ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ हो चुकी है। महात्मा गांधी अस्पताल की वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तेज कंवर सांखला ने लोगों से अपील की है कि लू-तापघात से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतें। अगर लोग सावधानियां बरतेंगे तो गर्मी से राहत मिलेगी…
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ हो चुकी है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लू, डिहाइड्रेशन, फूड पॉइजनिंग और तापघात जैसी स्वास्थ्य समस्याएं आम हो जाती हैं। महात्मा गांधी चिकित्सालय जोधपुर की वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तेज कंवर सांखला ने आमजन से अपील की है कि कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर गर्मी के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है और दैनिक कार्य भी सुचारू रूप से किए जा सकते हैं।
गर्मी में बरतें ये जरूरी सावधानियां:
1. धूप से बचाव: दोपहर 12 से 4 बजे तक बिना जरूरी काम के घर से न निकलें। बाहर निकलते समय छाता, टोपी, धूप का चश्मा और सूती कपड़े पहनें। हल्के रंग के ढीले कपड़े शरीर को ठंडा रखते हैं।
2. पानी है अमृत: दिनभर में 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं। प्यास न लगे तब भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। सफर में पानी की बोतल साथ रखें।
3. लू से बचें: तेज धूप से आकर तुरंत AC या कूलर के सामने न बैठें। शरीर का तापमान सामान्य होने दें। नंगे पैर धूप में न चलें।
क्या खाएं-पिएं:
1. लिक्विड डाइट बढ़ाएं: नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी, बेल का शरबत, सत्तू, आम का पना गर्मी में रामबाण हैं। ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बनाए रखते हैं।
2. मौसमी फल-सब्जी: खरबूजा, तरबूज, खीरा, ककड़ी, कच्चा प्याज, पुदीना, टमाटर, लौकी, तोरई, गिलोय का सेवन करें। इनमें पानी की मात्रा 90% तक होती है।
3. इनसे बचें: तली-भुनी चीजें, ज्यादा मिर्च-मसाला, बासी खाना, बाहर के कटे फल, कोल्ड ड्रिंक और शराब से बचें। ये डिहाइड्रेशन और फूड पॉइजनिंग करते हैं।
जीवनशैली में बदलाव:
1. दिनचर्या: सुबह जल्दी उठकर टहलें या योग करें। दोपहर में 15-20 मिनट आराम करें। रात का भोजन हल्का व सुपाच्य लें।
2. त्वचा व आंखों की देखभाल: दिन में 2-3 बार चेहरा धोएं। आंखों को बार-बार ठंडे पानी से धोएं। सनस्क्रीन लगाएं।
3. बच्चे-बुजुर्गों का विशेष ध्यान: छोटे बच्चे और 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को लू जल्दी लगती है। उन्हें लगातार पानी पिलाते रहें और धूप से बचाएं।
4. कार्यस्थल पर सावधानी: जो लोग धूप में काम करते हैं वे हर घंटे 5 मिनट छांव में बैठें, सिर को गीले कपड़े से ढकें और ORS का घोल पीते रहें।
लू लगने के लक्षण व प्राथमिक उपचार :
अचानक तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, शरीर का गर्म होना, पसीना बंद हो जाना लू के लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत छांव में लिटाएं, कपड़े ढीले करें, सिर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें, प्याज का रस या ORS पिलाएं और नजदीकी अस्पताल ले जाएं। गर्मी को दुश्मन नहीं, दोस्त बनाएं। थोड़ी सावधानी और सही दिनचर्या से आप गर्मी में भी पूरी ऊर्जा के साथ अपना काम कर सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।








