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Sunday, October 18, 2026, 8:41 am

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डेढ़ सौ बच्चों ने भारत माता को बांधी राखी, गूंजे जयकारे

मघजी घाटी में राष्ट्रभक्ति का दिखा नजारा, गज शुश्रुषा ट्रस्ट द्वारा संचालित संस्कार केंद्र पर घर-घर रक्षा सूत्र कार्यक्रम आयोजित

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

रक्षाबंधन पर आमतौर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, लेकिन इस बार मघजी घाटी में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां नन्हे बच्चों ने अपने भाई के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रतीक भारत माता के लिए रक्षा सूत्र बांधा और राष्ट्र धर्म निभाने का संकल्प लिया।

गज शुश्रुषा ट्रस्ट द्वारा संचालित मघजी घाटी संस्कार केंद्र पर रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विशेष “घर-घर रक्षा सूत्र” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत किसी सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि भारत माता के चित्र पर राखी बांधकर की गई। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष विवेक ने बताया कि जैसे ही संस्कार केंद्र के बच्चों ने भारत माता को रक्षा सूत्र अर्पित किया, पूरा प्रांगण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। दृश्य इतना भावुक और देशभक्ति से भरा था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। हाथों में तिरंगा और माथे पर चंदन लगाए बच्चे सच्चे देशभक्तों की तरह नजर आ रहे थे।

इस विशेष आयोजन में संस्कार केंद्र के 150 बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों ने केवल राखी ही नहीं बांधी, बल्कि भारत माता के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए चार बड़े संकल्प भी लिए।

बच्चों ने लिए चार संकल्प

  1. वृक्षारोपण का संकल्प – बच्चों ने शपथ ली कि वे धरती को हरा-भरा बनाने के लिए अपने-अपने घरों में एक-एक पौधा लगाएंगे और उसकी देखभाल अपनी संतान की तरह करेंगे। उन्होंने कहा कि पेड़ ही जीवन हैं।
  2. गौ माता संरक्षण का संकल्प – बच्चों ने कहा कि गौ माता केवल पशु नहीं, हमारी संस्कृति की आत्मा है। हम गौ माता की सेवा करेंगे, उन्हें बचाएंगे और गौ-आधारित जीवनशैली को अपनाएंगे।
  3. पर्यावरण संरक्षण का संकल्प – प्लास्टिक का बहिष्कार, पानी की बचत और स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचाने का वादा बच्चों ने किया।
  4. योग और संस्कार का संकल्प – बच्चों ने रोज सुबह योग करने और भारतीय संस्कारों, बड़ों के सम्मान और देशभक्ति को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

बच्चों ने एक स्वर में कहा कि सच्ची रक्षा का अर्थ केवल अपने भाई की रक्षा नहीं, बल्कि अपने देश, अपनी संस्कृति, अपनी गौ माता और अपने पर्यावरण की रक्षा करना है। यही सच्चा राष्ट्र धर्म है। जब तक हम अपने देश की रक्षा नहीं करेंगे, तब तक हम सुरक्षित नहीं रह सकते।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने देशभक्ति गीत – “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” और भारत माता की आरती गाई। नन्ही बच्चियों ने हाथों से बनाई हुई राखियां भारत माता को अर्पित कीं।

गज शुश्रुषा ट्रस्ट का मानना है कि आज के समय में बच्चों को मोबाइल और पाश्चात्य संस्कृति से निकालकर भारतीय संस्कारों से जोड़ना सबसे बड़ी आवश्यकता है। संस्कार केंद्रों के माध्यम से ट्रस्ट इसी दिशा में लगातार काम कर रहा है। यह कार्यक्रम उसी कड़ी का एक हिस्सा था।

इस अवसर पर ट्रस्ट के समर्पित कार्यकर्ता टीकम, निशा, कुमकुम, मनीषा अंजलि, कोमल सहित अनेक स्थानीय लोग और माताएं उपस्थित रहीं। अंत में सभी बच्चों को प्रसाद वितरित किया गया और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor