बारिश का कोटा अधूरा रहने से संकट के संकेत, अगले मानसून तक जलापूर्ति बनाए रखना चुनौती
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर कायलाना-तख्तसागर जलाशयों में उपलब्ध पानी ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों जलाशयों में करीब 180 से 185 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। बारिश का अपेक्षित कोटा पूरा नहीं होने के कारण अब अगले मानसून तक जलापूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मानसून में कायलाना और तख्तसागर में पर्याप्त पानी की आवक नहीं हुई। सामान्य दिनों में भी शहर की पेयजल जरूरतों के कारण जलाशयों का स्तर लगातार कम होता रहता है। ऐसे में यदि आगामी अवधि में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो जल संकट की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
180-185 एमसीएफटी पानी उपलब्ध
रिपोर्ट में जल विभाग के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि कायलाना-तख्तसागर में करीब 180-185 एमसीएफटी पानी बचा है। विभाग के सामने अब उपलब्ध पानी का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करने की चुनौती है, ताकि गर्मी के मौसम तक शहर की जरूरत पूरी की जा सके।
मानसून कमजोर रहा तो बढ़ेगी परेशानी
रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि यदि अगले दो महीनों में तीसरे फेज से पानी मिलने की स्थिति नहीं बनी तो हालात बिगड़ सकते हैं। जलाशयों में पर्याप्त आवक नहीं होने पर पेयजल आपूर्ति के अंतराल और कटौती का दबाव बढ़ सकता है।
जोधपुर जैसे गर्म और कम वर्षा वाले क्षेत्र में गर्मी के दौरान पानी की मांग भी बढ़ जाती है। इसलिए जलाशयों में वर्तमान भंडारण को अगले मानसून तक सुरक्षित रखना जल विभाग के लिए महत्वपूर्ण होगा।
जलापूर्ति पर विभाग की नजर
रिपोर्ट में बताया गया है कि विभाग उपलब्ध जल भंडार, शहर की दैनिक खपत और संभावित बारिश को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन कर रहा है। फिलहाल सबसे बड़ी उम्मीद मानसून की शेष बारिश पर टिकी है।
स्थिति का सार:
कायलाना-तख्तसागर में पानी: करीब 180-185 एमसीएफटी
मुख्य चिंता: मानसून का अपेक्षित कोटा पूरा नहीं होना
जोखिम: आगामी गर्मी में पेयजल संकट का दबाव
जरूरत: उपलब्ध पानी का सावधानीपूर्वक प्रबंधन और पर्याप्त बारिश


