Explore

Search

Monday, August 17, 2026, 9:06 pm

Monday, August 17, 2026, 9:06 pm

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

आराध्यम् में हरियाली का संकल्प 4000 पौधे रोपे, 3000 और लगाने की योजना

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

पर्यावरण संरक्षण और गौसेवा को एक साथ जोड़ते हुए गज शुश्रुषा ट्रस्ट द्वारा संचालित आराध्यम् श्री जीवराज सिंह गोगादेव दिवाकर गौशाला एवं गज पक्षी चिकित्सालय में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस पुनीत कार्य में शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह का विशेष सहयोग मिल रहा है।

ट्रस्ट सचिव पायल चोपड़ा ने बताया कि विधायक ने आराध्यम् परिसर को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया था। उनके द्वारा अब तक दूसरी खेप में पौधे भेंट किए जा चुके हैं। विधायक ने गौशाला के लिए कुल 4000 पौधे देने की घोषणा की थी, जिसे उन्होंने सप्रेम भेंट कर अपना वादा पूरा किया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वयं विधायक बाबू सिंह ने किया था। उनके मार्गदर्शन से आराध्यम् परिसर में अब तक 4000 पौधे लगाए जा चुके हैं। इनमें छायादार, फलदार और औषधीय प्रजातियों के पौधे शामिल हैं, ताकि आने वाले समय में यहां रहने वाली गौमाताओं और पक्षियों को प्राकृतिक छाया और स्वच्छ वातावरण मिल सके। इस अभियान को सफल बनाने में ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने रात-दिन एक कर दिया। ट्रस्ट सचिव पायल चोपड़ा के सानिध्य में मग सिंह, लक्ष्मण, मांगू, सवाई, प्रदीप, लोकेश, पारस, पिंटू महाराज ,आशा, रितु, कृति, कविता सहित 30 नौजवानों की टोली ने पूरे जोश के साथ पौधारोपण किया। गड्ढे खोदने से लेकर पानी देने तक हर काम पूरी निष्ठा से किया गया।

पायल चोपड़ा ने बताया कि गौमाता को छाया मिले, पक्षियों को बसेरा मिले और धरती हरी-भरी हो, इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है। विधायक के सहयोग से हम इस सपने को साकार कर पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अभी यहीं नहीं रुकना है। आने वाले समय में आराध्यम् परिसर में और 3000 पौधे लगाने की परिकल्पना है। इसके लिए ट्रस्ट ने तैयारी शुरू कर दी है। लक्ष्य है कि आराध्यम् को एक आदर्श ग्रीन गौशाला के रूप में विकसित किया जाए, जहां जीवदया के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी हो। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया कि लगाए गए हर पौधे की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी वही निभाएंगे।

ट्रस्ट का मानना है कि पेड़ लगाने से ज्यादा जरूरी उन्हें बड़ा करना है। आराध्यम् परिसर पहले से ही गौसेवा और घायल पक्षियों के उपचार के लिए जाना जाता है। अब वृक्षारोपण से यह परिसर पर्यावरण मित्र गौशाला की मिसाल भी बनेगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor