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Sunday, August 23, 2026, 8:15 am

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नियमित जलापूर्ति बनाए रखने के लिए जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि के प्रयास जारी

मरूधर केसरी नगर क्षेत्र में पाइपलाइन एवं नए उच्च जलाशय का कार्य प्रस्तावित
चांदपोल क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज नहीं, जल दुरुपयोग पर होगी कार्रवाई

सुनील वर्मा. जोधपुर

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नगर वृत्त, जोधपुर द्वारा शहरवासियों को नियमित एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। अधीक्षण अभियन्ता राजेन्द्र मेहता ने बताया कि नहरबंदी पश्चात् दिनांक 21 मई 2026 से कायलाना में लगातार पानी की आवक जारी है तथा 135 एलपीसीडी जल मांग के अनुसार 48 घंटे के अंतराल से जल वितरण किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कायलाना झील की पूर्ण भराव क्षमता 58 फीट के मुकाबले वर्तमान जलस्तर 47 फीट तथा तख्तसागर की 64 फीट क्षमता के मुकाबले वर्तमान जलस्तर 38 फीट है। दोनों जलाशयों से शहर में जलापूर्ति निर्बाध एवं सुचारू रूप से की जा रही है। जल स्तर में और अधिक वृद्धि तथा जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से साप्ताहिक शटडाउन लिया जाना प्रस्तावित है।

मेहता ने बताया कि कायलाना से तख्तसागर तक अतिरिक्त चार पम्पसेट लगाकर पानी का ट्रांसफर किया जा रहा है, जिससे तख्तसागर आधारित क्षेत्रों में जलापूर्ति नियमित बनी हुई है। इसके अतिरिक्त तख्तसागर स्थित इन्टेक कैनाल की गहराई तक सफाई कर पानी की आवक सुनिश्चित की गई है, जिससे भविष्य में भी जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो।

मरूधर केसरी नगर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की योजना
अधीक्षण अभियन्ता ने बताया कि मरूधर केसरी नगर शोभावतों की ढाणी क्षेत्र उच्च जलाशय के अंतिम छोर पर स्थित है। उक्त कॉलोनी को विभागीय 8 इंच से 4 इंच की मुख्य पाइपलाइन तथा 4 इंच की वितरण पाइपलाइन के माध्यम से जोड़ा गया है। क्षेत्र में प्रातः 5 बजे से 7 बजे तक एकांतरे जलापूर्ति की जा रही है।

उन्होंने बताया कि कॉलोनी के कुछ मकानों में अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण कम दबाव से जलापूर्ति की समस्या सामने आई है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित है। साथ ही क्षेत्र की भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नया उच्च जलाशय निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है।

चांदपोल क्षेत्र में लीकेज संबंधी शिकायत निराधार पाई गई

मेहता ने बताया कि चांदपोल क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास विभागीय पाइपलाइन में लीकेज होने की सूचना पर विभागीय टीम द्वारा 9 जून 2026 को मौके पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन में किसी प्रकार का लीकेज नहीं पाया गया।

उन्होंने बताया कि जलापूर्ति के समय कुछ उपभोक्ताओं द्वारा पानी भरते समय अतिरिक्त पानी सड़क पर बहा दिया जाता है, जो ढाल के कारण नीचे की ओर बहता दिखाई देता है। इसी कारण कई बार लीकेज जैसी स्थिति प्रतीत होती है। विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ताओं को पानी का अपव्यय नहीं करने की हिदायत दी जा रही है।

अधीक्षण अभियन्ता ने कहा कि पेयजल एक बहुमूल्य संसाधन है तथा इसके संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। भविष्य में यदि किसी उपभोक्ता द्वारा जल का दुरुपयोग किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor