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Sunday, August 23, 2026, 9:19 am

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कार्यशालाओं से प्राप्त शिक्षण अनुभव विद्यालय स्तर तक पहुंचे : मीना 

राइजिंग भास्कर. जोधपुर

शेरगढ़ ब्लॉक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से मंगलवार को क्लस्टर स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। केआरपी दिलीप कुमार मीना ने बताया कि शेरगढ़ ब्लॉक में कुल छह क्लस्टर बनाए गए हैं – राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शेरगढ़, राजकीय माध्यमिक विद्यालय चुतरपुरा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सोइन्तरा, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सोलंकिया तला, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सोमेसर, शहीद दमाराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चाबा । जहां 23 सितंबर को हिंदी एवं पर्यावरण विषय पर तथा 24 सितंबर को गणित एवं अंग्रेजी विषय पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशालाओं में शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में उपयोगी नवीन तकनीकों, शिक्षण विधियों एवं बाल-केंद्रित गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही कार्यशालाओं से प्राप्त शिक्षण अनुभव विद्यालय स्तर तक पहुंचे जिससे इसका लाभ अधिक से अधिक बच्चों को मिले यह सुनिश्चित किया जाए। प्रथम दिवस में हिंदी और पर्यावरण अध्ययन विषय से जुड़े शिक्षकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व कार्यशालाओं की समीक्षा की गई तथा आगामी योजनाओं पर चर्चा की गई। पाठ्यक्रमणीय उद्देश्य, ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया, रिफ्लेक्टिव प्रश्न निर्माण, एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग (ABL) पद्धति और प्रखर राजस्थान अभियान , शिक्षकों को रिसोर्स स्कूल में पाक्षिक योजनानुसार पाठ प्रस्तुतिकरण की पद्धति और बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

कार्यशाला के दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जैतसिंह राठौड़ ने शेरगढ़ क्लस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यशालाओं में सीखी गई बातों को विद्यालय स्तर पर कक्षाओं में लागू करना आवश्यक है। बाल केंद्रित गतिविधियों के जरिए बच्चों में सीखने की रुचि जागृत होती है और उनके द्वारा प्राप्त ज्ञान दीर्घकालिक होता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों में रचनात्मकता, संवाद क्षमता और समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, जिसे इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से सुदृढ़ किया जा सकता है। कार्यशाला में खेतसिंह राठौड़, दिलीप कुमार मीना, प्रदीप कुमार दघीच, सुरेंद्र कुमार मीणा, कमलेश कुमार मीणा, महेंद्र कुमार मीणा, हिम्मत सिंह उज्जवल और रामू राम केआरपी के रूप में सक्रिय रहे। इसके अलावा पहेप सिंह राठौड़, मग सिंह, शिवकुमार, विक्रमसिंह, देवीलाल सुथार, कंचन, राकेश कुमार, दिनेश कुमार, भोजराज सिंह, राजेश परमार, चैन सिंह राठौड़, हपा राम, महेश वर्मा, रामवीर और जालम सिंह सहित अनेक शिक्षकगण मौजूद रहे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor