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Sunday, August 23, 2026, 9:30 am

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“रक्तदान महादान” – जोधपुर में केयर फाउंडेशन का सराहनीय प्रयास, 51 यूनिट रक्त संग्रह

एक यूनिट रक्त से तीन जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। दुर्घटना, ऑपरेशन, डिलीवरी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में रक्त की तत्काल जरूरत पड़ती है। वहीं थैलेसीमिया एक ऐसी आनुवंशिक बीमारी है जिसमें मरीज को हर 15-20 दिन में रक्त चढ़ाना पड़ता है।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

“रक्तदान है जिंदगी का दान” इस पवित्र भावना के साथ केयर फाउंडेशन जोधपुर द्वारा शहर में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। बढ़ती रक्त की कमी और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की पीड़ा को देखते हुए आयोजित इस शिविर में 51 यूनिट रक्त संग्रह कर मानवता की मिसाल पेश की गई।

रक्तदान क्यों जरूरी है?

विशेषज्ञों के अनुसार एक यूनिट रक्त से तीन जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। दुर्घटना, ऑपरेशन, डिलीवरी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में रक्त की तत्काल जरूरत पड़ती है। वहीं थैलेसीमिया एक ऐसी आनुवंशिक बीमारी है जिसमें मरीज को हर 15-20 दिन में रक्त चढ़ाना पड़ता है। जोधपुर संभाग में ऐसे सैकड़ों बच्चे हैं जिनकी जिंदगी आपके एक यूनिट रक्त पर टिकी है। आपका दिया हुआ रक्त किसी मासूम की मुस्कान लौटा सकता है, किसी माँ की गोद सूनी होने से बचा सकता है।

गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाया हौसला

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. निर्मल गहलोत (उत्कर्ष) ने कहा कि “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं।” पूर्व महापौर श्रीमती कुंती देवड़ा ने युवाओं से अपील की कि वे नियमित रक्तदान करें। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अधीक्षक फतेह सिंह ने बताया कि गर्मियों में रक्त की किल्लत बढ़ जाती है, ऐसे में ये शिविर संजीवनी है। इस अवसर पर नरेंद्र कच्छवाह, शिवकुमार सोनी, RNA के पूर्व अध्यक्ष जगदीश जाट, डॉ. बी. एल. सारस्वत (सहायक निदेशक, महिला एवं बाल संरक्षण विभाग), करण सिंह, विजयराज शर्मा, करण सिंह राठौड़, श्रीमती मधु शिवराजन, डॉ. रफीक मेहर एवं डॉ. इंसाफ खान उपस्थित रहे।

टीम वर्क से मिली सफलता

शिविर का सफल संचालन ब्लड डोनेशन कैंप इंचार्ज मुहम्मद तौसीफ ने किया। संस्थापक साबिर खान एवं सैय्यद कासिफ रजा के नेतृत्व में संरक्षक नासिर अली सैयद, अब्दुल रहीम सांखला, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी श्रीमती तेज कंवर सांखला, यूसुफ खान कायमखानी, रितेश सिसोदिया, मोहम्मद छोटू घोसी एवं फारुख मेहर ने व्यवस्थाएं संभाली। सहयोगी सोहेल अहमद (JD), रमीज अहमद (JD), मुहम्मद अकरम सहित सभी कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर शिविर को सफल बनाया।

केयर फाउंडेशन का संकल्प

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि केयर फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। भविष्य में भी थैलेसीमिया जागरूकता, नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण जैसे जनहितकारी अभियान चलाए जाएंगे।

अंत में संदेश:

“करके देखो अच्छा लगता है” – रक्तदान कीजिए, क्योंकि आपका 15 मिनट किसी को पूरी जिंदगी दे सकता है। सभी रक्तदाताओं का केयर फाउंडेशन हृदय से आभार व्यक्त करता है।

“एक यूनिट रक्त = तीन मुस्कुराहटें”

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor