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Sunday, August 23, 2026, 7:10 am

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कान्स फिल्म फेस्टिवल… ऑपरेशन थिएटर से रेड कार्पेट पर पहुंची सोनल

ग्लोबल फैशन वाले इवेंट में राजस्थान की संस्कृति की दिखाई झलक

भगवान पंवार. जोधपुर 

जोधपुर की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ, फैशन आइकन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉ. सोनल परिहार ने जोधपुर में ऑपरेशन थिएटर से लेकर कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट तक का सफर तय किया है। जोधपुर में मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ी डॉ. सोनल परिहार ने अपनी पहचान केवल एक डॉक्टर के रूप में नहीं बनाई, बल्कि फैशन, मोटिवेशन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। मिसेज इंडिया और अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सफलता के बाद अब वे फ्रांस में आयोजित प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत और राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। कान्स के रेड कार्पेट पर डॉ. सोनल परिहार की ड्रेसिंग थीम खास तौर पर राजस्थान की सांस्कृतिक झलक और ग्लोबल फैशन का मिश्रण को प्रदर्शित करने वाली रही।

कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान दो दिन के इवेंट में डॉ. सोनल परिहार ने अपने अलग-अलग लुक्स के जरिए भारतीय शिल्पकला, सांस्कृतिक विरासत और स्त्री शक्ति को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। प्राशिक पुष्पलता सुखनंदन और इनीत रांधावा की कंप्यूटर पार्ट्स से बनाई विशेष परिधान में सोनल अनुपयोगी हो चुके कढ़ाई मशीनों के हिस्सों से तैयार ड्रेस में नजर आईं। यह लुक पारंपरिक हस्तकला और मशीन आधारित फैशन के बीच के संघर्ष को दर्शाता था। उनके परिधान के साथ लगाए गए लकड़ी के कंधे के घेरे पारंपरिक भारतीय कढ़ाई फ्रेम से प्रेरित थे, जिन्होंने भारतीय कारीगरों की सदियों पुरानी कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया। रेड कार्पेट पर उनका दूसरा भारी कढ़ाई वाला परिधान भारत की प्राकृतिक सुंदरता से प्रेरित था। इस ड्रेस में खिलते बगीचों, बहती नदियों और धरती की प्राकृतिक खूबसूरती को बारीक हाथ की कढ़ाई के जरिए उकेरा गया था। इस परिधान पर की गई घंटों की हस्तकला भारतीय कारीगरों की जीवित विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती नजर आई। उनके सिर पर सजाए गए विशेष आभूषण में बने देवदूत मातृत्व और उनके स्त्री रोग विशेषज्ञ होने के भाव को दर्शा रहे थे—एक ऐसी महिला, जो हर दिन नए जीवन को दुनिया में आने में मदद करती है।वहीं सोनल का तीसरा लुक पूरी तरह राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित रहा। पारंपरिक राजस्थानी साड़ी और आभूषणों में सजी सोनल ने 400 वर्ष पुरानी दुर्लभ “डंका वर्क” कला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। डिजाइनर नीतू सिंह के पुनर्जीवित “मीना डंका” संग्रह में सोने की परत चढ़ी चांदी, तांबा और जर्मन सिल्वर का खूबसूरत उपयोग देखने को मिला, जिसने पारंपरिक शिल्पकला को आधुनिक विलासितापूर्ण फैशन से जोड़ते हुए रेड कार्पेट पर खास पहचान दिलाई।

कान्स में अपनी संस्कृति की झलक दिखाने के बाद डॉ. सोनल ने कहा कि उनका यह सफर केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो प्रोफेशनल जिंदगी के साथ अपने सपनों को भी जीना चाहती हैं। जोधपुर से निकलकर कान्स तक पहुंचने वाली डॉ. सोनल परिहार आज शहर की नई ग्लोबल पहचान बनती नजर आ रही हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor