उत्कर्ष ग्रुप के फाउंडर शिक्षाविद् निर्मल गहलोत ने कहा कि “हममें से कई लोगों के पास परिवार और मित्र हैं, जो हमारी देखभाल करते हैं, किंतु समाज में ऐसे भी अनेक लोग हैं जो जीवन के अंतिम पड़ाव पर अकेले रह गए हैं। टाइम बैंक ऐसा मंच है जहां वृद्धावस्था में कोई स्वयं को बेसहारा महसूस नहीं करेगा।
दिलीप कुमार पुरोहित. ब्रजेश सिंघवी. जोधपुर
समाज में सेवा और संवेदना का नया अध्याय रचते हुए टाइम बैंक ऑफ इंडिया, सरदारपुरा चैप्टर (342003) का विधिवत शुभारंभ रविवार को स्थानीय गीता भवन प्रांगण में हुआ। “हम शोर नहीं करते, सेवा करते हैं” के मूल उद्देश्य को आत्मसात करते हुए यह आयोजन समाज के उन वर्गों के लिए समर्पित रहा जो अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर अकेलेपन से गुजर रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों में अग्रणीय उत्कर्ष ग्रुप के फाउंडर शिक्षाविद् निर्मल गहलोत ने किया। मध्यान्ह दो बजे आरंभ हुए समारोह में आगंतुक अतिथियों का पारंपरिक स्वागत चैप्टर के एडमिन रवि सुराणा एवं टीम के सदस्यों द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में समाजसेवियों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों और शिक्षाविदों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने “समयदान” की इस अभिनव संकल्पना को समाज में प्रसारित करने का आह्वान किया।
समय देने वाला ही समाज का सच्चा पूंजीपति है : निर्मल गहलोत
मुख्य अतिथि निर्मल गहलोत ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “हममें से कई लोगों के पास परिवार और मित्र हैं, जो हमारी देखभाल करते हैं, किंतु समाज में ऐसे भी अनेकों लोग हैं जो जीवन के अंतिम पड़ाव पर अकेले रह गए हैं। टाइम बैंक ऐसा मंच है जहां वृद्धावस्था में कोई स्वयं को बेसहारा महसूस नहीं करेगा।”उन्होंने कहा कि सेवा का मूल्य धन से नहीं, समय से आंका जाना चाहिए। समय देने वाला व्यक्ति ही समाज का सच्चा पूंजीपति है।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी स्थान मिला : डॉ. रवि गुप्ता
इस अवसर पर आशा ज्ञान विज्ञान फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि टाइम बैंक ऑफ इंडिया देश का पहला टाइम बैंक है, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी स्थान प्राप्त हुआ है। बीवीआर प्रतिष्ठान के पारसचंद भंडारी ने कहा कि यह संस्था “समय” को सामाजिक मुद्रा के रूप में उपयोग कर सेवा और सहयोग की नई परिभाषा गढ़ रही है।
अकेलेपन और मानसिक एकाकीपन से जूझे रहे वरिष्ठ नागरिकों को संबल मिलेगा : राजेंद्र जैन
आई बैंक सोसाइटी राजस्थान जोधपुर चैप्टर के अध्यक्ष राजेन्द्र जैन ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि शहर में ऐसे मंच की शुरुआत से अकेलेपन और मानसिक एकाकीपन से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों को नया संबल मिलेगा। आरएसएस के वरिष्ठ सदस्य विजय अग्रवाल ने बताया कि “समाज तभी प्रगतिशील कहलाएगा जब वह अपने बुजुर्गों को सम्मान और सहारा दोनों प्रदान करेगा।”
स्वास्थ्य, संगति और सम्मान के माध्यम से जीवन का उत्साह बनाए रखेंगे : मनीष मेहता
फॉर्च्यून ग्रुप के निदेशक मनीष मेहता ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “टाइम बैंक” जैसे मंच बुजुर्गों को न केवल मानसिक सहारा देंगे बल्कि स्वास्थ्य, संगति और सम्मान के माध्यम से उन्हें जीवन का उत्साह पुनः देंगे।
एडमिन रवि सुराणा ने टाइम बैंक की कार्यप्रणाली समझाई :
इस अवसर पर एडमिन रवि सुराणा ने टाइम बैंक की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि —“किसी भी व्यक्ति द्वारा सेवा में दिया गया समय बैंक में जमा हो जाता है। भविष्य में जब उसे स्वयं सेवा की आवश्यकता होगी, वह उतने ही घंटों की सेवा वापस प्राप्त कर सकता है। पाली स्थित राम रसोड़े के ट्रस्टी जयनारायण अरोड़ा ने इस मौके पर बताया कि टाईम बैंक ‘समय आधारित विनिमय प्रणाली’ समाज में आत्मनिर्भरता और संवेदना का सुंदर संतुलन स्थापित करती है।” फिफ्टीन एडी प्रतिष्ठान के प्रबन्धक स्नेल नायर ने कहा कि जालोरी गेट बाहरी क्षेत्र, सरदारपुरा, शास्त्री नगर, प्रताप नगर और भगत की कोठी क्षेत्र में ऐसे कई बुजुर्ग हैं जिनके अपने सगे-संबंधी विदेश या अन्य शहरों में रहते हैं। ऐसे वरिष्ठ नागरिक मोबाइल नंबर 8233670000 पर संपर्क कर सहायता हेतु टाइम बैंक टीम से जुड़ सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य किसी को भी “अकेला” महसूस न होने देना है
गीता भवन के सचिव राजेश लोढ़ा ने इस पावन उद्देश्य को देखते हुए कार्यक्रम के लिए हॉल की निशुल्क व्यवस्था की और कहा कि “यदि हर संस्था अपने स्तर पर सेवा को अपनाए, तो समाज में किसी के भी जीवन में अंधकार न रहेगा।” करीब दो घंटे तक चले इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में पचास से अधिक सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज कराई और “समयदान – जीवनदान” का संकल्प लिया।
मीटिंग उपरांत सदस्यों ने शास्त्री नगर स्थित ‘अपना घर’ जाकर “Silent Service” का शुभारंभ किया, जहां सभी ने मौन रहकर बुजुर्गों के साथ समय बिताया और संवेदना के उस क्षण को समाज सेवा का उत्सव बना दिया।
यह आयोजन इस संदेश के साथ समाप्त हुआ कि “समाज की सच्ची शक्ति उसके उन हाथों में है जो सेवा करते हैं, और उन दिलों में है जो समय देते हैं।” इस शुभारंभ बैठक में कचरे से सोना बनाने वाले समाजसेवी केवलचंद कोठारी भी मौजूद थे। उन्होंने अतिथियों का सम्मान भी किया। केवलचंद कोठारी के जज्जे के बारे में भी बताया गया। इस मौके पर जयप्रकाश स्वर्णकार, राजेंद्र मोहनोत, श्री जागृति संस्थान के अध्यक्ष राजेश भैरवानी पुत्र लोंगमल भैरवानी, महेंद्र संचेती, सिटी एडमिन सुश्री स्नेहलता कुम्भट, भूपेन्द्र मंडोली, श्रीमती आशा पाराशर, दिलीप पुरोहित, धीरेन्द्र सिंघवी, केवल कोठारी, पंकज मालपानी, अनिल लिंबा, सुधीर शारड़ा, भूपेंद्र मंढोली, मोहन मेडतिया, ऋचा शरद अग्रवाल, महेंद्र संचेती आदि ने भाग लिया।












