बुजुर्ग महिला बोली- न भाई है न भोजाई, किसके राखी बांधती, राखी बंधवाकर खुशी का इजहार किया
राखी पुरोहित. जोधपुर
समाजसेवी मंजू गहलोत ने झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला को जब राखी बांधी तो उसकी अश्रुधार बह निकली। बुजुर्ग महिला ने कहा कि उसके न भाई है न भोजाई किसके राखी बांधती। पर रक्षाबंधन पर जब मंजू गहलोत ने उस बुजुर्ग महिला के राखी बांधी तो वह खुश हो गई। मंजू ने बुजुर्ग महिला को राखी बांधी और उसका मुंह मीठा करवाया। मंजू का कहना है कि रक्षा बंधन खुशियां बांटने का त्योहार है। हमें ऐसी मानवीय पहल हर साल करनी चाहिए।


