कवयित्री : शुभा अवस्थी
बड़ों का दिया हुआ आशीर्वाद…
बड़ों का दिया हुआ आशीर्वाद..
और अपनों की दी गई शुभकामनायें
का कोई रंग नहीं होता….
पर जब यह रंग लाते हैँ तो….
जीवन में नये रंग भर जाते हैँ…
कुछ लोग किस्मत की तरह होते हैँ..
जो दुआओं से मिलते हैं…
कुछ लोग दुआ की तरह होते हैँ..
जो किस्मत बदल देते हैं…
डाली से टूटा हुआ फूल..
फिर से नहीं लग सकता है..
मगर डाली मजबूत हो तो..
उसपर नया फूल खिल सकता हैँ..
इसी तरह जिंदगी में..
खोए हुए पल फिर से ला नहीं सकते…
मगर जिंदगी को हौसले या विश्वास
से जी तो सकते हैं….
जिंदगी बदल जाती है..
कुछ लोगो के आ जाने से..
उनके अपनापन से उनके विश्वास
और दिये गए सम्मान से…।
000









