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Sunday, October 18, 2026, 8:03 am

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Lifestyle

देने में आत्मसंतुष्टि, यही जीवन की सार्थकता

जरूरतमंदों की मदद और ज्ञान बांटने से बढ़ती है जीवन की खुशी

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

दूसरों की मदद करना और अपने ज्ञान को समाज के हित में बांटना जीवन को सार्थक बनाता है। मनुष्य को केवल लेने की प्रवृत्ति नहीं, बल्कि देने की आदत विकसित करनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य भी केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का पूर्ण विकास करना है। मन, शरीर और बुद्धि में संतुलन जरूरी है। जीवन में समय और आत्मबोध का महत्व समझकर हमें अपनी क्षमताओं का उपयोग समाज के निर्माण में करना चाहिए। देने से आत्मसंतुष्टि मिलती है और सहयोग की भावना मजबूत होती है। यही जीवन की वास्तविक सफलता और सार्थकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor