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Sunday, August 23, 2026, 5:21 am

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आयुर्वेद विश्वविद्यालय में डिजिटल मीडिया एवं मेडिटेशन पर विशेष सत्र आयोजित

डिजिटल युग में सकारात्मक संवाद एवं मानसिक संतुलन दोनों ही आवश्यक हैं : कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के डॉ मनीष ने डिजिटल मीडिया एवं सामाजिक पत्रकारिता विषयक दिया विशिष्ट व्याख्यान।

पारस शर्मा. जोधपुर

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट (CHRD) के अंतर्गत आयोजित “कंटीन्यूअस कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (CCBP)-2026” के तहत बुधवार को पीजीआईए सेमिनार हॉल में विशेषज्ञ व्याख्यान एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन सत्र आयोजित किए गए।

कार्यक्रम कुलगुरु प्रोफेसर गोविंद सहाय शुक्ल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान,जोधपुर के डॉ. मनीष कुमार शर्मा ने “डिजिटल मीडिया और सामाजिक पत्रकारिता” विषय पर व्याख्यान देते हुए डिजिटल मीडिया की वर्तमान भूमिका, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं प्रभावी संचार के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सकारात्मक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता समाज में जागरूकता एवं स्वस्थ संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम के अगले सत्र में हार्टफुलनेस ट्रेनर्स श्रीमती वीणा लाहोटी एवं प्रो. विमला श्योरान द्वारा “हार्टफुलनेस मेडिटेशन प्रैक्टिस” विषय पर विशेष ध्यान एवं मेडिटेशन अभ्यास सत्र आयोजित किया गया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच एवं आत्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न अभ्यास करवाए गए।

कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल ने बताया कि आधुनिक डिजिटल युग में सकारात्मक संवाद, मानसिक संतुलन एवं आत्मिक उन्नयन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ संस्थान में सकारात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यसंस्कृति के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर पीजीआईए प्राचार्य प्रो.चंदन सिंह, डीन आयुर्वेद प्रो.महेंद्र कुमार शर्मा,सीएचआरडी निदेशक डॉ राकेश कुमार शर्मा,आयुर्वेद,योग नैचुरोपैथी एवं होम्योपैथी संकाय सदस्य, स्नातकोत्तर छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor