवाद के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है उन्होंने 2022 में डॉ. आइवान माइसनर की बिज़नेस लेसन पर आधारित पुस्तक “नॉलेजप्रेन्योर” का हिंदी अनुवाद किया।लेखन के क्षेत्र में उन्होंने 2023 में “महाभारत के हनुमान” और 2026 में “इच्छा मृत्यु” (उपन्यास, वाणी प्रकाशन) जैसी कृतियों के माध्यम से अपनी सशक्त लेखनी का परिचय दिया है।
3.        ·        अकमल नईम : साहित्य का चर्चित चेहरा। विशेषकर उर्दू में सिद्धहस्त। गजल और शाइरी प्रिय विधा। साहित्य की लगभग कई विधाओं में सृजनरत। कई कृतियां प्रकाशित। अनेक पुरस्कारों से नवाजे गए।
4.        ·        अनामिका शर्मा : मूलत: कहानीकार। साहित्य की अन्य विधाओं में भी लिखती है। साहित्यिक आयोजनों में प्रभावी उपस्थिति। कई पत्र-पत्रिकाओं में कहानियों का प्रकाशन और रेडियो पर कहानियां प्रसारित। कुछ कृतियां भी प्रकाशित। कई संस्थाओं से पुरस्कृत।
5.        ·        अनिल अनवर : आप हिंदी और उर्दू के सशक्त हस्ताक्षर हैं। आप कई साहित्यिक संस्थाओं के पदाधिकारी रहे हैं। इन दिनों आप जयपुर रहते हैं, मगर मूलत: जोधपुर आपकी कर्मभूमि रही हैं। आपकी कई कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। आप कई साहित्यिक आयोजन करते रहे हैं।
6.        ·        अनीता मेहता : अनिता जितेंद्र मेहता, पूर्व प्राचार्य, शिक्षाविद, समाजसेवी। जन्म: 19 मार्च, नीमच, मध्य प्रदेश, माता-पिता: इंजि. सज्जन सिंह कोठारी एवं सुशीला कोठारी। शिक्षा: – BA, MA, BEd, MEd
– MPhil, जोधपुर विश्वविद्यालय, संगीत विशारद, प्रयाग विश्वविद्यालय
– भाषाएँ: हिंदी, अंग्रेजी, प्रमुख पद: – राष्ट्रीय संरक्षक: नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑफ भारत। मुख्य संपादक: ‘सर्जन पत्रिका’ एवं ‘संस्कार पत्रिका’, विद्यालय स्तर। साहित्यिक योगदान : विधाएँ: काव्य, संस्मरण, डायरी, समसामयिक लेख, शोध पत्र। प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें – Amazon पर 14+ 1. अरावली पर्वत एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु जन भागीदारी – सह संपादक। 2. सरकारी योजनाओं का पिटारा – महिला कल्याणकारी योजनाएं। 3. सिंदूर की ताकत – ऑपरेशन सिंधु 2022 – संपादक। 4. मंडोर की बावड़ी की खोज तथा संरक्षण
5. जोधपुर की तापी बावड़ी – ऐतिहासिक महत्व एवं जीर्णोद्धार। 6. प्राचीन महिषासुर मर्दिनी बिसहथ माता की चमत्कारी प्रतिमा। 7. भारत के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल – संपादक। 8. मनोविज्ञान में कैरियर की अपार संभावनाएं। लेख-कविता प्रकाशन: अंतर्राष्ट्रीय जैन साहित्य संगम, दैनिक सच मीडिया, राजस्थान दर्शन, दैनिक नवज्योति, मरुधर का तहलका मुंबई, मां सरस्वती शिक्षा फाउंडेशन सहित अन्य पत्र-पत्रिकाओं में नियमित। पुरस्कार एवं सम्मान: सम्मान प्रदाता संस्था क्षेत्र स्त्री शक्ति सम्मान 8 मार्च साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, शब्द प्रतिभा बहुउद्देशीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल साहित्य, शांति पीस फाउंडेशन पुरस्कार गांधी फाउंडेशन समाज सेवा
वीर दुर्गादास अवार्ड महाराजा गज सिंह, जोधपुर बालिका एवं समाज कल्याण, करुणाआचार्य हस्ती अवार्ड 2017 – प्रशस्ति पत्र + ₹25,000
सम्मान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जीव दया पुरस्कार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान शिक्षा एवं जन स्वास्थ्य योजनाएं पर सेमिनार पत्र वाचन
अन्य उपलब्धियां। 1000+ प्रशस्ति पत्र, 800+ स्मृति चिन्ह – जिला, राज्य, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर। सेमिनारों में पत्र-वाचन एवं शोध पत्र प्रस्तुति के माध्यम से साहित्यिक, ऐतिहासिक व काव्य क्षेत्र में निरंतर सक्रिय।
7.        ·        अनुपमा : अनुपमा अपने नाम के अनुरूप अनुपम साहित्य सृजन में रत है। काव्य पसंदीदा विधा है। लेखन से भी गहरा जुड़ाव है।
8.        ·        अनुराधा अडवानी : अनुबंध वृद्धजन कुटीर की संचालिका। संवेदनशील कवयित्री और रंगकर्मी। अनेक पुस्तकें लिखीं। खासकर अनुबंध के अनुभवों के आधार पर लिखी पुस्तक चर्चित रही। मधुर आवाज की धनी और कुशल मंच संचालिका।
9.        ·        अफजल जोधपुरी : साहित्य के क्षेत्र में बड़ा नाम। मूलत: शाइर। उर्दू में मजबूत पकड़। अनेक कृतियां प्रकाशित। मंचीय गोष्ठियों और सम्मेलनों में प्रसिद्धि प्राप्त शाइर।
10.   ·        अमिता भंडारी : साहित्य की अनेक विधाओं में सृजन करती है। कथा-कहानी और काव्य प्रिय विधा। साहित्यिक आयोजनों और मंचीय सम्मेलनों में अक्सर नजर आती हैं। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। अनेक संस्थाओं से समादरित।
11.   ·        अयोध्या प्रसाद गौड़ : केयर्न एनर्जी में वरिष्ठ महाप्रबंधक। दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडिया टुडे ग्रुप के संपादकीय विभाग से जुड़े रहे। मूलत: पत्रकार और साहित्यकार। राजमाता कृष्णा कुमारी की जीवनी पर पुस्तक प्रकाशित। कई नाट्यलेखन। लाइट एवं साउंड तकनीक परआधारित कई ड्रामा लिखे हैं। साहित्य की विभिन्न विधाओं में मजबूत पकड़। साहित्यिक मंचों पर अक्सर शोभायमान होते हैं। अच्छे और प्रखर वक्ता हैं। साहित्यिक और सांस्कृतिक व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहरी पकड़ हैं।
12.   ·        अरमान जोधपुरी : मंचीय गोष्ठियों और सम्मेलनों की शान। उर्दू के क्षेत्र में सम्मानित हस्ती। गीत, गजल और शाइरी प्रिय विधा। कई कृतियां प्रकाशित।
13.   ·        अर्जुनदेव चारण : नाट्यकर्मी और साहित्यकार। राजस्थान संगीत नाटक अकादमी से पूर्व में जुड़ाव। अनेक पुरस्कारों से सम्मानित। साहित्यिक मंचों पर अपनी प्रभावी उपस्थिति छोड़ते हैं।
14.   ·        अशफाक अहमद फौजदार : उर्दू के वरिष्ठ शाइर और गजलकार। सौंदर्य और समसामयिक विषयों पर अच्छी पकड़। समाज के ताने-बानों पर आधारित और जज्जबाती लेखन। प्रिय विधा गजल। मंचों की शान। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद साहित्य में सृजनरत।
15.   ·        असरार आहिल : उर्दू के सशक्त हस्ताक्षर। कई कृतियां प्रकाशित। साधारण किरदार में भी असरदार हस्ती। आपकी सादगी प्रसिद्ध है तो आपके सृजन का भी जवाब नहीं। आप मंचीय सम्मेलनों और गोष्ठियों की शान हैं। गजल आपकी प्रिय विधा है।  
16.   ·        आईदान सिंह भाटी : राजस्थानी के वरिष्ठ और प्रसिद्ध कवि। अनेक कृतियां प्रकाशित। अनेक पुरस्कार प्राप्त। हिंदी में भी उतनी ही पकड़। उम्र के पड़ाव के बावजूद सक्रिय। पिछले सात दशक से लेखन और साहित्य से देश का चर्चित नाम। राजस्थान में विशेष रूप से साहित्य के क्षेत्र में बड़ा नाम।
17.   ·        आकाश नौरंगी : वीर और औजस्वी रस के कवि। मंचों पर अपनी औजस्वी आवाज के लिए जाने जाते हैं। अनेक कृतियां प्रकाशित। देशभक्ति से ओत-प्रोत कविताओं के लिए विशिष्ट पहचान। हरिओम पंवार की शैली में मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं।
18.   ·        आनंद सिंह परिहार : ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की पुस्तकों के प्रकाशन में अग्रणी कवि। साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं।
19.   ·        आनन्द हर्ष  : जैसलमेर मूल निवास। कर्मभूमि जोधपुर। यहीं साहित्य साधना कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी की शुरुआत राजस्थान पत्रिका एवं भास्कर में आलेख प्रकाशन से की, आकाशवाणी जैसलमेर जोधपुर में वार्ताएं ,तीन एकल कथा पुस्तकें अमेजन किंडल पर ebooks के रूप मैं प्रकाशित हैं, 1. गुड़िया का पांव, 2.राख : एक तरफा प्यार, 3.पधारो म्हारे देश, साथ ही आपने राजस्थानी एवं हिंदी में मुक्तछंद कविताएं एवं आलेख लेखन का कार्य बखूबी किया है। 2025 मैं cec (consortium for educational communication) दिल्ली द्वारा eduwrite मैं निबंध लेखन मैं राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। 13 वर्ष के अपने अकादमिक कार्यकाल मैं कंप्यूटर साइंस व्याख्याता के रूप मैं अपने चार शोध पत्रों एवं राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस मैं अपनी सहभागिता निभाई है। माता पिता संगीत और शिक्षा से जुड़े होने से साहित्य आपको विरासत मैं मिला है।
20.   ·        आशा पाराशर : साहित्य की विभिन्न विधाओं पर गहरी पकड़। कई कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से जुड़ाव। कई साहित्यिक आयोजन भी करती रहती हैं। कई सम्मानों से नवाजी जा चुकी हैं। मंचीय आयोजनों की शोभा बढ़ाती हैं।
21.   ·        इकबाल कैफ : साहित्य की लगभग सभी विधाओं में लिखते हैं। उर्दू साहित्य का चर्चित चेहरा। मंचीय सम्मेलनों की शान। कई कृतियां प्रकाशित। अनेक संस्थाओं से समादरित।
22.   ·        इश्राकुल इस्लाम माहिर : उर्दू के क्षेत्र में सम्मानित शखिसयत। गीत, गजल और शाइरी में पकड़। गजल प्रिय विधा। कई कृतियां प्रकाशित। मंचीय गोष्ठियों और सम्मेलनों के साथ मुशायरों में छा जाते हैं।
23.   ·        ऋचा शरद अग्रवाल : साहित्य की विभिन्न विधाओं पर अच्छी पकड़। एक उपन्यास भी प्रकाशित हो चुका हैं। काव्य की कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आध्यात्मिक महिला। समीक्षक और चिंतक। विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित। राइजिंग भास्कर की साहित्य के क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर।
24.   ·        एनडी निम्बावत ‘सागर’ : पेशे से एडवोकेट। हिंदी और राजस्थानी के सशक्त हस्ताक्षर। कई पुस्तकें प्रकाशित और कुछ प्रकाशनाधीन। उपन्यास, कहानी और काव्य पसंदीदा विधा। मंचों पर हिंदी और राजस्थानी में समान रूप से धारा प्रवाह और मधुर कंठ में काव्य पाठ करते हैं। गीतों में भी विशेष महारत।
25.   ·        एमआई जाहिर : देश विदेश के सेमिनारों व मुशायरों में क़लम का जादू जगाने वाले मग़रिबी बंगाल उर्दू अकादमी के जामे-जहांनुमा और बज़्मे ग़ालिब इंटरनेशनल के फ़ख्रे ग़ज़लगोई सहित कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित बहुभाषी क़लमकार हैं जनाब एम आई ज़ाहिर। उनकी शख्सियत के कई पहलू हैं। उनके सम्मान में अली मीडिया इलाहाबाद की जानिब से ‘एक शाम एम आई ज़ाहिर के नाम’ सेमिनार इंटरनेशनल और मुशायरा, बज़्मे सादिक़ हैदराबाद की ओर से नागरिक अ​भिनंदन -मुशायरा और अमरोहा फाउंडेशन नई​ दिल्ली व बज़्मे निगारां कोलकाता की ओर से आ-लमी सतह पर जश्ने पज़ीराई व मुशायरे का आयोजन हो चुका है। वे भारतीय उप महाद्वीप और खाड़ी देशों की प्रति​​ष्ठित पत्र पत्रिकाओं में छपते रहे हैं। मशहूर शायरा अंबरीन हसीब अंबर पर लिखा गया उनका मज़मून अदबी हलक़ों में बहुत पसंद किया गया। जदीद लबो लहजे और ताज़गी से सजी उनकी शाइरी सभी के दिलों को छू जाती है। जनाब शीन मीम हनईफ़ ने दबिस्ताने-जोधपुर के शायर एम आई ज़ाहिर को अपनी किताब खुशियां सुकून और ख़्वाब में शामिल किया है। ओमान की अज़रा अलीम, देहली के अहमद अली बर्क़ी आज़मी, इलाहाबाद के तौक़ीर ज़ैदी और चैन्नई के सय्यद सदा आमरी ने उन पर नज़्में कही हैं। आजमगढ़ की अलीज़े नजफ़, कोलकाता के ज़फ़र अली और मुज़फ्फ़र नाज़नीन और रियाज़ अहमद हैदराबाद सियासत टीवी ने उनका इंटरव्यू लिया है। ओमान की अज़रा अलीम और नई दिल्ली की चश्मा फ़ारूक़ी ने उन पर मज़मून लिखें हैं ।शाहजहांपुर की निदा ए अदब पत्रिका में उनका इंटरव्यू शाया हुआ है। मशहूर शायर व पत्रकार सोहैल अहमद सिद्दीक़ी ने अपने कालम ज़बान फ़हमी में बतौरे ख़ास उनका ज़िक्र किया है। आज जहां जहां उर्दू है वहां वहां उनके क़द्रदान और चाहने वाले मौजूद हैं और यह फेहरिस्त बहुत लंबी है। उनकी बहुत सारी ख़िदमात पर हम ख़्याल टीम के साथी नुमाइंदा शायर जनाब फ़ानी जोधपुरी ने इंडिया रेडियो के लिए उनका खुसूसी ख़ूबसूरत इंटरव्यू भी लिया है।
26.   ·        ओमप्रकाश गोयल : मंचों के कवि है। विशेषकर प्रकृति पर लिखते हैं। पिछले एक दशक से लेखन में सक्रिय हैं। सम-सामयिक लघु कविताओं के लेखन में पारंगत।
27.   ·        ओमप्रकाश वर्मा : संवेदनशील और हास्य-व्यंग्य कविताओं में सिद्धहस्त। मंचों पर विशेष प्रकाशवान होते हैं। अपनी विशिष्ट शैली में काव्य पाठ करते हैं तो मंच पर वाह-वाही लूटते हैं।
28.   ·        कमलेश तिवारी : बाल कथाकार, कहानीकार और शिक्षाविद। चर्चित साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं की गहरी समझ और पकड़। कई कृतियां प्रकाशित। अनेक सम्मानों से समादरित। साहित्यिक कार्यक्रमों में प्रभावी उपस्थिति।
29.   ·        कल्याण सिंह विश्नोई : आकाशवाणी उद्घोषक। काव्य पसंदीदा विधा। लेखन से भी जुड़ाव। मंचीय कवि। अनेक कविताओं का सृजन।
30.   ·        कालूराम प्रजापति : आप मूलत: भजन गायक हैं। लोक कलाकार होने के साथ ही लोक साहित्यकार भी हैं। आप कई भजनों के लेखक हैं। आपकी कई पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी है। आप उम्र के इस दौर में भी सक्रिय हैं। आपके कई भजन रेडियो पर प्रसारित हो चुके हैं। आप रेडियो के गायक कलाकार भी रह चुके हैं।
31.   ·        किरण राजपुरोहित : साहित्य की अनेक विधाओं में सृजनरत। कई कृतियां प्रकाशित। मंचीय कवि सम्मेलनों का चर्चित नाम। अनेक सम्मानों से समादरित। राजस्थानी में भी लिखती हैं।
32.   ·        किशनलाल गर्ग : आप खुशदिलान-ए-जोधपुर के संरक्षक हैं। आप काव्य धारा से जुड़े हैं। आप संवेदनशील कवि हैं। आपकी रचनाएं जनमानस को काफी प्रभावित करती हैं। आप खुशदिलान-ए-जोधपुर के वरिष्ठ सदस्य होने के साथ ही संरक्षक के रूप में संस्था की बागडौर थामे हुए हैं।
33.   ·        किशोर लाछवानी : सिंधी साहित्य में सृजन। अनेक कृतियां। लेखन, काव्य और कहानी में सिद्धहस्त। सिंधी साहित्य का चर्चित नाम।
34.   ·        कुलदीप सिंह भाटी : कवि, लेखक साहित्यकार। मंचों का चर्चित नाम। कविताओं में जीवन दर्शन, प्रकृति प्रेम और करूणा के साथ संवेदनाओं का मिश्रण देखने को मिलता है। नई कविताएं भी लिखते हैं।
35.   ·        कुलदीपसिंह भाटी : साहित्य की विभिन्न विधाओं में समान रूप से लेखन। काव्य धारा में विशेष रुचि। गद्य-पद्य लेखन में समान अधिकार। साहित्यिक मंचों पर प्रभावी उपस्थिति। विभिन्न संस्थाओं से सम्मानित।
36.   ·        केबी व्यास : आप मूलत: जोधपुर के निवासी हैं। इन दिनों आपकी कर्मभूमि दुबई बनी हुई हैं। आप एक पब्लिकेशन भी चलाते हैं। आपकी साहित्यिक यात्रा का सफर काफी लंबा हैं। आपकी काव्य में विशेषकर हाइकू पर अच्छी पकड़ है और आपका हाइकू पर संग्रह भी आ चुका हैं। आपकी छह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। एक हाइकू संग्रह। सहज अभिव्यक्ति नाम से तीन संस्करण आ चुके हैं। सहज अभिव्यक्ति आध्यात्मिक पुनर्जागरण और आध्यात्मिक चेतना का आह्वान है। आप मानव को मानव से जोड़ने और चेतना के उन्मूख भाव को जीने का आह्वान करते हैं। सहज अभिव्यक्ति दो की भूमिका पद्मश्री शीन काफ निजाम और डॉ. शिबन कृष्ण रैना ने लिखी है और सहज अभिव्यक्ति-3 की भूमिका प्रो. हिम्मत सिंह सिन्हा और कमलेश भट्‌ट कमलेश ने लिखी है। केबी व्यास जी की माताजी द्वारा लिखी पुस्तक प्रगति की ओर भी उनका प्रसिद्ध प्रकाशन है। यह बाल निकेतन स्कूल जोधपुर में उनकी माताजी का 27 साल का जो अनुभव रहा, उस पर आधारित पुस्तक हैं। केबी व्यास का कहना है कि वे सहज अभिव्यक्ति के दस संस्करण निकालेंगे। तीन निकल चुके हैं और सात बाकी हैं। चौथे संस्करण पर काम चल रहा है। आपकी एक पुस्तक पुष्करण बैंक से संबंधित- पुष्करणा रत्न भी प्रकाशित हो चुकी हैं।
37.   ·        खुर्शीद खैराड़ी : उर्दू के सशक्त और मजबूत स्तंभ। गजल, शाइरी और गीत प्रिय विधा। लेखक के रूप में भी पहचान। मंचीय सम्मेलनों और गोष्ठियों की रौनक। कई कृतियां प्रकाशित।
38.   ·        गोबिंद राम करमचंदानी : सिंधी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर। साहित्य को समृद्ध करने में विशेष योगदान। काव्य के अलावा कहानी और विविध विधाओं में वर्षों से लेखन में सक्रिय।
39.   ·        गौतम के. गट्स : युवा रचनाकार। काव्य पसंदीदा विधा। अनेक मंचों पर प्रभावी प्रस्तुति। साहित्य की विभिन्न विधाओं में लेखन। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव।
40.   ·        चंचल चौधरी : साहित्य की गहरी समझ। अनेक विधा में लेखन जारी। साहित्यिक आयोजनों में अक्सर नजर आती हैं। भाषा और व्याकरण पर पकड़। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। काव्य पसंदीदा विधा।
41.   ·        चांदकौर जोशी : कवयित्री के रूप में स्थापित। कई कृतियां प्रकाशित। हिंदी के अलावा राजस्थानी में भी प्रभावी लेखन। कई पुरस्कारों से समादरित। जोधपुर के साहित्य जगत में जाना-पहचाना नाम।
42.   ·        जहूर खां मेहर : मूलत: इतिहासकार। इतिहास की कई कृतियां सृजित की। जोधपुर और राजस्थान के इतिहास पर मजबूत पकड़। जोधपुर के प्राचीन गौरव और परंपराओं की गहरी समझ। कई पुरस्कारों से समादरित। इन दिनों भी उम्र के चढ़ाव के बावजूद काफी सक्रिया। लोग आपसे इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त कर मार्गदर्शन प्राप्त करते रहते हैं।
43.   ·        जितेन्द्र जालोरी : प्रमुख रंगकर्मी एवं कथाकर, संस्कार भारती से जुड़े हैं, वर्षो से जोधपुर में निवास।
44.   ·        जुगल किशोर सारस्वत : जीवन के गीत गाते हैं। कविताओं में माटी का दर्द और करूण भाव लक्षित होते हैं। प्रकृति के चितेरे हैं। संवेदनाओं से परिपूर्ण रचनाओं से मंच पर प्रकाशवान होते हैं। कई कृतियां प्रकाशित। राजस्थानी में भी अच्छी पकड़।
45.   ·        जेबा रशीद : उपन्यासकार। उर्दू पर विशेष पकड़। कई कृतियां प्रकाशित। कई सम्मानों से नवाजी जा चुकी हैं। साहित्य की लगभग सभी विधाओं पर समान रूप से पकड़ है।
46.   ·        जैसल डॉ. सुनीता शेखावत : ओजस्वी कविताओं के लिए जानीं जाती हैं। खासकर वीर रस की कवयित्री। अनेक कृतियां प्रकाशित। देशभक्ति पर आधारित कविताओं में महारत हासिल।
47.   ·        डॉ. अंजना चौधरी : संभावना की सचिव हैं। हिंदी साहित्य धारा का चर्चित नाम है। काव्य सहित विभिन्न विधाओं में लिखती हैं। मंचों पर अक्सर श्रोताओं का ध्यान आकर्षित करती हैं। कई पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं। विभिन्न कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं।
48.   ·        डॉ. उमेश दाधीच : वरिष्ठ कवि। जीवन की विसंगतियों काे कविता में ढालते हैं। कई मौकों पर आशु कविता लिखते हैं। प्रकृति के चितेरे। गायन में विशेष रुचि।
49.   ·        डॉ. ओपी टाक : मूलत: लेखक हैं। आजीवन शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. टाक अच्छे लेखक हैं। आपकी कई रचनाएं अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। कई कृतियां भी प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्यिक मंचों पर अक्सर आप शोभा बढ़ाते हैं।
50.   ·        डॉ. कैलाश कौशल : वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं की गहरी समझ और गहरी पकड़। अनेक कृतियां सृजित। कई सम्मानों और पुरस्कारों से समादरित। कई शोध पत्र प्रकाशित। साहित्यिक कार्यक्रमों में प्रभावी उपस्थिति।
51.   ·        डॉ. कौशलनाथ उपाध्याय : वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं पर पकड़। साहित्यिक मंचों की शान। अनेक कृतियां सृजित। अनेक साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित। कई कृतियां सृजित की।
52.   ·        डॉ. गीतांजलि : साहित्य की अनेक विधाओं में लिखती हैं। हिंदी साहित्य का चर्चित नाम। काव्य प्रिय विधा। मंचीय आयोजनों की अक्सर शोभा बढ़ाती हैं। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। अनेक संस्थाओं से सम्मानित।
53.   ·        डॉ. छगन राज राव : साहित्य के क्षेत्र में चर्चित नाम। साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं। कई कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। कई सम्मानों से नवाजें जा चुके हैं। मंचीय सम्मेलनों का चर्चित चेहरा।
54.   ·        डॉ. दीपा परिहार : साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखती हैं। कई कृतियां प्रकाशित। गजल प्रिय विधा। राजस्थानी भाषा में विशेष लेखन। हिंदी पर भी उतनी ही मजबूत पकड़। मंचीय सम्मेलनों में वाह-वाही लूट लेती हैं।
55.   ·        डॉ. निसार राही : उर्दू और हिंदी के सशक्त हस्ताक्षर। मूलत: शाइर और कवि। गजल भी प्रिय विधा। कई कृतियां प्रकाशित। विशेषकर उर्दू और हिंदी में रोशनी के दरवाजे, आसमां अहसास और समंदर से खफा मौज़ काव्य संग्रह। फिराक गोरखपुरी पर उर्दू अनुवाद। गुलाब कोठारी के मानस के तीन संस्करणों का अनुवाद। वाणी प्रकाशन से मुकदमा शेरो शायरी की अल्ताफ हुसैन आली की पुस्तक का अनुवाद। राजस्थान उर्दू अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं। मख्मूर शहीदी कविता सम्मान सहित कई सम्मान से नवाजे जा चुके हैं। उर्दू और हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में बड़ा योगदान। मंचीय गोष्ठियों और सम्मेलनों के साथ मुशायरों की शान।
56.   ·        डॉ. पद्मजा शर्मा : साहित्य के क्षितिज का अनमोल नक्षत्र। जोधपुर की शान। अंतरप्रांतीय कुमार साहित्य परिषद और कई संस्थाओं से जुड़ाव। राजस्थान साहित्य अकादमी का सर्वोच्च पुरस्कार प्राप्त। पत्रकारिता की भी गहरी समझ। कवयित्री, शब्द चित्र लेखिका, डायरी लेखन, कहानीकार और विविध विधाओं में पिछले पांच दशकों से अधिक समय से लेखन। बाल साहित्य पर भी पकड़। विदेशों में भी काव्य पाठ कर चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित लेखिका हैं।
57.   ·        डॉ. फतेह सिंह भाटी : डॉ. भाटी की अनेक कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। वे प्रकृति पर कविताएं विशेष रूप से लिखते हैं। काव्य उनकी पसंदीदा विधा है। कहानी और लेखन से भी जुड़ाव है। हिंदी का चर्चित और सशक्त चेहरा हैं।
58.   ·        डॉ. मनीषा डागा : डॉ. सावित्री डागा की पुत्री डॉ. मनीषा डागा साहित्य के क्षेत्र में अपनी माता के पदचिह्नों पर चलते हुए साहित्य को समृद्ध कर रही हैं। आप शिक्षाविद भी हैं। संभावना परिवार की मुखिया। डॉ. मनीषा डागा साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजन करती हैं।
59.   ·        डॉ. रामानंद काबरा : पेशे से बिजनेसमैन एवं समाजसेवी। वरिष्ठ कवि, कहानीकार, लघु कथा लेखक एवं साहित्यकार। कई पुस्तकें सृजित। काव्य मंचों से दूर रहते हैं, लेकिन साहित्य सृजन में निरंतर सक्रिय। वाट्सएप ग्रुपों में प्रभावी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। कई कहानियों का यूट्यूब पर प्रकाशन। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन।
60.   ·        डॉ. रेणुका श्रीवास्तव : वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखती हैं। कई कृतियां सृजित की। आप साहित्यिक आयोजनों में अपनी प्रभावी छाप छोड़ती है। कई सम्मानों से समादरित। आप अपनी विशिष्ट लेखन शैली के लिए जानी जाती है।
61.   ·        डॉ. विपिन बिहारी गोयल : प्रसिद्ध अंग्रेजी उपन्यासकार। 11 अंग्रेजी उपन्यास तथा दो हिंदी काव्य संग्रह प्रकाशित। साहित्य की हर विधा में सृजनरत। मंचीय सम्मेलनों की शोभा बढ़ाते हैं। कई सम्मान मिल चुके हैं।
62.   ·        डॉ. शिवप्रकाश अरोड़ा : आप आध्यात्मिक मनीषी हैं। आपकी कई आध्यात्मिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आप अच्छे ज्योतिषी और वक्ता भी हैं। आपके आध्यात्मिक प्रवचन सुनने को लोग लालायित रहते हैं। आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
63.   ·        डॉ. संजीदा खानम : पेशे से चिकित्सक। अनेक पुस्तकों और साझा संकलनों का संपादन किया। काव्य पसंदीदा विधा। उर्दू और हिंदी पर समान पकड़। मंच संचालन भी करती हैं।
64.   ·        डॉ. सत्यनारायण : यायावर लेखक। साहित्य के आकाश पर नक्षत्र की भांति प्रकाशवान। कई पत्र-पत्रिकाओं में स्तंभ लेख लिखते रहे हैं। डायरी विधा में पारंगत। हंस मैगजीन में कई कॉलम लिखते रहे। देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार। कथाकार। समीक्षक और आलोचक। अनेक कृतियों का सृजन किया। साहित्य की विभिन्न विधाओं पर मजबूत पकड़। साहित्यिक कार्यक्रमों में अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। कालजयी लेखक हैं।
65.   ·        डॉ. सरोज कौशल : जयनारायण व्यास विवि से संबद्ध। 5 बुक प्रकाशित हो चुकी हैं। 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। देश में 150 से ज्यादा व्याख्यान हो चुके हैं। एक कविता संग्रह भारत गाथा हाल ही में प्रकाशित हुआ है। संस्कृत की विद्वान। हिंदी और भाषा व्याकरण पर अच्छी पकड़। साहित्य को समृद्ध करने में बड़ा योगदान।
66.   ·        डॉ. साजिद निसार : पेशे से चिकित्सक। उर्दू के बेहतरीन शाइर और मंच संचालक। कई कृतियां प्रकाशित। मोहब्बत और कौमी एकता और देश भक्ति पर एक से बढ़कर एक रचनाएं लिखीं। आप कई संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। आपको कई सम्मान भी मिल चुके हैं। आप साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं। संचालन करते समय समय हाजिर जवाबी और शेरो-शाइरी आप जब सुनाते हैं तो लोग झूम उठते हैं। आप महफिल में रौनक ला देते हैं।
67.   ·        डॉ. सूरज माहेश्वरी : साहित्य की विभिन्न विधाओं पर समान रूप से पकड़। कविता प्रिय विधा। विभिन्न कृतियां प्रकाशित। इस दौर की चर्चित साहित्यकार। मंचीय सम्मेलनों की शोभा बढ़ाती हैं।
68.   ·        डॉ. हरिप्रकाश राठी : कथाकार। इस दौर के चर्चित कहानीकार और कथाकार। राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहे हैं। जोधपुर की शान। मंचीय सम्मेलनों में अक्सर अपनी समीक्षा और आलोचना के लिए चर्चित नाम है।
69.   ·        डॉ. हरीदास व्यास : प्रसिद्ध कथाकार। साहित्य और संस्कृति के विमर्श मंच सृजना के सचिव हैं। कई कृतियां प्रकाशित। इस दौर के सबसे चर्चित कहानीकारों में से एक हैं। अनेक कृतियां चर्चित रही हैं। कई सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं। पत्रकारिता से भी जुड़ाव रहा है। दैनिक भास्कर में संपादकीय सलाहकार रह चुके हैं।
70.   ·        डॉ. हस्तीमल आर्य ‘हस्ती’ : हाइकु, बाल साहित्य लेखक, प्रसिद्ध कृति देश के परिवेश में। पेशे से चिकित्सक। सेवानिवृत्ति के बाद इन दिनों साहित्य में सृजनरत।
71.   ·        तारा प्रजापत प्रीत : मेहंदी वाले हाथ सहित कई काव्य संग्रह प्रकाशित। जीवन के सहज विषयों को बड़ी ही गंभीरता और संवेदनाओं के साथ काव्य में ढालती हैं। काव्य पसंदीदा विधा है। नई कविताओं में सिद्धहस्त है। साथ ही गजलों में भी मजबूत पकड़ है। आपको कई संस्थाओं से सम्मान भी मिल चुके हैं। आप वर्तमान में भी उम्र के पड़ाव में सक्रिय लेखन से जुड़ी हैं।
72.   ·        तृप्ति गोस्वामी ‘काव्यांशी’ : काव्य गोष्ठियों में संचालन का सुपरिचित नाम, एक कहानी एवं छह काव्य संग्रह प्रकाशित। शताधिक साहित्यिक सम्मानों से नवाजी गई कवयित्री।
73.   ·        दमयंती कच्छवाह : हाल ही में तीन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। मीरा बाई का जीवन वृत्त काव्य, चांद कंवर, सिया राम सब जग जानी…पुस्तकें चर्चित। हिंदी साहित्य का बड़ा नाम हैं। आध्यात्मिक साहित्य में विशेष रुचि हैं। काव्य सहित विभिन्न विधाओं में लिखती हैं।
74.   ·        दशरथ सोलंकी : प्रकृति के चितेरे। पर्यावरण में अनेक कविताएं चर्चित। पेड़ पर लंबी कविता काफी लोकप्रिय। आप मानवीय संवेदनाओं और प्रकृति के मानवीकरण के लिए जाने जाते हैं।
75.   ·        दिनेश सिंदल : अनेक कृतियां प्रकाशित। अनेक पुरस्कारो से नवाजे गए। पिछले पांच दशक से हिंदी गीतों-गजलों का चर्चित नाम। मंचीय सम्मेलनों में सर्वाधिक सराहे जाने वाले हस्ताक्षर। प्रकृति, बेटी, मां, पिता, सम-सामयिक विषयों, देश-प्रेम और शहीदों पर लिखे गीत और कविताएं खासी चर्चित रहीं हैं। आप देश-विदेश में कविता पाठ कर चुके हैं। जोधपुर में आपकी साहित्यिक यात्रा का सफर काफी लंबा हैं।
76.   ·        दिलीप कुमार पुरोहित :  डीके पुरोहित नाम से जाने जाते हैं। दो कृतियां प्रकाशित-‘मैं रहूं न रहूं’ गीत संग्रह और ‘मुट्‌ठी पर तावड़ो’ राजस्थानी बाल कविता संग्रह। रहस्यमयी संत अप्रकाशित कृति।
77.   ·        दिलीप केसानी : हिंदी, राजस्थानी, उर्दू और सिंधी के युवा कवि। उपन्यासकार। गजलकार। गीतकार। 10 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। फिल्मों के लिए अनुबंध। कई गीतों पर एलबम बन चुके हैं, जिनकी देश-विदेश में शूटिंग हो चुकी हैं। साहित्य के क्षेत्र में चर्चित नाम।
78.   ·        दिलीप राव श्रीमाली : छदों का अच्छा ज्ञान, प्रमुख कवि। मंचीय सम्मेलनों पर अक्सर अपनी विशिष्ट शैली को लेकर श्रोताओं की वाह-वाही लूटते हैं।
79.   ·        दीपा चौहान : जैसलमेर के चांदन गांव की निवासी। हाल जोधपुर के विवेक विहार में रहती है। साहित्यकार। मूल रूप से कवयित्री। पांच पुस्तकें प्रकाशित। फूलों का संदेश बाल साहित्य कृति आ रही है। साहित्यिक कार्यक्रमों में अक्सर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाती है। राजस्थानी में भी लिखती हैं।
80.   ·        दीपा टाक : आप मूलत: आशु कवयित्री हैं। आपको जो भी विषय दिया जाता है उस पर तुरंत कविता गढ़ लेती हैं। आप पेशे से शिक्षिका हैं। नौंवी कक्षा से कविता लिख रही हैं। आपकी विशेषता यह है कि आप दोनों हाथों से लिखती हैं। आपकी आशु कविता की प्रवृत्ति को देखते हुए आपको लोग चलता फिरता गूगल और एआई की संज्ञा देते हैं।
81.   ·        दीपिका रूहानी : बैंक सेवा में। काव्य पसंदीदा विधा। अनेक कृतियां प्रकाशित। मंचों पर अपनी मधुर राग और विशिष्ट शैली के लिए चर्चित चेहरा। एकल काव्य पाठ भी हो चुके हैं। काव्य कलश से जुड़ाव। विरह, दर्द और सूफियानी कविताओं का उभरता चेहरा हैं।
82.   ·        दीप्ति कुलश्रेष्ठ : हिंदी साहित्य का चर्चित चेहरा। काव्य पसंदीदा विधा। लेखिका के रूप में भी विशेष पहचान। कई कृतियां प्रकाशित। मंचीय सम्मेलनों की शोभा बढ़ाती हैं। कई सम्मान भी मिल चुके हैं।
83.   ·        नंदलाल भाटी : लेखन के क्षेत्र में नया मगर प्रभावी चेहरा। काव्य विधा पसंदीदा विधा। खासकर सौंदर्य पर लिखते हैं।
84.   ·        नरेंद्र चूरा : पेश से पत्रकार। दैनिक भास्कर और नवज्योति में वर्षों तक संपादकीय विभाग में सेवाएं दीं। बाल साहित्य पर अच्छी पकड़। गजल और नए दौर की कविताओं का सृजन। कई कविताएं प्रकाशित। अनेक कृतियां सृजित। देश की चोटी की पत्र-पत्रिकाओं में वर्षों से लेखन।
85.   ·        नवीन पंछी : मंचीय कवि। अनेक विधाओं में सृजनरत। अनेक कृतियां। साहित्यिक आयोजनों में अक्सर धूम मचाते हैं। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। अनेक सम्मान।
86.   ·        निधिश्री : शब्दों के संसार से रोज सामना करती हैं। मुख्य रूप से कवयित्री। लेखन में भी पकड़। मंचीय सम्मेलनों में नजर आती हैं।
87.   ·        निशा व्यास : मुख्य रूप से कवयित्री। शब्दों से प्रकृति का राग सुनाती है। जीवन के गहरे अनुभवों को कविता में ढालती है। नई कविताओं पर विशेष पकड़। गीत भी लिखती हैं।
88.   ·        नीलम व्यास ‘स्वयंसिद्धा’ : दर्जनों पुस्तकें लिखीं। छंद और व्याकरण का अच्छा ज्ञान। हाइकू भी लिखती हैं। गीत, गजल और कविताओं से मंचों पर अपनी छाप छोड़ती है। मधुर कंठ की धनी। पेशे से व्याख्याता।
89.   ·        पंकज बिंदास : भजन गायक, फिल्मी गीतों के सुरीले स्वर साधक। स्वतंत्र पत्रकार होने के साथ काव्य की धारा में सृजनशील और शब्दों की जादूगरी में कमाल दिखाते हैं। कई भजनों के लेखक।
90.   ·        पूजा अग्रवाल : चर्चित कवयित्री। यादों का मौसम हाल ही में लोकार्पित। सोचा ना था राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर द्वारा चयनित। दरमिया तेरे मेरे लघु कविता संग्रह, लेखन विधाएं-कविता, गीत, गजल, दोहे तथा कहानी। शोध पत्र।
91.   ·        प्रगति गुप्ता : साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण अवदान। लेखिका के रूप में विशिष्ट पहचान। कवयित्री के रूप में स्थापित। मंचों की अक्सर शोभा बढ़ाती हैं। कहानीकार के रूप में भी पहचान। अनेक कृतियां प्रकाशित और सम्मान मिल चुके हैं।
92.   ·        प्रदीप शर्मा : प्रकृति के चितेरे। पर्यावरण और जल संरक्षण कार्य से विशेष जुड़ाव। प्रकृति और पर्यावरण पर अनेक कविताएं और गीत लिखे। मंचों पर बिना माइक अपनी बुलंद आवाज के लिए जाने जाते हैं। समाचार पत्रों में प्रकृति और पर्यावरण जागरूकता के अनेक लेख लिखे।
93.   ·        प्रमोद वैष्णव : प्रसिद्ध रंगकर्मी और साहित्यकार। कई कृतियां और रंगमंचों पर अनेक नाटकों का मंचन। इनकी कविताओं में संवेदनाएं, सम-सामयिक विषय और प्रकृति के साथ मानवीयता का चित्रण देखने को मिलता है। प्रमोद वैष्णव जोधपुर की साहित्य जगत की चर्चित हस्ती हैं और आप कुशल मंच संचालक भी हैं। मंचों पर जब कविता सुनाते हैं तो श्रोता वाह-वाह कर उठते हैं।
94.   ·        प्रो. रेनु शाह : साहित्य का सम्मानित नाम। अनेक कृतियां प्रकाशित। कई सम्मानों से नवाजी जा चुकी हैं। मंचों पर अक्सर श्रोताओं के बीच लोकप्रिय नाम हैं।
95.   ·        फारूक आफरीदी : उर्दू के वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की अनेक विधाओं में लिखते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी रह चुके हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी जयपुर इन्हीं के प्रयासों से स्थापित हो सकी। आप साहित्य के क्षेत्र में बड़ा नाम है।
96.   ·        बसंती पंवार : हिंदी और राजस्थानी की वरिष्ठ साहित्यकार। राजस्थानी में उपन्यास भी लिखे। अनेक कृतियां सृजित। कई पुरस्कार प्राप्त। उम्र के पड़ाव में भी सक्रिय लेखन। मंचों की शान। कविताओं में जीवन का दर्शन और प्रकृति का अद्भुत वर्णन। सम-सामयिक विषयों पर अच्छी पकड़। समाज के ताने-बाने पर सृजन।
97.   ·        बृजेश अम्बर : साहित्य का बेजोड़ सितारा। वैसे तो शीन काफ निजाम के पुत्र हैं, मगर खुद भी अपनी हस्ती रखते हैं। अंतरराष्ट्रीय शाइर होने का गौरव। देश-विदेश में कलाम पढ़ चुके हैं। कई कृतियां प्रकाशित। द सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में अधिकारी।
98.   ·        भंवरलाल सुथार : राजस्थानी के अच्छे साहित्यकार। कोरोना कृति पुरस्कृत। प्रकाशन कार्य से जुड़ाव। भाषा और साहित्य की समझ। साहित्य से वर्षों से जुड़ाव। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। अनेक सम्मान।
99.   ·        भीमराज सैन : काजरी से सेवानिवृत्त। समाजसेवी होने के साथ ही कवि और लेखक। दो पुस्तकें आ चुकी हैं। बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट करते हैं। कविता पसंदीदा विधा। जीवन के अनुभवों को कविता में ढालते हैं।
100.                       ·        मंजू शर्मा जांगिड़ ‘मनी’ : साहित्य की गद्य एवं पद्य दोनों विधाओं पर गहरी पकड़ एवं निरंतर सृजन। हिंदी एवं राजस्थानी दोनों भाषाओं में कृतियां प्रकाशित। विभिन्न संस्थाओं से सम्मानित।
101.                       ·        मधुर परिहार : आकाशवाणी उद्घोषिका। मंचीय संचालन में सिद्धहस्त। अनेक कविताएं चर्चित रहीं हैं। अपनी मधुर राग और मधुर वाणी के लिए जानी जाती हैं। गजल और शाइरी से गहरा जुड़ाव।
102.                       ·        मनशाह “नायक” : गीत प्रिय विधा। गजलों पर भी उतनी ही प्रभावी पकड़। शाइरी में भी जवाब नहीं। कई कृतियां प्रकाशित। लेखक के रूप में भी पहचान। पेशे से खुद का व्यवसाय। साहित्य के क्षेत्र में सम्मानित नाम।
103.                       ·        मनोहर सिंह राठौड़ : वरिष्ठ कवि, लेखक, साहित्यकार। 60 से अधिक पुस्तकों के प्रकाशन में अनेक प्रकार का योगदान। यथा : अनुवाद, समीक्षा, स्वतंत्र लेखन व भूमिका लेखन का निर्वाह। काव्य कलश के संस्थापक अध्यक्ष। कई सम्मान मिल चुके हैं।
104.                       ·        महावीर सिंह शक्तावत :  प्रमुख गज़लकार एवं इतिहास लेखक। साहित्य की धारा के प्रमुख हस्ताक्षर।
105.                       ·        महेश संतानी : साहित्य परंपरा की अनुगामी। सिंधी साहित्य का चर्चित और प्रसिद्ध नाम। काव्य के अलावा लेखन धारा से जुड़ाव। अनेक कृतियां प्रकाशित।
106.                       ·        महेशचंद पंवार : वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं की गहरी समझ और पकड़। काव्य प्रिय विधा। विभिन्न मंचों पर गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। कई सम्मान।
107.                       ·        माधव राठौड़ : चर्चित कवि-कथाकार। मनु का मार्क्सवाद कृति पुरस्कृत। कई कृतियां प्रकाशित। आधुनिक कविताओं के चर्चित कवि। साहित्यिक मंचों पर प्रभावी उपस्थिति। गद्य-पद्य पर समान रूप से पकड़। अनेक संस्थाओं से सम्मानित।
108.                       ·        मानाराम विश्नोई : संपादक एवं समाज सेवी, प्रो सोनाराम विश्नोई फाउंडेशन के अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष। प्रमुख सह संपादित राजस्थानी कृति समै री सबळी साख।
109.                       ·        मिश्रीलाल पंवार : पेशे से वरिष्ठ पत्रकार। इन दिनों राष्ट्रदूत में कार्यरत। आप राजस्थान ही नहीं देश के चोटी के कहानीकार हैं। आपकी कहानियां कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती है। आप कविताएं भी लिखते हैं। लघु कहानियां खूब चर्चित रही हैं। आप साहित्यिक मंचों की शान बढ़ाते हैं।
110.                       ·        मीठेश निर्मोही : राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर की सरस्वती सभा के सदस्य रहे मीठानाथ मीठेश निर्मोही साहित्यिक नाम मीठेश निर्मोही का जन्म 30 सितम्बर, 1954 को पिता स्व. पन्नानाथ रावल एवं माता स्व.चुन्नीबाई रावल के परिवार में पाली जिले के राजोला खुर्द ग्राम में हुआ। हिन्दी, संस्कृत एवं दर्शनशास्त्र विषयों में बीए, दर्शनशास्त्र एवं  राजस्थानी में स्वर्ण पदक सहित एमए की शिक्षा प्राप्त की। राजस्थानी एवं हिन्दी में विगत 50 वर्षों से समानान्तर लेखन कर कहानी, कविता, शोध लेख,लघुकथा,अनुवाद, समीक्षा आदि लिखते हैं। देश की सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित और इण्टरनेट, आकाशवाणी एवं दूरदर्शन पर प्रसारित होती है। लगभग एक सौ से अधिक राज्य, राष्टीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय गोष्ठियों एवं सम्मेलनों में सहभागिता की है। तीन सौ से अधिक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का संयोजन तथा संचालन किया है। ताशकन्द एवं समरकन्द  उज्जबेकिस्तान) एवं मास्को एवं सेन्ट पीटर्सबर्ग (रूस) की दो अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यिक यात्राएं भी की हैं। शांति एवं मानवाधिकार विश्व साहित्य फोरम के 2021 से अंतरराष्ट्रीय शांति एम्बेसडर हैं। देश में कई संस्थाओं के पदाधिकारी हैं और साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली एवं अन्य साहित्यिक संस्थानों से प्रदत्त राष्टीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति में निर्णायक रहे हैं। कई रचनाएं विविध पाठ्यक्रमों में शामिल है।  प्रकाशित राजस्थानी साहित्य  की कृतियों में कविता संग्रह – आपै रै ओठै-दोळे  मुगती आधुनिक राजस्थांनी कवितावां, कहानी संग्रह में आज री राजस्थांनी कहांणियां ,अमावस, ओकम अर चांद,  सूरज उगाळी – प्रतिनिधि राजस्थानी कहानियों का संकलन,आखर-समकालीन राजस्थानी कहाणियां,  उकरास प्रतिनिधि कहानीकारों की कहानिया, विविधा संग्रह — कूंपळ   बदळाव , पीळौ बादळ , कुंकूं पगलिया, अंवेर  – राजस्थानी के प्रतिनिधि कवियों की कविताएं,  तीन बीसी पार – आधुनिक राजस्थानी कहाणी, साख भरै सबद आजादी रै पछै री राजस्थानी कविता, अठारा असवार – पुरस्कृत कहानियां प्रकाशित हुई हैं। हिंदी कृतियों में कविता संग्रह — चेहरों की तख्तियों पर , चिड़िया भर शब्द, शब्द की संगत, सिर्फ शब्द नहीं , अपना-अपना आकाश , सुनो ओ नदी रेत की,  वस्तुस्थिति, रेत पर नंगे पांव , दोस्तों की कहानियां ,कविता का सच , रेतघड़ी , जलती हुई नदी , कविता कानन, तुम्हारे लिए, मरुगंधा, कविता से कविता तक, स्त्री होकर सवाल करती है , त्रिसुगंधि आदि अन्य पुस्तकें प्रकाशित हैं। इन कृतियों में कई कृतियां अन्य साहित्यकारों द्वारा संपादित की गई हैं। अनुवाद  – कई राजस्थानी कविताओं और कहानियों का अंग्रेजी, हिन्दी, बंगला, गुजराती, कश्मीरी, डोगरी, तेलुगू, मलयालम, मराठी, पंजाबी, असमिया, कन्नड़, मैथिली, ओडिआ, बोडो, मणिपुरी, सिंधी, उर्दू, इत्यादि भारतीय तथा अंग्रेजी, रूसी, फ्रेंच, नेपाली, ताजिक आदि विश्व भाषाओं में अनुवाद हुआ है। अंग्रेजी, रूसी, उज्बेकि, इटालियन, फ्रेंच, नेपाली, ताजिक, हंगरी, अफ्रीकी, टर्की, चीनी आदि विश्व भाषाओं की रचनाओं का राजस्थानी में अनुवाद हुआ हैं। कहानियों का नाट्य रूपांतरण भी किया गया है।  देश – विदेश की कई संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया है । पांचवां अन्तरराष्टीय हिन्दी सम्मेलन, ताशकंद उजबेकिस्तान में समग्र रचना कर्म पर सृजनश्री सम्मान, विधागत श्रेष्ठता कविता एवं कहानी पर पन्द्रहवां अन्तरराष्टीय हिन्दी सम्मेलन, मास्को-रूस में श्री सलेखचन्द जैन स्मृति अन्तरराष्टीय साहित्य सम्मान, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर द्वारा कथाकृति ‘अमावस, ओकम अर चांद’ पर के लिए मुरलीधर व्यास ‘राजस्थानी’ कथा साहित्य पुरस्कार, कविता ‘ओ मृत्यु !’ पर राजस्थान पत्रिका, सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर द्वारा काव्यकृति ‘चिड़िया भर शब्द’ पर सुधीन्द्र कविता पुरस्कार , महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाशन शोध संस्थान, मेहरानगढ म्यूज़ियम ट्रस्ट, जोधपुर एवं बाबा रामदेव शोध पीठ, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिये ‘मायड भासा सेवा सम्मान, प्रगतिशील साहित्य संगम, जोधपुर द्वाराहिन्दी रत्न सम्मान, तेलुगु पत्रिका ‘विपुला’ हैदराबाद की ओर से राष्टीय स्तर पर सर्वभाषा कथा प्रतियोगिता पुरस्कार राजस्थानी कहानी ‘बंधण’ पर द्वितीय पुरस्कार, ज्ञान भारती, कोटा द्वारा महाकवि निराला पुरस्कार, दर्शन विभाग, जयनारायण व्यास वि.वि.जोधपुर द्वारा प्रवणानंद दर्शन पुरस्कार, जिला प्रशासन, जोधपुर द्वारा  उत्कृष्ट साहित्य सृजन सम्मान,भाषा, साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा राजस्थानी कविता संग्रह ‘मुगती’ पर साहित्य अकादेमी का मुख्य पुरस्कार एवं जनार्दन राय विद्यापीठ (डीम्ड टू बीयूनिवर्सिटी) उदयपुर की ओर से दीर्घकालिक साहित्य सृजना, अनुवाद के लिये कवि राव मोहन सिंह की स्मृति स्वरूप ‘साहित्य शिरोमणि अलंकरण एवं राजस्थानी कविता संग्रह ‘मुगती’ पर कमला गोइनका फाउंडेशन, बैंगलोर की ओर से राष्टीय स्तर पर प्रदान किया जाने वाला मातुश्री कमला गोइनका राजस्थानी साहित्य पुरस्कार जैसे प्रमुख पुरस्कारों सहित कई अन्य पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं। शिक्षा निदेशालय, राजस्थान सरकार के प्रशासनिक अधिकारी पद से सेवानिवृत्ति के पश्चात् सतत स्वतंत्र लेखन में सक्रिय है। संपर्क : उम्मेद चौक, जोधपुर 342 001 राजथान मो. 95495 23222 लेखक साहित्यकार।
111.                       ·        यशपाल वासवानी : सिंधी साहित्य का चर्चित चेहरा। काव्य पसंदीदा विधा। लेखन से गहरा जुड़ाव। मंचों पर भी नजर आते हैं।
112.                       ·        यशोदा माहेश्वरी : मूलत: गायिका। साथ में साहित्य में अभिरुचि और कई भजनों की लेखिका। शब्दों और भाषा पर अच्छी पकड़। अच्छी वक्ता और एंकर। समाजसेविका। श्री जागृति संस्थान से जुड़ाव।
113.                       ·        रईस जोधपुरी : साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं। उर्दू के सम्मानित साहित्यकार। कई कृतियां आ चुकी। कई संस्थाओं से सम्मानित। मंचीय सम्मेलनों की शान।
114.                       ·        रजा मोहम्मद खान : गीत और गजल प्रिय विधा। मूलत: शाइर। उर्दू के सशक्त हस्ताक्षर। कवि सम्मेलनों, गोष्ठियों में अक्सर दिखाई देते हैं और उम्र के इस दौर में भी सक्रिय।
115.                       ·        रमाकान्त शर्मा : अनेक पुस्तकें प्रकाशित। साहित्य की प्रत्येक विधा में मजबूत पकड़। कई पुरस्कारों से पुरस्कृत। साहित्य की प्रत्येक में विपुल साहित्य सृजन किया। कई कृतियां खासी चर्चित भी हुई।
116.                       ·        रमेश बोराणा : राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष। वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं में सिद्धहस्त रचनाकार। नाट्य एवं रंगकर्मी। देश के साहित्यिक मंचों पर विशिष्ट पहचान। अनेक सम्मान। कई कृतियां प्रकाशित। रंगमंच को समृद्ध करने में बहुत बड़ा योगदान।
117.                       ·        रमेश भाटी :  कवि और नाट्य लेखक। साहित्य की विभिन्न विधाओं पर मजबूत पकड़। काव्य विधा में विशेष रुचि। कई कविताएं मंचों पर सराही गई। मंचीय सम्मेलनों में प्रभावी उपस्थिति। कई कृतियां प्रकाशित।
118.                       ·        रविदत्त मोहता : मूलत: कवि-दार्शनिक चिंतक। कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। ज्ञातवास से अज्ञातवास, अतिमानव और कुछ अन्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे मूलत: आध्यात्मिक चिंतक हैं। आकाशवाणी से सेवानिवृत्त स्टेशन डायरेक्टर हैं।
119.                       ·        राकेश मूथा : साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं। काव्य प्रिय विधा। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। साहित्यिक आयोजनों में अक्सर दिखाई देते हैं। कई सम्मान।
120.                       ·        राखी पुरोहित : आपका एक बाल कविता संग्रह मशाल बुझे ना आ चुका है। आप बाल कविताएं विशेष रूप से लिखती हैं। आपको भजन गायन और भजन लेखन में महारत हासिल है। आप आकाशवाणी में आकस्मिक उद्घोषक हैं और मंच संचालिका होने के साथ राइजिंग भास्कर की एडिटर इन चीफ भी हैं।
121.                       ·        राजन वैष्णव : साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजन रत। श्री जागृति संस्थान से जुड़ाव। कई रचनाएं साहित्यिक मंचों पर चर्चित रही है।
122.                       ·        राजन शाह : आप अच्छे साहित्यकार हैं। आपकी कई कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। आप श्री जागृति संस्थान से जुड़े हुए हैं।
123.                       ·        राजेंद्र खिंवसरा : अच्छे मंच संचालक। काव्य की धारा के सशक्त हस्ताक्षर। साहित्य की व्यंग्य विधा में अच्छी कविताएं लिखते हैं। मानव प्रेम, करूणा और संवेदनाओं को जब शब्दों में पिरोते हैं तो श्रोता वाह-वाही कर उठते हैं।
124.                       ·        राजेन्द्र वैष्णव : परंपरागत लेखन और काव्य धारा से जुड़ाव। कहानियां भी लिखते हैं और विशिष्ट लेखन के लिए जाने जाते हैं।
125.                       ·        राजेन्द्र शाह सिरोही : कई पुस्तकों के लेखक। उपन्यास भी लिख चुके हैं। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर भी उपन्यास लिख चुके हैं। आपकी कविताएं खासी चर्चित रहती है। पिता पर लिखी आपकी कविता काफी चर्चित रही है। आप काव्य में संवेदनाओं पर जोर देते हैंं। कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
126.                       ·        राजेश भाटी : साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं। कविता प्रिय विधा। जोधपुर के साहित्यकारों में जाना-पहचाना नाम। साहित्यिक मंचों पर बराबर उपस्थिति। अनेक संस्थाओं से समादरित।
127.                       ·        राजेश मोहता : जोधपुर में वर्षों से कार्यरत। पेशे से हिंदी व्याख्याता हैं। आपकी कविता एक यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जा रही है। कई कृतियां प्रकाशित हो चुकी है। छवियों में जी लूं…प्रसिद्ध कृति है। दरअसल क्रांतिकारी विचारों के हैं और जीवन के संघर्ष और झंझावतों को काव्य में ढालते हैं। आपके शब्दों में धार और आग धधकती है। आप शब्दों को हथियार बनाकर अभिव्यक्ति को आकार देते हैं।
128.                       ·        रामनिवास चौधरी : मूलत: कवि। हास्य और व्यंग्य कविताएं भी लिखते हैं। श्री जागृति संस्थान और खुशदिलान ए जोधपुर से जुड़ाव।
129.                       ·        रेखा भाटिया : प्रसिद्ध मंच संचालिका। काव्य धारा से जुड़ी। कविता पसंदीदा विधा। जीवन के अनुभवों को शब्दों का ताना-बाना पहनाती हैं।
130.                       ·        रेणु वर्मा : साहित्य के क्षेत्र में बड़ा नाम। लेखिका, कहानीकार और कवयित्री के रूप में विशिष्ट पहचान। कई कृतियां प्रकाशित और कई सम्मान मिल चुके हैं। अक्सर मंचों की शोभा बढ़ाती हैं।
131.                       ·        लीला दीवान : वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं की गहरी समझ और पकड़। साहित्यिक मंचों पर उपस्थिति दर्ज करवाती रहती हैं। कई सम्मानों से समादरित। कुछ कृतियां प्रकाशित।
132.                       ·        वसीम जोधपुरी : उर्दू और हिंदी के मजबूत और सशक्त हस्ताक्षर। गजल प्रिय विधा। मूल रूप से शाइर। लेखन में भी गहरी पकड़। कहानी और शब्दों के जादूगर। कई कृतियां प्रकाशित। कई सम्मानों से नवाजे गए।
133.                       ·        वसुमति : नई कविताओं में विशेष पकड़। गीत और कविता पसंदीदा विधा। प्रकृति और मानवता से ओत-प्रोत कविताएं लिखतीं हैं।
134.                       ·        वाजिद हसन काजी : कवि कथाकार समीक्षक, राजस्थानी लेखन में विशेष योगदान। साहित्यिक मंचों की शान।
135.                       ·        विमल श्रीवास्तव : आप खुशदिलान-ए-जोधपुर के कोषाध्यक्ष हैं। बेहतरीन कवि हैं। साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं। आपकी रचनाओं में मानव प्रेम, करुणा और प्रकृति का चित्रण देखने को मिलता है। आप मंचीय कवि सम्मेलन और गोष्ठियों की शान बढ़ाते हैं।
136.                       ·        विष्णुदत्त दवे : आप खुशदिलान-ए-जोधपुर के सचिव हैं। बेहतरीन कवि हैं। आप साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं। हास्य-व्यंग्य की रचनाओं पर विशेष पकड़ हैं। पेशे से व्याख्याता रह चुके हैं। आपको कई सम्मान भी मिल चुके हैं।
137.                       ·        वीणा अचतानी : हिंदी और राजस्थानी साहित्य का सशक्त हस्ताक्षर। साहित्य की विभिन्न विधाओं में समान लेखन। अनेक कृतियां प्रकाशित। कई संस्थाओं से सम्मानित।
138.                       ·        वीणा चूडावट : साहित्य की विभिन्न विधाओं में रचनाधर्मिता जारी। साहित्यिक कृतियां कई प्रकाशित। अनेक सम्मानों से समादरित। साहित्यिक आयोजनों में प्रभावी उपस्थिति। कविता प्रिय विधा।
139.                       ·        शकुंतला जैन : जैन साहित्य में विशेष लेखन। भजन गायन में भी विशेष रुचि। काव्य पसंदीदा विधा। लेख भी लिखती हैं।
140.                       ·        शालिनी गोयल : आप साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखती हैं। मंचीय सम्मेलनों एवं साहित्यिक आयोजनों में प्रभावी उपस्थिति दर्ज करवाती है। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। कविता प्रिय विधा। अनेक सम्मान।
141.                       ·        शिवानी पुरोहित : वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजनरतन एवं अनेक कृतियां प्रकाशित। कई संस्थाओं से जुड़ाव। श्री जागृति संस्थान की पूर्व संयुक्त सचिव। अनेक पुरस्कारों से समादरित। काव्य मंचों एवं साहित्यिक आयोजनों में प्रभावी उपस्थिति। समाजसेवा में भी सकिय।
142.                       ·        शीन काफ़ निज़ाम : असली नाम शिव किशन बिस्सा। साहित्यिक नाम शीन काफ निजाम। पिछले दिनों पद्मश्री से नवाजे गए। छह-सात दशक की साहित्यिक यात्रा। मूलत: उर्दू के शाइर और चिंतक और आलोचक। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान। मरुधरा के लाल के रूप में प्रसिद्ध। कई पुस्तकों का लेखन।
143.                       ·        शुचि गुप्ता : उभरती हुई कवयित्री। काव्य में गंभीता और संवेदनाएं। अपने अनुभवों और जीवन की सच्चाइयों को शब्दों में पिरोती है। मुक्त छंछ व नारी मन को उद्वेलित करती नवोदित कवयित्री।
144.                       ·        शुभलक्ष्मी : साहित्य की अनेक विधाओं में लिखती हैं। काव्य प्रिय विधा। साहित्यिक आयोजनों और मंचीय सम्मेलनों की शोभा बढ़ाती है। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। कई संस्थाओं से सम्मानित।
145.                       ·        शैलेश लोढ़ा : मंचीय कवि। टीवी कलाकार। एंकर। कई चर्चित प्रोग्राम। तारक मेहता का उल्टा चशमा में वर्षों तक कलाकार की भूमिका निभाई। हास्य-व्यंग्य के मंझे हुए मंचीय कवि हैं। आपको देश-विदेश में सर्वाधिक जोधपुर से बुलाया जाता है। आप जोधपुर निवासी है मगर कर्मभूमि मुंबई रही है। आप साहित्य की अनेक विधाओं में लिखते हैं और कई कृतियां प्रकाशित हो चुकी है। आप प्रमुख समाचार पत्रों में भी कॉलम लिखते रहे हैं।
146.                       ·        श्याम गुप्ता शान्त : हिंदी और राजस्थानी के सम्मानित लेखक। गद्य और पद्य लेखन में समान रूप से पकड़। व्यंग्य विधा के स्थापित हस्ताक्षर। साहित्यिक संस्था काव्य कलश के संयोजक व सचिव तथा नवोदय सबरंग साहित्य परिषद में उपाध्यक्ष पद पर पदासीन। बैंक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद इन दिनों लेखन में सक्रिय हैं। आपकी बोतल चवालिसा चर्चित रचना है। आपकी कहानियां और व्यंग्य लेख काफी चर्चित रहे हैं। आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और कुछ प्रकाशनाधीन हैं। आप अच्छे वक्ता और संचालक भी हैं।
147.                       ·        श्याम सुन्दर भारती : साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजनरत। अनेक कृतियां सृजित की। अनेक संस्थाओं से पुरस्कृत। मंचीय सम्मेलनों में विशेष रूप से प्रभावित करते रहे हैं।
148.                       ·        श्रवण दान शून्य : साहित्य का चर्चित नाम। काव्य पसंदीदा विधा। मंचीय सम्मेलनों की शान। अनेक कृतियां प्रकाशित। अनेक पुरस्कारों से समादरित।
149.                       ·        श्रीमती रमा आसनानी : सिंधी साहित्य की सशक्त हस्ताक्षर। सिंधी में विशेष महारत। काव्य पसंदीदा विधा। लेखन में भी विशिष्ट पहचान। अनेक कृतियां।
150.                       ·        श्रीमती रीतिका मनवानी : सिंधी साहित्य को समृद्ध किया। समाजसेवा में भी सक्रिय। काव्य पसंदीदा विधा। लेखन में भी सक्रिय।
151.                       ·        श्रीमती शोभा मंगलानी : सिंधी साहित्य का चर्चित नाम। सिंधी में अनेक कृतियां प्रकाशित। कविता प्रिय विधा।
152.                       ·        संतोष चौधरी : वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजन। कुछ कृतियां प्रकाशित। साहित्यिक मंचों पर प्रभावी उपस्थिति। अनेक सम्मान।
153.                       ·        संदीप भांडावत : पेशे से एडवोकेट। खुशदिलान ए जोधपुर के अध्यक्ष। आप साहित्य की काव्य विधा में लिखते हैं। विशेषकर हास्य-व्यंग्य की रचनाओं में महारत हासिल हैं। संवेदनशील विषयों पर लिखी आपकी कविताएं कई मंचों पर सराही गई है।
154.                       ·        सत्यदेव संवितेंद्र :  72 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदी और राजस्थानी साहित्य का राजस्थान का ही नहीं देश का चर्चित नाम। कई साहित्यिक पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान। जोधपुर की शान। गीतकार के रूप में विशिष्ट रूप से मशहूर। गजल भी प्रिय विधा। ललित निबंध की पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्यिक मंचों पर जब मधुर आवाज में गीत और गजल सुनाते हैं तो श्रोता वाह-वाही कर उठते हैं। मधुर स्वभाव और हमेशा युवाओं को साहित्य के क्षेत्र में प्रेरित करते हैं। नव लेखकों को इनका स्नेह मिलता रहता है।
155.                       ·        सय्यद मुनव्वर अली : वरिष्ठ साहित्यकार। साहित्य की विभिन्न विधाओं पर गहरी पकड़ और प्रभावी समझ। उर्दू में विशिष्ठ सृजन। आपको अनेक पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं। कई कृतियां प्रकाशित। साहित्यिक मंचों और आयोजनों में प्रभावी उपस्थिति दर्ज करवाते हैँ।
156.                       ·        सीमा मूथा : बाल साहित्य सहित साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखती हैं। कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। कई सम्मानों से भी नवाजी जा चुकी हैं। मंचीय सम्मेलनों की शोभा बढ़ाती हैं। मधुर कंठ की धनी।
157.                       ·        सुधा गर्ग : आध्यात्मिक लेखन। प्रभावी वक्ता। अध्यात्म से जुड़ाव। समाजसेवी और काव्य पसंदीदा विधा।
158.                       ·        सुधा भंसाली : आध्यात्मिक लेखन से जुड़ाव। जैन साहित्य पर पकड़। कविता पसंदीदा विधा।
159.                       ·        सुनीता चौधरी अवनी : काव्य पसंदीदा विधा। वैसे अन्य विधाओं में भी लिखती है। आकाशवाणी पर भी रचनाओं का प्रसारण। कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन। साहित्यिक आयोजनों में अक्सर नजर आती हैं। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। अनेक सम्मान।
160.                       ·        सुमन बिस्सा : वरिष्ठ कवयित्री। साहित्य का चर्चित नाम। आप साहित्य की अनेक विधाओं में लिखती हैं। कविता प्रिय विधा। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। अनेक कृतियां प्रकाशित। कई सम्मान। साहित्यिक आयोजनों की शोभा बढ़ाती हैं।
161.                       ·        सुरभि खींची : साहित्य की काव्य विधा प्रिय विधा। साहित्य की समझ और कविता में अभिरुचि। अनेक विधा में लेखन। मंचीय आयोजनों में शोभा बढ़ाती हैं। अनेक संस्थाओं से जुड़ाव। अनेक सम्मान।
162.                       ·        सुशील एम. व्यास : हिंदी व राजस्थानी के कवि। साहित्य की अन्य विधाओं में भी लिखते हैं। मंचों पर प्रभावी प्रस्तुति। कई सम्मानों से सम्मानित। गद्य-पद्य लेखन में समान रूप से पकड़।
163.                       ·        सुशील मंगलानी : सिंधी साहित्य को समृद्ध करने में विशेष योगदान। काव्य पसंदीदा विधा। लेखन में वर्षों से सक्रिय। समाजसेवी।
164.                       ·        सुशीला अरुण : प्रसिद्ध वरिष्ठ कवयित्री। अनेक कृतियां प्रकाशित। आध्यात्मिक रचनाओं में विशेष रुचि। मधुर कंठ। मंचों पर अक्सर नजर आती हैं।
165.                       ·        सुषमा चौहान : सृजना से जुड़ाव। अच्छी साहित्यकार। विभिन्न विधाओं में सृजनरत। चिंतक और समीक्षक हैं। इस दौर की चर्चित रचनाकार। अनेक कृतियां प्रकाशित। अनेक सम्मानों से नवाजी गईं।
166.                       ·        सूर्यप्रकाश वर्मा :  कवि, बाल साहित्य, लेखक। युवा चेहरा और मंचों पर भी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं।
167.                       ·        स्वाति जैसलमेरिया : साहित्यकार। विभिन्न विधाओं की समझ और जानकारी। साहित्यिक मंचों की अक्सर शोभा बढ़ाती हैं। विभिन्न संस्थाओं से जुड़ाव। अनेक पुरस्कार।
168.                       ·        स्वाति पुरोहित : विद्यालयीन दिनों से लेखन। विवाह उपरांत मित्रों के प्रोत्साहन से पुनः व्यापक रूप में लेखन। रचनाओं को किसी समाचार पत्र अथवा मंच की अपेक्षा मुख्यतः अपनी फेसबुक प्रोफ़ाइल पर साझा किया। वर्ष 2023 से साहित्यिक मंचों पर प्रस्तुति। पांच कहानियां लिखीं। काव्य भी पसंदीदा विधा। बाल कथाओं में रुचि। 5 नवम्बर 2025 को संस्कार भारती द्वारा “मारवाड़ कला साधक सम्मान” से सम्मानित किया गया।Simply Publications के साझा काव्य संग्रह में पांच कविताओं को स्थान प्राप्त हुआ। “ठाकुरबाड़ी” पुस्तक पर आयोजित चर्चा में उसके लेखक Animesh Mukherjee की उपस्थिति में पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा प्रस्तुत करने का अवसर भी प्राप्त हुआ। लेखा विषय में स्नातकोत्तर करने के साथ-साथ अंग्रेज़ी साहित्य में भी स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। गृहिणी। Email ID:- swati89harsha@gmail.com, Contact no.- 9413979479.
169.                       ·        हंसराज बारासा हंसा : हंसराज बारासा हंसा साहित्य की लगभग प्रत्येक विधा में लिखते हैं। उन्हें काव्य विधा पसंद है। गजलें भी लिखते हैं। उनका कहानी संग्रह और निबंध संग्रह भी प्रकाशित हो चुका है। काव्य की पुस्तकें भी आ चुकी हैं। उनके साहित्य में दलित उत्पीड़न और शोषित वर्ग की आवाज सुनाई देती है। वे अपने साहित्य से दलित और शोषित वर्ग की आवाज उठाते हैं और शब्दों से शोषण का प्रतिवाद करते प्रतीत होते हैं। मंचीय कवि सम्मेलनों में वे अक्सर अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लेते हैं।
170.                       ·        हंसा विश्नोई : मूलत: कहानीकार। साहित्य की अन्य विधाओं में भी लिखती है। कहानी प्रिय विधा है। साहित्यिक मंचों पर उपस्थिति। कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन और आकाशवाणी से कहानियों का प्रसारण। कुछ कृतियां भी प्रकाशित।
171.                       ·        हबीब कैफ़ी : मूल नाम हबीबुर्ररहमान। साहित्यिक नाम हबीब कैफी। मूलत: शाइर और उपन्यासकार। गजल भी प्रिय विधा। 10 उपन्यास आ चुके हैं। कइयों के अंग्रेजी, असमिया और अन्य भाषाओं में अनुवाद हुए हैं और हो रहे हैं। फिल्मों के लिए भी अनुबंध हो रखे हैं। प्रसिद्ध उपन्यास ‘गमना’, सफिया, रानी साहिबा, काला, धोला और रंगीन। पांच कहानी संग्रह आ चुके हैं। 100 से अधिक कहानियां लिखीं।  करीब छह दशक की साहित्यिक यात्रा। उम्र के इस दौर में भी सक्रिय। दैनिक भास्कर में संपादकीय विभाग में भी सेवाएं दीं। 9 लोगों ने हबीब कैफी के साहित्यिक अवदान पर पीएचडी की और चार लोग कर रहे हैं। सफिया उपन्यास पर 22 साल से रेडियो नाटक प्रसारित हो रहा है। मैं जिंदा हूं का स्टेज नाटक प्ले हुआ और रेडियाे ड्रामा भी प्रसारित हुआ।
172.                       ·        हरीश देवनानी : वरिष्ठ रंगकर्मी और कवि-लेखक साहित्यकार। सिंधी साहित्य का चर्चित नाम। सिंधी साहित्य को पोषित-पल्वित करने में विशेष योगदान। अनेक कृतियां और अनेक सम्मान प्राप्त।
173.                       ·        हर्ष सहाय मीणा : पुलिस सेवा में कार्यरत। देशभक्ति गीतों और कविताओं के लिए जाने जाते हैं। अनेक व्यंग्य लेख और आलेख लिखे। कहानियां भी लिखते हैं।
174.                       ·        हर्षद सिंह भाटी : श्री जागृति संस्थान के सचिव। गीत और गजलों के साथ व्यंग्य कविताओं में विशेष रुचि। गायन का शौक। मुकेश और किशोर के फैन।
175.                       ·        हसन जमाल : उपन्यासकार। कहानीकार। आउटलुक, हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स, मधुमति, हंस आदि पत्र-पत्रिकाओं में असरदार रूप से प्रकाशित होते रहे हैं। रेडियो पर कहानियों का प्रभावी प्रसारण। शेष पत्रिका भी चलाते रहे हैं। काफी प्रभावी लेखन। कहानी प्रिय विधा।
176.                       ·        हितेष व्यास : आप साहित्य की विभिन्न विधाओं में लिखते हैं। कुछ कृतियां भी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप मंचों पर अक्सर नजर आते हैं। आपको साहित्य की गहरी समझ और पकड़ हैं।

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Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor