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Sunday, August 23, 2026, 8:43 am

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शिक्षा विभाग ने स्कूलों में छात्रों के धारदार हथियार एवं अन्य नुकीली वस्तुओं के साथ प्रवेश को लेकर जारी की गाइडलाइन

शिव वर्मा. जोधपुर

उदयपुर के स्कूल में हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद अब शिक्षा विभाग एक्टिव मोड में आ गया है। शनिवार को शिक्षा विभाग ने स्कूलों में छात्रों को लेकर गाइडलाइन जारी की है।

माध्यमिक शिक्षा राजस्थान (बीकानेर) के निदेशक  आशीष मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि उदयपुर के स्कूल में हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद अब शिक्षा विभाग एक्टिव मोड में आ गया है। शनिवार को शिक्षा विभाग ने स्कूलों में छात्रों को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसके बाद अब छात्र स्कूल में धारदार हथियार, चाकू, कैंची, छुरी के साथ ही किसी भी तरह की नुकीली वस्तु लेकर नहीं जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि विद्यालय के अध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों को गाइड करने के साथ ही, स्कूल बैग की चेकिंग भी की जाएगी। अगर इसके बावजूद किसी स्टूडेंट द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

स्कूल के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक सूचना चस्पा करनी होगी

माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक  आशीष मोदी ने बताया कि अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते हैं। ऐसे में छात्रों के लिए स्कूल सबसे सुरक्षित स्थान होना चाहिए। किसी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने यह गाइडलाइन जारी की है। इसके अंतर्गत विद्यालय में किसी तरह के नुकीले या धारदार उपकरण का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। नई गाइडलाइन को लेकर न सिर्फ स्कूल के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक सूचना लगाई जाएगी। बल्कि, प्रार्थना सभा में भी अध्यापक विद्यार्थियों को लगातार यह गाइडलाइन बताएंगे। ताकि प्रदेशभर के स्कूलों में किसी भी तरह के हिंसक घटनाक्रम को रोक जा सके।

अभिभावकों को करना होगा जागरूक

निदेशक  मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभिभावकों की भी जिम्मेदारी हैं कि वे अपने बच्चों को इन वस्तुओं के खतरों के बारे में जागरूक करें और उन्हें इस प्रकार की वस्तुएं विद्यालय में न लाने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही, उन्हें बच्चों के बैग की नियमित जांच करनी होगी। वहीं बच्चों के व्यवहार में परिवर्तन दिखते ही सजग होना होगा । इसके साथ ही वे शिक्षक से नियमित सम्पर्क में रहें । विद्यालय में यदि कोई विद्यार्थी धारदार हथियार या नुकीली वस्तु लेकर आता है तो संस्था प्रधान तुरंत उसके अभिभावक के सम्पर्क करें और आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थी के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करें। उन्होंने बताया कि विद्यालय का उद्देश्य है कि वे विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन के साथ-साथ एक सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षिक वातावरण देना भी है। साथ ही, समस्त संस्था प्रधान यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यालय का कोई भी विद्यार्थी हानि पहुँचाने वाली वस्तु को विद्यालय परिसर में लेकर नही आए, जिससे विद्यालय का वातावरण एवं अन्य विद्यार्थी को कोई हानि हो ।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor