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Sunday, August 23, 2026, 7:21 pm

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राइजिंग भास्कर मीडिया ग्रुप को दिवाली पर बड़ा तोहफा, अनिल अंबानी ने दिया 100 करोड़ सहयोग का प्रस्ताव

राही शुभम. मुंबई 

दिवाली से पहले मीडिया जगत में एक बड़ी खबर ने हलचल मचा दी है। सूत्रों के अनुसार उद्योगपति अनिल अंबानी ने उभरते मीडिया नेटवर्क Rising Bhaskar ग्रुप के साथ हाथ मिलाने की पहल करते हुए 100 करोड़ रुपये के सहयोग का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव सीधे तौर पर ग्रुप के सीईओ एवं ग्रुप एडिटर दिलीप कुमार पुरोहित को भेजा गया है।

दिलचस्प बात यह है कि इस संभावित साझेदारी को लेकर मुकेश अंबानी की भी सहमति बताई जा रही है, जिसे देखते हुए यह सौदा सिर्फ कारोबारी नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मीडिया और कॉर्पोरेट जगत में यह पहली बार होगा जब अंबानी ब्रदर्स का अप्रत्यक्ष रूप से किसी एक मीडिया हाउस को संयुक्त समर्थन प्राप्त होगा।

दिवाली के बाद होगी निर्णायक बैठक

राइजिंग भास्कर ग्रुप के प्रमुख दिलीप कुमार पुरोहित ने पुष्टि करते हुए बताया कि “हां, प्रस्ताव मिला है, लेकिन विस्तृत बातचीत दिवाली के बाद होगी”। अनिल अंबानी ने पुरोहित को दिवाली के बाद मुंबई बुलाया है, जहां साझेदारी की शर्तों पर अंतिम चर्चा होगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह साझेदारी?

Rising Bhaskar तेजी से उभरता हुआ डिजिटल  मीडिया प्लेटफॉर्म है, जिसने हाल के वर्षों में अपनी बेबाक पत्रकारिता और ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए पहचान बनाई है।

दूसरी ओर, अनिल अंबानी बीते कुछ वर्षों से अपनी व्यवसायिक छवि को पुनः मजबूत करने के प्रयास में हैं।

मीडिया में निवेश को उनकी री-एन्ट्री स्ट्रैटेजी का हिस्सा माना जा रहा है।

यदि यह निवेश औपचारिक रूप से हो जाता है तो Rising Bhaskar देश के उन चुनिंदा मीडिया हाउस में शामिल हो जाएगा जिन्हें बड़े कॉर्पोरेट समर्थन के साथ स्वतंत्र संपादकीय छूट भी प्राप्त होगी।

सवाल और संभावनाएं

इस सौदे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि क्या इस गठजोड़ का प्रभाव संपादकीय स्वतंत्रता पर पड़ेगा या Rising Bhaskar अपनी मौजूदा स्वतंत्र आवाज़ को बरकरार रखेगा?

वहीं मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि 100 करोड़ का निवेश किसी भी उभरते मीडिया नेटवर्क के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब पारंपरिक मीडिया संस्थान आर्थिक संकटों से जूझ रहे हैं।

फिलहाल आधिकारिक घोषणा भले ही दिवाली के बाद हो, लेकिन इस प्रस्ताव ने मीडिया सर्किल में उत्सुकता और चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है। यदि यह साझेदारी साकार होती है, तो Rising Bhaskar मीडिया उद्योग में एक नई शक्ति के रूप में उभर सकता है — और शायद यह संकेत भी हो कि भारतीय मीडिया में एक नया ‘अंबानी युग’ शुरू होने वाला है।

अब सबकी नजरें दिवाली के बाद होने वाली मुंबई बैठक पर टिकी हुई हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor