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Monday, August 24, 2026, 3:38 pm

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सावन मेले में महिला उद्यमिता की चमक, उत्साह और आत्मनिर्भरता का संदेश

दो दिवसीय सावन मेले का रंगारंग समापन, हाऊजी और प्रश्नोत्तरी में महिलाओं ने जमाया रंग; स्टॉल संचालकों ने कहा—जोधपुर में मिला शानदार रिस्पॉन्स

दिलीप कुमार पुरोहित.सुमनेश व्यास. जोधपुर

श्री माहेश्वरी समाज समिति पश्चिमी क्षेत्र जोधपुर की ओर से महिला उद्यमिता समिति 2026 के तहत आयोजित दो दिवसीय सावन मेले का रविवार को कमला नेहरू नगर स्थित माहेश्वरी भवन में उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। दो दिनों तक चले इस मेले में महिला उद्यमिता, रचनात्मकता, खरीदारी और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला। विभिन्न प्रकार की स्टॉलों पर खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बनी रही। वहीं दूसरे दिन आयोजित मनोरंजक गेम्स, हाऊजी और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने मेले के उत्साह को और बढ़ा दिया।

समापन समारोह की मुख्य अतिथि रामेश्वरी भूतड़ा थीं, जबकि विशिष्ट अतिथि प्रेरणा मंत्री रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्यामसुंदर धूत ने की। समारोह में समिति के सचिव पुखराज जाजू, कोषाध्यक्ष श्रवण सोमानी, उपाध्यक्ष राजेन्द्र मंत्री, सह सचिव प्रेम मालपानी, संयोजक मधु मूंदड़ा और सह संयोजक अनिता कालाणी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुनीता हेड़ा ने किया।

महिला उद्यमिता को मंच देने की सार्थक पहल

सावन मेले का उद्देश्य केवल खरीदारी और मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और महिलाओं को अपने उत्पादों तथा हुनर को बाजार तक पहुंचाने का अवसर उपलब्ध कराना भी रहा। मेले में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों की स्टॉलें लगाई गईं। महिलाओं और अन्य छोटे उद्यमियों ने अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया तथा आगंतुकों से सीधे संवाद करते हुए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाशीं।

आयोजकों के अनुसार इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। घर से व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं को एक ऐसा मंच मिलता है, जहां वे अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं और बाजार की पसंद को समझ सकती हैं। साथ ही ग्राहकों और विक्रेताओं के बीच सीधा संवाद होने से उत्पादों के प्रति भरोसा भी मजबूत होता है।

दो दिवसीय आयोजन में खरीदारी के साथ-साथ सामाजिक मेलजोल का वातावरण भी बना रहा। सावन की पारंपरिक उमंग के बीच महिलाओं ने साज-सज्जा, खान-पान, परिधान, हस्तनिर्मित वस्तुओं और अन्य उपयोगी उत्पादों की स्टॉलों का आनंद लिया। मेले में आने वाली महिलाओं ने स्टॉल संचालकों से उत्पादों की जानकारी ली और अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी की।

हाऊजी में यश भूतड़ा प्रथम, शीतल-अलका द्वितीय

समापन दिवस को मनोरंजक बनाने के लिए अनेक रोमांचक गेम्स आयोजित किए गए। इनमें हाऊजी प्रतियोगिता को विशेष पसंद किया गया। प्रतिभागियों में उत्साह और जीत की होड़ देखते ही बनी। हाऊजी में यश भूतड़ा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शीतल और अलका भंसाली ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि स्नेहा और संगीता राठी तृतीय स्थान पर रहीं।

हाऊजी के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह नजर आया। जैसे-जैसे नंबर घोषित होते गए, वैसे-वैसे रोमांच बढ़ता गया। प्रतिभागियों ने गेम का भरपूर आनंद लिया। विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

हाऊजी के गिफ्ट उपलब्ध करवाने में अनीता कालाणी और सुनीता जैसलमेरिया का सहयोग रहा। आयोजकों ने उनके योगदान की सराहना की और कहा कि इस तरह के सहयोग से कार्यक्रम को आकर्षक बनाने में मदद मिलती है।

कमला केला बनीं सावन क्वीन

सावन मेले के आकर्षण में सावन क्वीन का चयन भी विशेष रहा। प्रतिभागियों के बीच से कमला केला को सावन क्वीन चुना गया। उनके चयन की घोषणा होते ही कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल बन गया। सावन क्वीन के चयन ने आयोजन में पारंपरिक सावन की खुशियों और महिलाओं के उत्साह को एक नया रंग दिया।

आयोजकों ने कहा कि सावन केवल मौसम और त्योहार का प्रतीक नहीं है, बल्कि महिलाओं के सामाजिक और सांस्कृतिक मेलजोल का भी महत्वपूर्ण अवसर है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए मेले में मनोरंजन और प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया था।

प्रश्नोत्तरी में संगीता जैन प्रथम

समापन अवसर पर आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में संगीता जैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्वेता लोहिया द्वितीय, कविता राठी तृतीय और अंजू गांधी चतुर्थ स्थान पर रहीं।

प्रश्नोत्तरी के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी जानकारी और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन किया। मनोरंजन के साथ ज्ञानवर्धक गतिविधि के रूप में प्रश्नोत्तरी ने कार्यक्रम को विविधता प्रदान की। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

दस हजार की शॉपिंग पर 20 सरप्राइज गिफ्ट

मेले में खरीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष सरप्राइज गिफ्ट योजना भी रखी गई। दस हजार रुपए की खरीदारी करने वाले प्रतिभागियों के लिए मधु मूंदड़ा की ओर से 20 सरप्राइज गिफ्ट दिए गए। इस पहल ने मेले में खरीदारी के प्रति लोगों का उत्साह बढ़ाया।

सरप्राइज गिफ्ट की व्यवस्था का उद्देश्य ग्राहकों को खरीदारी के साथ अतिरिक्त खुशी देना रहा। आयोजकों ने बताया कि मेले में स्टॉल संचालकों और ग्राहकों दोनों की सहभागिता से आयोजन को सफल बनाने में मदद मिली।

स्टॉल संचालकों ने बताया उत्साहजनक अनुभव

मेले में स्टॉल लगाने वाले कारोबारियों और उद्यमियों ने आयोजन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। स्टॉल संचालक दीपिका ने कहा कि सावन मेले में उन्हें अच्छा रिस्पॉन्स मिला। उन्होंने इसके लिए मधु मूंदड़ा का आभार जताया। उनका कहना था कि ग्राहकों का रुझान अच्छा रहा और मेले के माध्यम से अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला।

स्वीटी ने कहा कि सावन मेले में स्टॉल लगाने का अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोगों ने स्टॉलों पर पहुंचकर खरीदारी और उत्पादों के बारे में जानकारी ली, उससे उन्हें काफी उत्साह मिला। उन्होंने भविष्य में भी जोधपुर में आयोजित होने वाले सावन मेले में स्टॉल लगाने की इच्छा जताई।

गिरीश ने कहा कि सावन मेला उनके लिए उत्साहजनक रहा। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान लोगों की अच्छी आवाजाही रही और ग्राहकों ने उत्पादों में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि अब वे भविष्य में बड़े स्तर पर स्टॉल लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

कविता राठी ने कहा कि उन्हें स्टॉल उपलब्ध करवाने के लिए मधु मूंदड़ा और सुनीता जैसलमेरिया का आभार है। उन्होंने कहा कि आयोजन में स्टॉल लगाने से उन्हें अपने उत्पादों को ग्राहकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला और लोगों की प्रतिक्रिया भी उत्साहवर्धक रही।

‘जोधपुर में खूब बिक्री हुई, ऐसे मेले बार-बार लगने चाहिए’

दिलीप मूंदड़ा ने कहा कि जोधपुर में मेले को लेकर उत्साहजनक वातावरण रहा। उन्होंने कहा कि स्टॉलों पर अच्छी बिक्री हुई और लोगों ने खरीदारी में रुचि दिखाई। उन्होंने आयोजकों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेले समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय स्तर पर कारोबार करने वाले लोगों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री का अवसर मिलता है। खासकर छोटे उद्यमियों के लिए ऐसे आयोजन बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में उपयोगी साबित होते हैं।

अक्षिता लड्‌डा ने कहा कि मेले में स्टॉल लगाना उत्साहजनक रहा। उन्होंने आयोजकों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि स्टॉल संचालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार आयोजन में लोगों की अच्छी उपस्थिति रही और ग्राहकों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिला।

आयोजकों ने सहयोग के लिए जताया आभार

महिला उद्यमिता समिति 2026 की संयोजक मधु मूंदड़ा ने मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी भवन उपलब्ध करवाने के लिए श्री माहेश्वरी समाज समिति पश्चिमी क्षेत्र का विशेष आभार है। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के सहयोग के कारण ही दो दिवसीय सावन मेले का सफल आयोजन संभव हो सका।

उन्होंने कहा कि मेले में स्टॉल लगाने वाले सभी उद्यमियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आगंतुकों ने भी मेले में पहुंचकर स्टॉल संचालकों का उत्साह बढ़ाया। मधु मूंदड़ा ने आयोजन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

सुनीता जैसलमेरिया ने भी सभी सहयोगियों, स्टॉल संचालकों, अतिथियों और आगंतुकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी आयोजन की सफलता सामूहिक प्रयासों से संभव होती है और सावन मेले को सफल बनाने में सभी का योगदान रहा।

सहयोगी महिलाओं की रही महत्वपूर्ण भूमिका

सावन मेले को व्यवस्थित और सफल बनाने में सहयोगी महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। आयोजन में सुनीता जैसलमेरिया, सुनीता हेड़ा, कमला केला, मेघा मालपानी, संगीता राठी, संतोष शारड़ा, दीपा खेतावत और वंदना राठी ने सहयोग किया।

इन सहयोगियों ने आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं में योगदान दिया। कार्यक्रम संचालन से लेकर प्रतियोगिताओं, स्टॉलों और आगंतुकों के समन्वय तक अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां संभाली गईं। सामूहिक सहभागिता के कारण मेले की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकीं।

समाज और उद्यमिता के बीच मजबूत सेतु

सावन मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें सामाजिक सहभागिता के साथ उद्यमिता को भी प्रमुखता मिली। वर्तमान समय में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक आत्मनिर्भरता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

कई महिलाएं अपने हुनर और प्रतिभा के माध्यम से छोटे स्तर पर काम शुरू करती हैं। उन्हें अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, ग्राहकों से जुड़ने और व्यवसाय को विस्तार देने के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म की आवश्यकता होती है। सावन मेला इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में सामने आया।

ऐसे आयोजनों में महिला उद्यमियों को एक ही स्थान पर अनेक संभावित ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। इससे उन्हें अपने उत्पादों की मांग, कीमत, पैकेजिंग और ग्राहकों की पसंद को समझने में मदद मिलती है। यही अनुभव भविष्य में व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने में उपयोगी हो सकता है।

सावन की परंपरा के साथ आधुनिक उद्यमिता का मेल

सावन मेले में परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल देखने को मिला। एक ओर सावन की खुशियों, मनोरंजन और सामाजिक मिलन की परंपरा दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और छोटे उद्यमियों को व्यापार का मंच प्रदान कर आधुनिक आर्थिक सोच को बढ़ावा दिया गया।

हाऊजी, प्रश्नोत्तरी, सावन क्वीन और सरप्राइज गिफ्ट जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को मनोरंजक बनाया। वहीं विभिन्न स्टॉलों ने मेले को व्यापारिक और उद्यमिता का स्वरूप प्रदान किया। इस तरह आयोजन ने सामाजिक, सांस्कृतिक, मनोरंजन और आर्थिक गतिविधियों को एक साथ जोड़ने का काम किया।

सफल आयोजन ने आगे के आयोजनों की उम्मीद जगाई

दो दिवसीय सावन मेले के समापन के साथ आयोजन भले ही समाप्त हो गया, लेकिन स्टॉल संचालकों और प्रतिभागियों की सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने भविष्य में ऐसे आयोजनों की संभावनाओं को मजबूत किया है। कई स्टॉल संचालकों ने अगले वर्ष भी मेले में भाग लेने की इच्छा जताई।

आयोजकों का मानना है कि महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाले आयोजनों को निरंतरता मिलनी चाहिए। इससे नई महिलाओं को भी आगे आने और अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने की प्रेरणा मिलेगी।

समापन अवसर पर मौजूद अतिथियों और समिति पदाधिकारियों ने आयोजन की सफलता पर आयोजक टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी मेले के अनुभव साझा किए और भविष्य में इससे भी बड़े स्तर पर आयोजन किए जाने की उम्मीद जताई।

इस प्रकार श्री माहेश्वरी समाज समिति पश्चिमी क्षेत्र जोधपुर के महिला उद्यमिता समिति 2026 के तहत आयोजित दो दिवसीय सावन मेले ने सावन की उमंग, महिला शक्ति, उद्यमिता, खरीदारी और मनोरंजन को एक मंच पर लाकर एक सकारात्मक संदेश दिया। आयोजन ने यह साबित किया कि सामाजिक संस्थाएं यदि महिला प्रतिभाओं और छोटे उद्यमियों को मंच उपलब्ध कराएं तो स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता और व्यवसाय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। सावन मेले की सफलता ने भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्वरूप देने की उम्मीद भी जगाई है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor