पंकज जांगिड़. जोधपुर
अनुराधा आर्टस और नाचीज़ राजस्थानी के संयुक्त तत्वावधान में चोपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित लव-कुश आश्रम सभागार में “शाम -ए -ग़ज़ल” का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम संयोजक अनुराधा-नरेंद्र अडवानी एवं कर्नल सुरेश शर्मा ने बताया कि दीप प्रज्ज्वलन और कलाकारों के सम्मान-सत्कार के पश्चात पलवल हरियाणा के यशराज (एक विलक्षण प्रतिभा के धनी) ने ग़जल गायन की प्रस्तुति दी।
इस दौरान मेहदी हसन और गुलाम अली की ग़ज़लें “कैसे छुपाऊं राजे ग़म अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिले” सहित अनेक गजलो की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम संयोजक ने यशराज का परिचय देते हुए बताया कि बेंगलुरु में जैकफ्रूट फेस्टिवल में शुभा मुदगल ने चार बच्चों को गायन के लिए बुलाया और यशराज उनमें से मुख्य कलाकार थे | आप एहसास एकेडमी पलवल से संगीत साधना कर रहे हैं, हाल ही में गुलाम अली को वीडियो कॉल पर उन्हीं की ग़ज़लें सुनाकर उनसे आशीर्वाद लिया। साथ ही जोधपुर की उभरती युवा गायिका रागिनी चौहान भी गीतों और ग़ज़लों की प्रस्तुति दी, उन्होंने “सुनियो जी अर्ज हमारी” गायन प्रस्तुति दी। रागिनी का परिचय देते हुए बताया कि रागिनी एक संगीत से जुड़े परिवार से हैं इसलिए गायन इन्हें विरासत में मिला है | डाॅ. अनुपराज पुरोहित के स्वरांगन से आप विधिवत्त संगीत सीख रही हैं और कई स्थान पर गीत, ग़ज़ल, भजन आदि की प्रस्तुति दे चुकी है |
संगीत कलाकारों में हारमोनियम पर हर्ष चौहान, कीबोर्ड पर अजय राजस्थानी, तबले पर राजन द्वारका, बांसुरी पर अविनाश पुरोहित और गिटार पर हर्षित ने सिरकत की। पंजाबी गाने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


