550 से अधिक पृष्ठों में विस्तृत यह पुस्तक साइबर अपराध के विविध आयामों का व्यापक एवं गहन विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें साइबर धोखाधड़ी, फिशिंग, पहचान की चोरी, ऑनलाइन वित्तीय ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, डिजिटल कमजोरियों, उभरते तकनीकी खतरों, जांच संबंधी चुनौतियों, कानूनी एवं नियामकीय पहलुओं तथा साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों को समाहित किया गया है।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
डिजिटल लेन-देन के अभूतपूर्व विस्तार तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं एवं जटिलता के वर्तमान दौर में वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं लेखक सीए अनिल के. जैन की नवीनतम पुस्तक ‘साइबर क्राइम्स’ प्रकाशित हुई है। पुस्तक का उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संस्थागत तैयारी, डिजिटल सतर्कता और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।
550 से अधिक पृष्ठों में विस्तृत यह पुस्तक साइबर अपराध के विविध आयामों का व्यापक एवं गहन विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें साइबर धोखाधड़ी, फिशिंग, पहचान की चोरी, ऑनलाइन वित्तीय ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, डिजिटल कमजोरियों, उभरते तकनीकी खतरों, जांच संबंधी चुनौतियों, कानूनी एवं नियामकीय पहलुओं तथा साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों को समाहित किया गया है।
विषय की व्यापकता एवं गहनता को देखते हुए ‘साइबर क्राइम्स’ के कानून-प्रवर्तन संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों, जांच एजेंसियों, भारतीय न्यायपालिका के सदस्यों, विधि विशेषज्ञों, अधिवक्ताओं, कानून के विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, व्यावसायिक संस्थानों तथा आम नागरिकों के लिए एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ के रूप में स्थापित होने की संभावना है। तकनीकी विषय होने के बावजूद पुस्तक को सरल एवं बोधगम्य शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि सामान्य पाठक भी साइबर खतरों को समझकर आवश्यक सावधानियां अपना सकें।
पुस्तक का प्रकाशन अहिंसा फाउंडेशन के सौजन्य एवं प्रायोजन से किया गया है। इसकी विशेषता यह है कि पुस्तक से प्राप्त होने वाली संपूर्ण आय धर्मार्थ एवं मानव-कल्याण के कार्यों के लिए समर्पित की जाएगी। इस प्रकार यह प्रकाशन ज्ञान एवं जागरूकता के प्रसार के साथ एक व्यापक परोपकारी और मानवीय उद्देश्य से भी जुड़ा है।
चार दशकों से अधिक के व्यावसायिक अनुभव वाले सीए अनिल के. जैन ने अपने पेशेवर जीवन के साथ राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व के विषयों में निरंतर रुचि रखी है। उनकी पूर्व प्रकाशित पुस्तकों में ‘River Water Recharge Wells’ और ‘Bharat: The Development Dilemma’ शामिल हैं, जो क्रमशः जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा भारत की विकास संबंधी चुनौतियों पर केंद्रित हैं।
‘साइबर क्राइम्स’ के माध्यम से जैन का संदेश है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का अनिवार्य अंग है। उनका मूल संदेश है—“तकनीकी प्रगति के साथ ज्ञान, सतर्कता और जिम्मेदार डिजिटल आचरण आवश्यक है; और ज्ञान की सर्वोच्च सार्थकता मानवता एवं समाज के कल्याण में निहित है।”
Available on Amazon and Flipkart ( Price Rs.4400.00) Platform & also with Ahimsa Foundation (Special Price of Rs.2200.00). Details: Hard Cover, Pages: 550,Size 20*29cms, Email : caindia@hotmail.com



